ePaper

नौनिहालों को दवा पिलाकर सीएस ने की पल्स पोलियो अभियान की शुरुआत

Updated at : 17 Nov 2024 8:15 PM (IST)
विज्ञापन
नौनिहालों को दवा पिलाकर सीएस ने की पल्स पोलियो अभियान की शुरुआत

बच्चों को जरूर पिलाएं पोलिया की दवा

विज्ञापन

पांच दिवसीय अभियान के क्रम में 7.32 लाख बच्चों का दवा पिलाने का है लक्ष्य

फोटो-21-बच्चों को दवा पिलाते स्वास्थ्य अधिकारी. प्रतिनिधि, अररियाजिले में पांच दिवसीय पल्स पोलियो अभियान रविवार से शुरू हुआ. इसे लेकर जोकीहाट रेफरल अस्पताल में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान सिविल सर्जन डॉ केके कश्यप ने नौनिहालों को दो बूंद पोलियो की दवा पिलाकर अभियान का उद्घाटन किया. मौके पर जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ मोईज, डीपीएम संतोष कुमार, रेफरल अस्पताल के प्रभारी डॉ राजा राम चौधरी, डब्ल्यूएचओ के आरआरटी डॉ जुनैद शफात, यूनिसेफ के एसएमसी आदित्य कुमार सिंह, यूएनडीपी के वीसीसीएम शकील आजम बीएचएम प्रवीण कुमार, बीसीएम सरवर आलम सहित अन्य स्वास्थ्य अधिकारी मौजूद थे. वहीं जिले के अन्य प्रखंडों में संबंधित प्रखंड के बीडीओ, एमओआईसी व प्रखंड प्रमुख द्वारा बच्चों को दवा पिलाकर अभियान का उद्घाटन किया गया. सिविल सर्जन डॉ केके कश्यप ने कहा कि दो बूंद पोलियो की दवा बच्चों को पोलियो जैसे गंभीर रोग से पूर्ण सुरक्षा प्रदान करता है. पोलियो को बच्चों में विकलांगता का प्रमुख कारण बताते हुए उन्होंने तमाम अभिभावकों से अपने पांच साल से कम उम्र के सभी बच्चों को प्रमुखता के आधार पर पोलियो की दवा पिलाने का अनुरोध किया.

बनाये गये हैं 1406 टीकाकरण दल व 216 ट्रांजिट टीम

जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ मोईज ने बताया कि अभियान के क्रम में शून्य से पांच साल तक के 7.32 लाख बच्चों को पोलियो की दवा पिलाने के लिए 216 ट्रांजिट टीम बनाये गये हैं. जो बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, प्रमुख चौक-चौराहों से होकर गुजरने वाले बच्चों को दवा पिलाने का काम करेंगे. घर-घर जाकर बच्चों को पोलियो की दवा पिलाने के लिए कुल 1406 टीकाकरण दल का गठन किया गया है. अभियान की सफलता को लेकर कुल 517 पर्यवेक्षक बहाल किये गये हैं. वहीं ईंट भट्ठा, बाजार सहित अन्य जगहों पर बच्चों को दवा पिलाने के लिए कुल 38 मोबाइल टीम का गठन किया गया है.

अभी भी बरकरार है संक्रमण का खतरा

स्वास्थ्य विभाग के जिला कार्यक्रम प्रबंधक संतोष कुमार ने बताया कि वर्ष 2009 के बाद जिले में पोलियो का कोई नया मामला सामने नहीं आया है. लेकिन पड़ोसी देश पाकिस्तान, अफगानिस्तान जैसे देशों में पोलियो का संक्रमण अभी भी जारी है. इससे संक्रमण के प्रसार का खतरा अभी भी बरकरार है. दुनिया में कहीं भी पोलियो का एक भी मामला होने पर दूसरे मुल्कों में भी इसके प्रसार की संभावना बनी रहेगी. लिहाजा पोलियो के खिलाफ हमें अपने सुरक्षा तंत्र को ज्यादा मजबूत करने की जरूरत है. जो शत-प्रतिशत बच्चों का दो बूंद पोलियो की दवा पिलाकर ही संभव है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
Prabhat Khabar News Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar News Desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन