अमित शाह की सीमांचल रैली के साथ BJP ने बिहार में किया 2024 का शंखनाद

Updated at : 23 Sep 2022 3:50 PM (IST)
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अमित शाह की सीमांचल रैली के साथ BJP ने बिहार में किया 2024 का शंखनाद

अमित शाह की सीमांचल रैली बीजेपी ने 2019 में बिहार के 40 में से 17 सीटों पर जीती थी, जबकि उसके सहयोगी जेडीयू (JDU) को 16 सीटें मिली थी. लोक जनशक्ति पार्टी (LJP) ने भी छह सीटों पर यहां पर जीत दर्ज की थी.

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केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की बिहार के पूर्णिया सभा (Amit Shah rally in Purnia) के साथ बिहार में लोकसभा 2024 चुनाव (Lok Shabha Election 2024) की तैयारी शुरु मानी जा रही है. राजनीति के जानकार का कहना है कि अमित शाह ने अपनी इस रैली से नीतीश और लालू की दोस्ती पर सवाल खड़ा करने के साथ साथ बिहार की जनता को लालू का भय दिखाने में भी कोई कसर नहीं छोड़ा. लालू और नीतीश कुमार की दोस्ती पर भी उन्होंने तंज कसा और लालू को नीतीश से अगाह करते हुए उनके पूरे राजनीतिक कदमों का जिक्र किया. अमित शाह ने अपने के तहत नीतीश और लालू की जोड़ी पर सवाल खड़ने के बाद सीमांचल में उनके परंपरागत वोटबैंक को जातीय गोलबंदी की बजाय हिन्दुओं का एक ध्रुवीकरण बनाने का प्रयास किया. इसके साथ ही उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर ध्रुवीकरण की राजनीति को भी धार दिया.

बिहार ही नहीं बंगाल को भी साधा

सीमांचल में अपनी सभा कर के अमित शाह ने बिहार के तीन जिले पूर्णिया, अररिया और किशनगंज को ही नहीं सीधे तौर पर पश्चिम बंगला के कई जिलों को भी एक साथ साधने का प्रयास किया है. ताकि बिहार में जातीय गोलबंदी की बजाय हिन्दुओं का ऐसा ध्रुवीकरण बनाया जाए जिससे यहां पर महागठबंधन को टक्कर दिया जा सके. 2019 के लोकसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA)ने मिलकर बिहार में 40 में से 39 सीटों सीटों पर जीत हासिल किया था. इसमें 17 सीट पर बीजेपी की जीत हुई थी, जबकि जेडीयू को 16 सीट मिली थी. वहीं, लोक जनशक्ति पार्टी (LJP) ने छह सीटों पर यहां जीती थी. लेकिन, अब बदली हुई परिस्थिति में बीजेपी नीतीश कुमार (Nitish Kumar) के बगैर 35 सीटों पर जीत का लक्ष्य तय किया है.

लालू के गढ़ में अमित शाह

मुस्लिम बाहुल सीमांचल महागठबंधन का गढ़ माना जाता है. 2019 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी और जदयू ने मिलकर यहां 40 में से 39 सीटों पर जीत हासिल किया था. एक सीट जो बीजेपी गठबंधन हारी थी वो सीमांचल का ही था. एम-वाई समीकरण (MY Equation) के चलते यह इलाका महागठबंधन Mahagathbandhan) का भी गढ़ माना जाता है. यही कारण है कि अमित शाह ने 2024 की तैयारी अभी से ही शुरु कर दी है. यही कारण है कि अमित शाह ने यहां पर दो दिन रुक कर यहां की जमीनी और अंदरूनी हकीकत जानने का प्रयास किया.

40 में से 35 सीटों पर जीत का लक्ष्य

2019 के लोकसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) ने मिलकर बिहार में 40 में से 39 सीटों पर जीत हासिल की थी. इसमें 17 सीटों पर बीजेपी (BJP) जीती थी, जबकि जेडीयू (JDU) को 16 सीटें मिली थी. लोक जनशक्ति पार्टी (LJP) ने भी छह सीटों पर जीत दर्ज किया था. अब बिहार में बदली हुई राजनीतिक परिस्थियों में नीतीश कुमार (Nitish Kumar) के बगैर बीजेपी ने 35 सीटों पर जीत का लक्ष्य तय कर अपनी तैयारी शुरु कर दी है.

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RajeshKumar Ojha

लेखक के बारे में

By RajeshKumar Ojha

Senior Journalist with more than 20 years of experience in reporting for Print & Digital.

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