टूरिस्ट वीजा के आधार पर बिहार में छिपे हैं 150 विदेशी तब्लीगी जमात के लोग, खुफिया एजेंसी ने राज्य सरकार को किया आगाह

Updated:
विज्ञापन

राज्य के विभिन्न स्थानों पर करीब 150 लोग जब्लीगी जमात के रह रहे हैं. ये लोग बिना किसी जिले के एफआरआरओ (फॉरनर्स रिजनल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर) को जानकारी दिये बिना ही रह रहे हैं. ये सभी लोग टूरिस्ट वीसा पर यहां आये हुए हैं और लंबे समय से यहीं रह रहे हैं. खुफिया एजेंसियों ने राज्य सरकार को इस मामले को लेकर फिर से आगाह किया है.

विज्ञापन

कौशिक रंजन की रिपोर्ट

आपके शहर में

विज्ञापन

पटना. राज्य के विभिन्न स्थानों पर करीब 150 लोग जब्लीगी जमात के रह रहे हैं. ये लोग बिना किसी जिले के एफआरआरओ (फॉरनर्स रिजनल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर) को जानकारी दिये बिना ही रह रहे हैं. ये सभी लोग टूरिस्ट वीसा पर यहां आये हुए हैं और लंबे समय से यहीं रह रहे हैं. खुफिया एजेंसियों ने राज्य सरकार को इस मामले को लेकर फिर से आगाह किया है. खुफिया एजेंसियों ने राज्य सरकार को ऐसे लोगों की पहचान कर इन पर नियमानुसार उचित कार्रवाई करने का सुझाव भी दिया है. एक दिन पहले पटना में तब्लीगी जमात के ऐसे ही 10 लोगों को वीसा उल्लंघन के मामले में गिरफ्तार करके जेल भेजा है.

ये लोग भी टूरिस्ट वीसा लेकर आये थे और धर्म प्रचार कर रहे थे. इसके अलावा खुफिया एजेंसी ने यह भी कहा है कि कई क्रिश्चियन समुदाय के लोग भी विभिन्न स्थानों पर रहे हैं. इन लोगों की भी पहचान कर इनके वीसा की समुचित जांच करने की जरूरत बतायी गयी है. कुछ दिनों पहले दरभंगा में भी तब्लीगी जमात के करीब 10 लोग टूरिस्ट वीजा पर आकर धर्मा प्रचार कर रहे थे और इन्होंने वीजा के नियमों का उल्लंघन किया था. परंतु पुलिस जब तक इन पर कार्रवाई करती, तब तक ये लोग वापस विदेश लौट गये थे. इसके बाद पुलिस ने इन्हें शरण देने वाले स्थानीय लोगों पर कार्रवाई की है. खुफिया एजेंसी ने ऐसी स्थिति से आगाह करते हुए समय रहते ऐसे लोगों की समुचित जांच करते हुए उचित कार्रवाई करने को कहा है.

नियमानुसार, टूरिस्ट वीजा पर जो विदेशी आते हैं, उसमें इस बात का स्पष्ट उल्लेख होता है कि वे किन-किन स्थानों का भ्रमण करेंगे. परंतु यह देखा गया है कि ये लोग इन स्थानों से अलग भी कई स्थानों का भ्रमण किया है, जांच में इस बात की भी जरूरत बतायी गयी है. जानकारी के अनुसार टूरिस्ट वीसा पर आये लोगों को धर्म प्रचार या इससे जुड़े किसी तरह के काम में शामिल होने का कोई कानूनी अधिकार नहीं होता है. धर्म प्रचार के लिए विशेष अनुमति के साथ वीसा लेने की जरूरत पड़ती है. ऐसे लोग जिस जिले में जाते हैं, वहां के एफआरआरओ यानी एसपी या एसएसपी को सूचना देना अनिवार्य होता है. परंतु तब्लीगी जमात या ईसाई मिशनरी के लोगों ने इसकी सूचना नहीं दी है.

विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन