होली को लेकर सज गया बाजार देसी रंग बना कर खेलें होली

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बाजार में रंगों की पटी हैं दुकानें बच्चों को लुभा रहे मुखौटे अररिया : होली के दिन दिल खिल जाते हैं, रंगों में रंग मिल जाते हैं…’ चारों तरफ होली के स्वागत के लिए जन-जन रोमांचित है. बच्चों ने पिचकारियों की मांग भी शुरू कर दी है और बिना रंग के होली की कल्पना भी […]

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बाजार में रंगों की पटी हैं दुकानें

बच्चों को लुभा रहे मुखौटे
अररिया : होली के दिन दिल खिल जाते हैं, रंगों में रंग मिल जाते हैं…’ चारों तरफ होली के स्वागत के लिए जन-जन रोमांचित है. बच्चों ने पिचकारियों की मांग भी शुरू कर दी है और बिना रंग के होली की कल्पना भी नहीं की जा सकती है, लेकिन मुश्किल यह है कि इन रंगों में जो केमिकल पाये जाते हैं, वे हमारी त्वचा और आंखों के लिए हानिकारक होते हैं. इसलिए कई सोशल साइट्स पर केमिकल रंगों के इस्तेमाल न करने की चेतावनी के मैसेज दिये जा रहे हैं. इसके साथ ही बाजार में कई प्रकार के मुखौटे भी बिकने शुरू हो गये हैं, जो बच्चों को काफी लुभा रहे हैं. बाजार में कई जगह-जगह पर रंग व अबीर गुलाल का दुकान पटे हैं.
जिले के हर छोटे-मोटे चौराहों पर होली के गीत बजने लगे हैं.
जगह-जगह सुनने को मिल रहे हैं होली के गीत : जिले में जगह-जगह पर होली गीत सुनने को मिल रहा है. होली पर्व को लेकर लोगों काफी उत्साहित हैं. होली को अच्छे से मनाने के लिए होली के पूर्व से ही लोग अपने घर, दुकान आदि जगहों पर होली गीत बजा कर होली का आनंद लेने लगे हैं. इसके साथ खास कर गांव में लोग होली के पारंपरिक होली गीत भी सुनने को मिल रहा है. ग्रामीण क्षेत्रों में शाम में रोज लोग एक जगह होकर होली गीत भी गा रहे हैं.
बच्चों को लुभा रहे हैं मुखौटा व पिचकारी
जिले में जगह-जगह पर रंग गुलाल बिक रहे हैं. बच्चों के लिए खास कर होली के लिए मुखौटा व पिचकारी काफी लुभा रहा है. दुकानदार अधिक से अधिक कमाई के लिए दस रुपये से लेकर पांच सौ रुपये तक की पिचकारी व मुखौटा बेच रहे हैं. बाजार में पिचकारी व रंग और गुलाल बेच रहे एक दुकानदार ने बताया कि मुखौटों व पिचकारी का अच्छी खासी मांग है. खास कर बच्चों को मोटू-पतलू सहित अन्य मुखौटे बच्चों की पहली पसंद बन रहे हैं. इसलिए मुखौटा व पिचकारी अधिक से अधिक मंगवा कर रखे हैं. पर महंगाई के कारण इस समय ग्राहकों की आवक कम है.
नकली रंग से करें परहेज
बाजार में अच्छी-खासी रंग के साथ-साथ नकली रंग भी बाजार में पटा है. चिकित्सक डॉ उमर अकबर के अनुसार हरा व काला रंग लोगों के चेहरे पर पड़ने से चेहरा खराब हो सकता है. इसके साथ ही स्किन भी असर पड़ सकता है. इसके लिए लोगों को काला व हरा रंग से परहेज करना चाहिए. जहां तक हो सके घर में देशी रंग बना कर होली खेल सकते हैं. ऐसी में आपके चेहरे को कोई नुकसान नहीं होगा, जबकि नकली रंग चेहरा पर लगने से लोगों का आंख भी खराब हो सकता है. इसके लिए होली में परहेज के साथ होली खेलें.
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