मिराज ने पिता को ही फंसाने को प्रेमिका से कराया था दुष्कर्म का केस, दो युवतियों की हत्या का शक

By Prabhat Khabar Digital Desk
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पटना : वाहन लूट व कांस्टेबल की हत्या में गिरफ्तार मो मिराज काफी शातिर है. सूत्रों के अनुसार, इसने अपने पिता अख्तर इमाम को फंसाने के लिए कई तिकड़म किये. यहां तक की अपनी प्रेमिका से भी दुष्कर्म का केस अपने पिता पर 2017 में दर्ज करा दिया था. किसी तरह से पिता जमानत पर निकले थे. मिराज ने अपने पिता की हाथी को दस लाख रुपये में बेचने की कोशिश की थी.

हाथी देने के लिए सोनू महावत पर इसने काफी दबाव बनाया था. इसको लेकर पिता के कर्मचारी ने भी मिराज पर धमकाने और हाथी को जबरन देने का आरोप लगाते हुए केस दर्ज कराया था. सारा मामला 2017 का ही है. यह 2017 में ही दुबई से पटना आया था और इसने अपने पिता से बिजनेस करने का पैसा मांगा था.
लेकिन उसके पिता को यह जानकारी थी कि वह गलत काम में संलिप्त है. जिसके कारण उन्होंने बिजनेस के लिए पैसा देने से मना कर दिया. इसी दौरान उसकी दोस्ती रेशमा से हो चुकी थी और फिर उसने उसका भी दुरुपयोग करते हुए पिता पर केस दर्ज करा दिया. पिता उससे काफी परेशान थे और खलीलपुरा स्थित घर को छोड़ कर दूसरे जगह पर रहने के लिए चले गये.
दो युवतियों की हत्या का भी है मिराज पर शक
सूत्रों का कहना है कि मिराज दिल फेंक आशिक रहा है. यह बात पुलिस की जांच के बाद सामने आया है. पुलिस को यह पता चला है कि रेशमा जब अपनी पढ़ाई को लेकर बोरिंग रोड इलाके में रहती थी और उसी दौरान मिराज ने उसकी दो सहेलियों को अपने प्रेम जाल में फंसा लिया था.हालांकि उन लड़कियों को उसने अपना नाम मिराज के बजाये अपने पिता का नाम अख्तर बता दिया था. इसके साथ ही वह अपने पिता की आइडी के माध्यम से ही मोबाइल सिम कार्ड खरीदा था और उसका उपयोग करता था.
जिसके कारण किसी के भी मोबाइल पर फोन करने पर अख्तर नाम ही आता था और लोग उसे उसी नाम से जानते थे. अगर किसी को फोन कर धमकी देता था तो अख्तर नाम ही सामने आता था. सूत्रों का कहना है कि दोनों ही लड़कियों के शव एक के बाद एक करके जानीपुर इलाके में मिले थे. जिसके कारण यह शक जा रहा है कि उन दोनों की हत्या में मिराज का ही हाथ था. हालांकि पुलिस हर विंदु पर जांच कर रही है.
वर्ष 2017 में मिराज के खिलाफ लगे कुछ आरोप
मिराज द्वारा चंदन के घर पर जा कर मारपीट करना. इस दौरान रेशमा भी साथ में थी.एक लड़की को अश्लील तस्वीर भेजना और विरोध करने पर मारपीट करना रेशमा कुमारी को बहला-फुसला कर लेकर भागने के मामले में उसकी मां द्वारा मिराज के खिलाफ केस दर्ज किया गया.
