जिला स्थापना दिवस आज : 30 वर्षों के सफर में विकास की रोशनी से जगमगाया है अररिया, बाढ़ से निजात के ठोस उपाय जरूरी

Updated at : 14 Jan 2020 9:01 AM (IST)
विज्ञापन
जिला स्थापना दिवस आज : 30 वर्षों के सफर में विकास की रोशनी से जगमगाया है अररिया, बाढ़ से निजात के ठोस उपाय जरूरी

मृगेंद्र मणि सिंह, अररिया : वैसे तो अररिया अपना 30 वां स्थापना दिवस को मनाने की तैयारियों को अंतिम रूप दे चुका है. मंगलवार को जिला स्थापना दिवस को ले कई सांस्कृतक कार्यक्रम को भव्यता के साथ आयोजित किया जायेगा. लेकिन अररिया जिला का जब भी नाम लिया जायेगा तो इस मिट्टी से साहित्य की […]

विज्ञापन

मृगेंद्र मणि सिंह, अररिया : वैसे तो अररिया अपना 30 वां स्थापना दिवस को मनाने की तैयारियों को अंतिम रूप दे चुका है. मंगलवार को जिला स्थापना दिवस को ले कई सांस्कृतक कार्यक्रम को भव्यता के साथ आयोजित किया जायेगा. लेकिन अररिया जिला का जब भी नाम लिया जायेगा तो इस मिट्टी से साहित्य की सौंधी सुगंध जरूर आयेगी. रेणु माटी का चिरपरिचित महक को निखारने के लिए जिले में प्राचीण इतिहास के पांडवकालीन साक्ष्य तो वीर घुगली व मुगलकालीण अवशेषों ने जिले के प्रति इतिहासकारों की जिज्ञासा को भी बढ़ाया है.

इसे झुठलाया नहीं जा सकता है. हम उन्हें भी नहीं भूल सकते जो कि एक अनपढ़ महिला होने के बावजूद शिक्षा की लौ जिले में फैले महिलाओं में शिक्षा का दायरा बढ़े इसको लेकर उन्होंने कई शैक्षणिक संस्थान खोले. जी हां व पद्मश्री कलावती देवी जिन्हें पद्मश्री से भारत सरकार ने अलंकृत किया था. यह तो जिले के इतिहास को बताती एक दिल की छुने वाली एहसास है.

जब भी जिले का स्थापना दिवस हम मनायेंगे तो हमें अतीत के संघर्षों को भी याद करना होगा. अंग्रेजीकाल में वर्ष 1864 में अररिया को अनुमंडल का दर्जा मिला था. लंबे जद्दोजहद व संघर्ष के बाद 14 जनवरी 1990 को तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ जगरनाथ मिश्रा की सरकार ने अररिया को जिला दर्जा दिया. लेकिन जिला बनाने को लेकर संघर्ष का लंबा इतिहास रहा है. तत्कालीन विधायक स्व तस्लीमउद्दीन, हलीमउद्दीन, मो यासीन, रामेश्वर यादव, डॉ आजम, नगर पालिका के तत्कालीन अध्यक्ष अधिवक्ता हंसराज प्रसाद, विरेंद्र शरण, मो ताहा, गौरी शंकर सिंह यादव समान कई लोग इस संघर्ष को गति देते रहें.

धरणा व प्रदर्शन का दौर जारी रहा और अंतत: सरकार को अररिया को जिले का दर्जा दिया गया. जिला बनने के बाद विकास की रफ्तार भी तेज हुई. आधारभूत संरचनाओं का निर्माण हुआ. सड़के बनी, सड़कों का जाल बिछा, बिजली की रौशनी से जिले का गांव रौशन हुआ. स्वास्थ्य सुविधाएं भी बढ़ी. शिक्षा के क्षेत्र में भी तरक्की हुई है. कई शैक्षणिक संस्थाओं की स्थापना हुई तो अब जिले में पॉलटेक्निक संस्था खुलें तो एएनएम कॉलेज का निर्माण चल रहा है.

इंजीनियरिंग कॉलेज निर्माणाधीन है. मेडिकल कॉलेज को ले जमीन तलाश ली गयी है. जाहिर सी बात है जिले के निर्माण के बाद विकास की रौशनी तेजी से बढ़ रही है. एक बात की टीस तब जरूर होती है जब जिले में उद्योग का विकास नहीं होता दिखता है. मक्का उद्योग, जूट उद्योग के समाप्ति के कारण किसानों की दशा खराब होती जा रही है. वहीं बाढ़ की त्रासदी जिले की नियति बन गयी है. इससे निजात दिलाने का ठोस प्रयास बांकी है. लेकिन इस विकास के रफ्तार में घपले, घोटालों का दागदार धब्बा भी लगता रहा है. अभी भी व्यवस्थाओं में सुधार की दरकार है.

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन