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100 एकड़ भूमि मुआवजे में फंसा है पेच, आवासीय रेट मांग रहे हैं रैयत

Updated at : 16 Mar 2019 7:16 AM (IST)
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100 एकड़ भूमि मुआवजे में फंसा है पेच, आवासीय रेट मांग रहे हैं रैयत

अररिया : गुरूवार को जिला भूअर्जन कार्यालय द्वारा संचालित भूअर्जन की विभन्नि परियोजनाओं की समीक्षा बैठक के दौरान मुआवजा भुगतान को लेकर कई तरह पेचीदगियों का खुलासा हुआ. समीक्षा बैठक की अध्यक्षता राज्य भूअर्जन विभाग के निदेशक ने की. समाहरणालय स्थित आत्मन हॉल में आयोजित समीक्षा बैठक की कार्यवाही के बाबत जिला भूअर्जन पदाधिकारी द्वारा […]

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अररिया : गुरूवार को जिला भूअर्जन कार्यालय द्वारा संचालित भूअर्जन की विभन्नि परियोजनाओं की समीक्षा बैठक के दौरान मुआवजा भुगतान को लेकर कई तरह पेचीदगियों का खुलासा हुआ. समीक्षा बैठक की अध्यक्षता राज्य भूअर्जन विभाग के निदेशक ने की.

समाहरणालय स्थित आत्मन हॉल में आयोजित समीक्षा बैठक की कार्यवाही के बाबत जिला भूअर्जन पदाधिकारी द्वारा जाराी प्रेस वज्ञिप्ति के मुताबिक बैठक के दौरान इस बात की जानकारी दी गयी कि भारत-नेपाल सीमा समानांतर सड़ि नर्मिाण परियाजना के तहत अर्जित 64 मौजा में से 16 मौजा में चकबंदी के आधार पर रैयतों को लगान रसीद नर्गित हो रहा है.
रैयतों का दखल आरएस के आधार पर है. ऐसी स्थिति के कारण लगभग एक सौ एकड़ भूमि के मुआवजा भुगतान में दक्कितें आ रही हैं. वहीं पथ प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता ने अधिकारियों को इस बात की भी जानकारी दी कि रैयत निबंधन कार्यालय द्वारा विनर्दिष्टि परिभाषा के आधार पर अर्जित भूमि मुआवजा के लिए आवासीय रेट पर भुगतान की मांग कर रहे हैं.
इसी को लेकर सड़क नर्मिाण में बाधा डाली जा रही है. वहीं इस क्रम में भूअर्जन पदाधिकारी ने कहा कि मामले को सुलझाने के लिए विभाग से मार्गदर्शन की मांग जिला से की गयी है.
सतत लीज नीति, 2014 के तहत जमीन लेने की दी गयी सलाह बैठक में ये भी सामने आया कि पीरगंज में एसएसबी की 52वीं वाहिनी की बाहरी चौकी के लिए अर्जित भूमि का लगान रसीद चकबंदी खतियान के आधार पर हो रहा है. यहां भी रैयतों का दखल आरएस के आधार पर है. वहां भी रैयतों को मुआवजा राशि का भुगतान प्रभावित हो रहा है.
वहीं इसी क्रम में विभाग के सहायक निदेशक ने एसएसबी के कमांडेंट को सीमा चौकी के लिए सतत लीज नीति, 2014 के तहत जमीन लेने की सलाह दिया गया. बैठक में उपस्थित एनएफ रेलवे, कटिहार के अधिकारी ने बताया कि अररिया-गलगलिया बड़ी रेल लाइन नर्मिाण परियोजना में अर्जित जमीन के रैयतों के सामने भूमि के नामांतरण एक बड़ी समस्या बनी हुई है.
वहीं मामले को गंभीरता से लेते हुए डीएम बैद्यानाथ यादव ने एडीएम अनिल कुमार ठाकुर से कहा कि वे राजस्व कर्मचारियों को आवश्यक नर्दिेश देने व मौजावार शिविर आयोजित कर म्यूटशन के लंबित मामले को नष्पिादित करने का निर्देश दिया.
बताया गया कि बैठक में एनएच-57 के कुछ रकबों के कस्मि नर्धिारण के लेकर आ रही परेशानियों पर भी अधिकारियोंने चर्चा की गयी. बैठक में डीएम, एडीएम, जिला भूअर्जन पदाधिकारी सहित अन्य स्थानीय पदाधिकारियों के अलावा राज्य भूअर्जन निदेशालय के निदेशक, सहायक निदेशक, चकबंदी निदेशालय के संयुक्त निदेशक आदि उपस्थित थे.
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