महिला सशक्तिकरण के लिए अंजना सिंह ने किया सराहनीय कार्य, बनी रोल मॉडल

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सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ आंदोलन को लेकर मिला है कई अवॉर्ड

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बालिका शिक्षा, दहेज प्रथा, नशा मुक्ति, बाल विवाह के खिलाफ चलाया जागरूकता अभियान अररिया. सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ जन आंदोलन व जागरूकता के क्षेत्र में अपने बेहतर कार्य के लिए आज बिहार की बेटी अंजना सिंह किसी परिचय की मोहताज नहीं हैं. अंजना सिंह एक सरकारी विद्यालय में प्रधानाध्यापक के रूप में कार्यरत होने के साथ साथ सामाजिक क्षेत्र में अपना अहम योगदान दे रही हैं. अंजना सिंह एक बेहतर शिक्षिका के साथ साथ बिहार राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ की सचिव के अलावा अंतरराष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग महिला विंग की बिहार की अध्यक्ष भी हैं. उन्होंने अपना पूरा जीवन शिक्षा के लिए समर्पित कर दिया. साथ ही वो सामाजिक कुरीतियों से समाज में हो रहे बुराइयों के खिलाफ जन-आंदोलन करने का काम कर रही हैं. अंजना सिंह अपने अररिया आगमन के दौरान पत्रकारों से रु-ब-रु होते हुए बताया कि बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने, दहेज जैसे कुप्रथा के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाने के साथ साथ बाल विवाह, बाल श्रम से मुक्त कराने का लगातार काम किया है. उन्होंने कहा कि मैंने हमेशा पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए उनका साथ दिया है. साथ ही मानव व्यापार व नशा मुक्ति के लिए जन जागरण अभियान चलाया. पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने का काम किया है. मानव अधिकारों की रक्षा, बालिका सुरक्षा व महिला सशक्तिकरण के लिए लगातार काम कर रही है. यही कारण है कि उनके बेहतर कार्य को लेकर कई प्रतिष्ठित पुरस्कार प्राप्त हो चुका है. मालूम हो कि अंजना सिंह के पिता शिक्षा विभाग में जिला शिक्षा पदाधिकारी के पद पर रह चुके हैं. आज अपने बेहतर कार्य व समर्पण के कारण बिहार में अपनी एक अलग पहचान बनाई है. उन्होंने कहा कि बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ सिर्फ एक नारा बन कर नहीं रह जाए. बल्कि इसके लिए सभी को मिलजुलकर प्रयास करने की जरूरत है. तभी हम अपनी महिलाओं की सामाजिक, आर्थिक व राजनीतिक तौर पर सशक्त कर विकास की मुख्यधारा से जोड़ सकते हैं. उन्होंने महिलाओं से भी अपील किया कि जुल्म व शोषण के खिलाफ खुद भी आवाज बुलंद करें. तभी हम आत्मनिर्भर व सुरक्षित रह सकते हैं. उन्हें अंतरराष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग बिहार के द्वारा मोस्ट एनर्जेटिक व सुंदर महिला के खिताब नवाजा गया है. साथ ही कोरोना काल में बेहतर कार्य के लिए भी कई संस्था द्वारा इन्हें सम्मानित किया गया है. आज बिहार में अपने बेहतर कार्य के लिए एक गौरव व प्रतिष्ठित महिला में इनका सुमार होता है. आज वो महिलाओं के लिए रोल मॉडल बन चुकी है.

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मृगेंद्रमणि सिंह

लेखक के बारे में

By मृगेंद्रमणि सिंह

मृगेंद्रमणि सिंह प्रिंट माध्यम में 16 और डिजिटल माध्यम में पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. प्रभात खबर के अररिया कार्यालय में कार्यरत हैं. सामाजिक सरोकार, अपराध, शिक्षा, राजनीतिक खबरों में रुचि रखते हैं.

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