प्लेयर ऑफ द मैच बनने के बाद बोले संजू सैमसन-मुझे चेट्टा से ज्यादा संजू कहलाना पसंद

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संजू सैमसन

Sanju Samson : संजू सैमसन केरल के तिरुवनंतपुरम जिले के एक छोटे से गांव पुल्लुविला के रहने वाले हैं. क्रिकेट में उनके बेहतरीन प्रदर्शन के लिए उनके फैंस उन्हें चेट्टा कहकर पुकारते हैं. चेट्टा एक सम्मान सूचक शब्द है. मलयालम में चेट्टा बड़े भाई को कहा जाता है.

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Sanju Samson : दिल्ली के खिलाफ शानदार बल्लेबाजी करने के बाद संजू सैमसन की बैटिंग की खूब चर्चा हो रही है. दिल्ली को जब चेन्नई ने उनके होम ग्राउंड पर 8 विकेट से रौंदा, तो पूरे स्टेडियम में चेट्टा-चेट्टा का शोर मचा था. संजू सैमसन को प्यार से चेट्टा बुलाया जाता है, क्या आप जानते हैं कि संजू को यह नाम कितना पसंद है?

मुझे संजू कहलाना ज्यादा अच्छा लगता है : सैमसन

मैच के बाद जब प्लेयर ऑफ द मैच संजू सैमसन से यह पूछा गया कि भीड़ आपको चेट्टा कह रही है, क्या आपको यह पसंद है? इस सवाल के जवाब में संजू सैमसन ने कहा कि हां, दर्शक मुझे चेट्टा कहते हैं, लेकिन मुझे संजू कहलाना ज्यादा पसंद है. उन्होंने कहा कि वह अपनी बल्लेबाजी को सरल रखने की कोशिश करते हैं और वही खेलते हैं जो उनके लिए काम करता है. पिछले कुछ महीनों से वह बेसिक्स पर ध्यान दे रहे हैं. संजू ने कहा कि उन्हें अपने हाथों पर भरोसा है. उन्होंने अपने शुरुआती मूवमेंट (ट्रिगर मूवमेंट) पर भी काम किया है, जिससे उन्हें क्रीज पर बेहतर संतुलन मिलता है.

अपने लिए सेंचुरी बनाने से अच्छा है टीम के लिए खेलना

दिल्ली के खिलाफ खेलते हुए संजू के पास 100 रन बनाने का अवसर था, लेकिन उन्होंने उससे ज्यादा टीम की जीत को प्रमुखता दी. इसपर सवाल पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि अपने लिए सेंचुरी बनाने से ज्यादा संतोषजनक है टीम की जीत के लिए खेलना. संजू ने कहा कि 87 बनाकर नाबाद रहना उनके लिए अच्छा है. उन्होंने बताया कि शांत रहना उनके खेल का हिस्सा है. वह पहले भी ऐसे ही थे, बस अब लोग उन्हें ज्यादा बैटिंग करते हुए देख रहे हैं, इसलिए यह ज्यादा दिख रहा है. अपनी पारी के बारे में उन्होंने कहा कि उनका प्लान था पावरप्ले में थोड़ा समय लेना और फिर मिडिल ओवर्स में अपने शॉट्स खेलना. शतक बनाने का मौका था, लेकिन उन्होंने टीम की जीत को ज्यादा महत्व दिया. उनके लिए मैच खत्म करके नाबाद रहना ज्यादा संतोषजनक है.

संजू ने खेली बेहतरीन पारी

चेन्नई सुपर किंग्स ने संजू सैमसन को आईपीएल 2026 के लिए राजस्थान राॅयल्स से ट्रेड किया है. यह फैसला चेन्नई के लिए अच्छा साबित हो रहा है. हालांकि शुरुआती मैचों में संजू का प्रदर्शन अच्छा नहीं था, लेकिन अब वे शानदार खेल दिखा रहे हैं. दिल्ली के खिलाफ संजू सैमसन ने 52 गेंदों में 87 रन बनाए हैं, जिसमें 7 चौके और 6 छक्के शामिल हैं.

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अकील हुसैन ने कहा -पावरप्ले में सधी हुई गेंदबाजी करना भी टीम को जीत की ओर ले जाना है

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रजनीश आनंद

लेखक के बारे में

By रजनीश आनंद

रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हैं और पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों से अधिक का अनुभव रखती हैं.फिलहाल वे प्रभात खबर के ओरिजिनल, नेशनल, इंटरनेशनल और खेल कैटेगरी के लिए राइटिंग का काम करती हैं. उनकी पहचान फैक्ट बेस्ट रिपोर्टिंग, रिसर्च बेस्ड स्टोरी और एक्सप्लेनर लेखन के लिए है.

राजनीति, सामाजिक सरोकार, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों पर उनकी विशेष रुचि रही है. वैसे मुद्दे जो समाज के हाशिये पर मौजूद समुदायों और आम लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की बहस में अपेक्षाकृत कम जगह पाते हैं, ऐसे विषयों पर भी लेखन में रुचि रखती हैं.

रजनीश आनंद कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर अध्ययन एवं रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर काम किया. इसके अलावा सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की है.

आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है.हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों से जुड़ी चुनौतियों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण सवाल उठाए हैं.

रजनीश आनंद झारखंड की राजधानी रांची में रहती हैं और इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक हैं. उन्होंने वर्ष 2000 में पत्रकारिता की शुरुआत झारखंड जागरण दैनिक से की. इसके बाद प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस और दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और स्वतंत्र लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य प्रकाशनों में काम करने के साथ-साथ वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं.

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