मिराज द्वारा अपने पिता पर जमीन व हाथी बेचने के लिए दबाव बनाना रेशमा की मां पर केस को वापस लेने के लिए दबाव बनाना अश्लील तस्वीर को भेजने के मामले में दर्ज किये गये केस को वापस करने के लिए पीड़िता पर दबाव बनाना मिराज द्वारा सोनू महावत को जबरन हाथी बेचने के लिए दबाव बनाना वन विभाग द्वारा मिराज पर हाथी की बिक्री करने का आरोप मिराज वाहन लूट के धंधे में आने से पहले करता था चेन स्नैचिंग
पटना : वाहन लूट के धंधे में आने से पहले मो मिराज उर्फ रिंकू पटना शहर में चेन स्नेचिंग का गोरखधंधा करता था. इसमें रेशमा भी साथ देती थी. मिराज बाइक चलाता था और एक लड़की पीछे बैठ कर महिलाओं की सोने की चेन खींचती थी. हालांकि यह लड़की रेशमा थी या कोई और, फिलहाल स्पष्ट नहीं है.
यह गिरोह दो-तीन साल पहले पटना में कई चेन स्नेचिंग की घटनाओं को अंजाम दे चुका है. खास कर राजीव नगर, शास्त्रीनगर, पाटलिपुत्र, एयरपोर्ट, फुलवारीशरीफ इलाके में ही दोनों सक्रिय थे और पुलिस को काफी परेशान कर रखा था. पुलिस को उनके चेन स्नेचिंग के धंधे में भी शामिल होने की जानकारी मिली है और उन केसों को खंगाला जा रहा है. जबकि चेन स्नेचिंग के साथ ही हथियारों की बिक्री भी मो मिराज करता था. फुलवारीशरीफ इलाके में हथियार के साथ उसकी गिरफ्तारी हुई थी और उस केस में वह जेल भी गया था. जिसमें उसकी प्रेमिका ने जमानत पर छुड़वाया था.
मिराज की हरकतों के कारण उसका पूरा परिवार नाराज रहता था, जिसके कारण परिजन कभी भी उसकी जमानत कराने के लिए प्रयास नहीं करते थे. रेशमा ही वकील से मिल कर मो मिराज का जमानत कराती थी.जबकि मिराज रेशमा का सारा खर्च उठाता था. रेशमा साधारण से परिवार से जुड़ी है और उसकी पांच अन्य बहनें हैं. रेशमा को भी उसकी हरकतों के कारण परिजनों से एक तरह से छोड़ दिया था. और, वह बोरिंग रोड में हॉस्टल में रह कर मेडिकल परीक्षाओं की तैयारी करती थी.
  • गिरोह दो-तीन साल पहले कई चेन स्नैचिंग की घटनाओं को दे चुका है अंजाम
  • फुलवारीशरीफ इलाके में हथियार के साथ हुअा था गिरफ्तार, जा चुका है जेल
  • फुलवारीशरीफ इलाके में हथियार के साथ हुअा था गिरफ्तार, जा चुका है जेल
गैंग को करता था लूटी गयी गाड़ियों की सप्लाइ
मो मिराज को यूपी के बाबा गैंग से भी अच्छी पटती थी. मो मिराज व उसके साथी जो भी वाहन लूटते थे, उसे बाबा गैंग को ही सप्लाइ की जाती थी. जबकि गाड़ी बेचने के लिए उसके तार सहरसा से भी जुड़े थे. पुलिस को वाहन लूट की घटनाओं को अंजाम देने वाले और मो मिराज गैंग के सदस्य आरजू, सब्बीर व भोला की तलाश पुलिस को है. माे आरजू लूट किये गये वाहनों को लेकर यूपी चलाता था, जहां बाबा गैंग गाड़ियों को रिसीव कर लेते थे और कुछ पैसा थमा देते थे.
गिरफ्तारी के लिए छापेमारी
मो मिराज हमेशा गया जिला जाता था और उसकी दोस्ती वहां के अपराधियों से थी. दानापुर कोर्ट में हुए फायरिंग के मामले में पुलिस को गया के गौतम की तलाश है. उन अपराधियों से ही मो मिराज ने कारबाइन डेढ़ लाख रुपये में ली थी. लेकिन पुलिस ने उसकी कारबाइन को जब्त कर लिया था. सूत्रों के अनुसार पटना पुलिस की एक टीम गया जिला रवाना हो चुकी है और गौतम के साथ ही अन्य अपराधियों को गिरफ्तार करने के लिए छापेमारी कर रही है.
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