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अंडर-17 विश्व कप के स्टेडियम नौ महीने पहले तैयार होने चाहिए : फीफा

Updated at : 21 May 2015 8:33 PM (IST)
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अंडर-17 विश्व कप के स्टेडियम नौ महीने पहले तैयार होने चाहिए : फीफा

नयी दिल्ली : भारतीय दौरे पर आए फीफा के प्रतिनिधियों ने आज यहां कहा कि भारत में 2017 में होने वाले अंडर-17 विश्व कप फुटबॉल के लिये स्टेडियम प्रतियोगिता शुरु होने से नौ महीने पहले तैयार हो जाने चाहिए. फीफा के प्रतियोगिता निदेशक कोलिन स्मिथ ने संवाददाता सम्मेलन में कहा, मौजूदा स्थल टूर्नामेंट शुरु होने […]

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नयी दिल्ली : भारतीय दौरे पर आए फीफा के प्रतिनिधियों ने आज यहां कहा कि भारत में 2017 में होने वाले अंडर-17 विश्व कप फुटबॉल के लिये स्टेडियम प्रतियोगिता शुरु होने से नौ महीने पहले तैयार हो जाने चाहिए.

फीफा के प्रतियोगिता निदेशक कोलिन स्मिथ ने संवाददाता सम्मेलन में कहा, मौजूदा स्थल टूर्नामेंट शुरु होने से नौ से 12 महीने तैयार हो जाएंगे जबकि पूरी तरह से नये स्टेडियम उससे भी पहले तैयार करने होंगे. इसलिए यह अलग अलग स्थलों के अनुसार होगा. अभ्यास के उद्देश्यों और संचालन संबंधी तैयारियों के सिलसिले में उनका परीक्षण किया जाएगा.

अंडर-17 विश्व कप के प्रतियोगिता मैनेजर जेमी याजरा के साथ भारत दौरे पर आए स्मिथ ने कहा कि वह यहां निरीक्षण के लिये नहीं आए हैं बल्कि स्थानीय आयोजन समिति और अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ से मिलने के लिये आए हैं. उन्होंने कहा, हमारा यह दौरा निरीक्षण के लिये नहीं है. जहां तक निरीक्षण की बात है तो हम इसे इस साल के आखिर और अगले साल के शुरु में करेंगे. स्मिथ ने कहा कि टूर्नामेंट की तिथियां अभी तय नहीं हुई हैं. इस टूर्नामेंट में भारत सहित 24 देश हिस्सा लेंगे जिनके बीच 52 मैच खेले जाएंगे.
स्मिथ ने कहा, टूर्नामेंट की तिथियों का प्रस्ताव स्थानीय आयोजन समिति रखेगी. फीफा को उसे मंजूरी देनी होती है. टूर्नामेंट के प्रसारक के साथ बातचीत करने के बाद मैचों के समय का फैसला किया जाएगा. इस 23 दिवसीय टूर्नामेंट का आयोजन 2017 के आखिरी छह महीनों में किसी समय किये जाने की संभावना है. स्मिथ ने कहा कि प्राकृतिक घास वाले मैदानों को प्राथमिकता दी जाएगी लेकिन उन्होंने कृत्रिम घास के स्टेडियमों से भी इन्कार नहीं किया.
उन्होंने कहा, मेरी समझ है कि स्थानीय आयोजन समिति प्राकृतिक घास के मैदान चाहती है. यदि कृत्रिम घास के मैदान होते हैं तो यह बहुत उत्तम किस्म की होनी चाहिए और फीफा से प्रमाणित होनी चाहिए. यह उस तरह की होनी चाहिए जैसे कि आगामी फीफा महिला विश्व कप के मैचों के लिये तैयार की गयी है. इसके लिये अलावा यदि कृत्रिम घास के मैदान हैं तो सभी अभ्यास स्थलों पर भी ऐसे ही मैदान होने चाहिए. एआईएफएफ ने इससे पहले कहा था कि आठ स्थानों का चयन किया गया है जिसमें छह में टूर्नामेंट का आयोजन होगा लेकिन टूर्नामेंट के निदेशक जेवियर सेपी ने कहा कि चेन्नई के जवाहरलाल नेहरु स्टेडियम पर भी विचार किया जाएगा.
सेपी ने कहा, अधिकतर स्थलों में अभी मैच हो रहे हैं और हमने उन्हें बेहतर बनाना होगा. हमारे पास अभी नई दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, कोच्चि, गुवाहाटी, मडगाव, बेंगलुरु और पुणे के रुप में आठ मेजबान शहर हैं. इसमें चेन्नई भी शामिल हो सकता है. फीफा टीम ने इन स्थलों का निरीक्षण किया था. अभी तक किसी भी स्थल को हटाया नहीं गया है लेकिन आखिरी में हम छह स्थलों का चयन करेंगे.
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