धोनी ने 2017 में अचानक क्यों छोड़ी थी कप्तानी? वजह जान हैरान रह जाएंगे आप

एमएस धोनी
MS Dhoni Captaincy Revelation: जनवरी 2017 में एमएस धोनी ने अचानक कप्तानी छोड़कर सबको चौका दिया था. अब पूर्व सेलेक्टर जतिन परांजपे ने उस दिन का राज खोला है जब धोनी ने प्रैक्टिस के बाद कहा था कि विराट के लिए जगह बनाने का ये सही वक्त है. जानिये उस रात क्या हुआ था.
Highlights
MS Dhoni Captaincy Revelation: 2017 की शुरुआत भारतीय क्रिकेट के लिए एक बड़े बदलाव की गवाह बनी थी. एमएस धोनी (MS Dhoni) ने अपनी कप्तानी में वो सब हासिल कर लिया था, जिसका ख्वाब हर खिलाड़ी देखता है. तीनों ICC ट्रॉफी जीतने वाले दुनिया के इकलौते कप्तान होने के बाद भी उन्होंने शांति से एक बड़े बदलाव की नींव रखी थी. उन्होंने 4 जनवरी 2017 को अचानक कप्तानी छोड़ी, ताकि विराट कोहली (Virat Kohli) के लिए रास्ता साफ हो सके. इस फैसले के पीछे की कहानी अब सामने आई है, जिसमें सेलेक्टर्स और धोनी की आपसी समझ ने भारत को एक नया रास्ता दिखाया.
कप्तानी से हटने का बड़ा फैसला
जनवरी 2017 में जब एमएस धोनी ने लिमिटेड ओवर्स की कप्तानी छोड़ी, तो पूरी दुनिया हैरान थी. हालांकि धोनी ने 2014 में ही टेस्ट से संन्यास ले लिया था, लेकिन वनडे और टी20 में वो लगातार टीम की कमान संभाल रहे थे. इस दौरान पूर्व सेलेक्टर जतिन परांजपे (Jatin Paranjpe) ने बताया कि उन्हें और एमएसके प्रसाद (MSK Prasad) को धोनी से बात करने में थोड़ी हिचकिचाहट हो रही थी. वो दोनों इस बात को लेकर फिक्रमंद थे कि धोनी को ये बात कैसे बताई जाए कि अब बदलाव का वक्त आ गया है.
नेट प्रैक्टिस के बाद हुई खास बातचीत
जतिन परांजपे ने एक शो में बताया कि धोनी उस दिन लगभग एक घंटे तक बैटिंग प्रैक्टिस कर रहे थे. जब वो प्रैक्टिस खत्म करके आए, तब एमएसके प्रसाद ने उनसे बड़े ही सम्मान के साथ कहा कि अब आगे बढ़ने का सही समय है. धोनी ने इस बात को बहुत ही सहजता से लिया और कहा कि ये एक परफेक्ट फैसला है. उन्होंने बिना किसी सवाल के सेलेक्टर्स की बात मानी और उसी रात ईमेल के जरिए अपने इस्तीफे की जानकारी दे दी.
विराट कोहली का बेसब्री से इंतजार
उस वक्त विराट कोहली टेस्ट टीम के कप्तान बन चुके थे और बेहतरीन फॉर्म में थे. पूर्व फील्डिंग कोच आर श्रीधर ने अपनी किताब में जिक्र किया था कि विराट सभी फॉर्मेट की कप्तानी पाने के लिए काफी उत्सुक थे. तब कोच रवि शास्त्री ने उन्हें समझाया था कि सही वक्त का इंतजार करें. शास्त्री का मानना था कि जब धोनी को लगेगा कि विराट तैयार हैं, वो खुद ही जगह खाली कर देंगे.
भाई की तरह साथ देने का वादा
धोनी ने कप्तानी छोड़ते वक्त सेलेक्टर्स से साफ कहा था कि वो विराट कोहली को पूरा सहयोग देंगे. उन्होंने कहा था कि विराट उनके भाई जैसा है और वो अपना सारा अनुभव उनके साथ बांटेंगे. धोनी का मकसद सिर्फ एक मजबूत टीम खड़ी करना था, जो 2019 के वर्ल्ड कप में अच्छा प्रदर्शन कर सके. उन्होंने विकेट के पीछे से अगले कई सालों तक विराट का मार्गदर्शन किया.
एक नए दौर की शुरुआत
धोनी के इस फैसले ने कोहली के दौर को पूरी तरह मजबूत कर दिया. दोनों के बीच का तालमेल मैदान पर साफ दिखता था. धोनी ने न सिर्फ कप्तानी छोड़ी, बल्कि एक मेंटर की भूमिका निभाते हुए ये सुनिश्चित किया कि भारतीय क्रिकेट सही हाथों में रहे. इसी वजह से 2019 वर्ल्ड कप तक भारत की व्हाइट-बॉल टीम दुनिया की सबसे खतरनाक टीमों में से एक बनी रही.
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By Aditya Kumar Varshney
आदित्य वार्ष्णेय एक अनुभवी खेल पत्रकार हैं, जो वर्तमान में कंटेंट राइटर के रूप में प्रभात खबर के साथ जुड़े हुए हैं. वह पिछले 5 सालों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और स्पोर्ट्स बीट में गहरी पकड़ रखते हैं. आप क्रिकेट, फुटबॉल हॉकी, टेनिस और चेस जैसे खेलों पर लिखना पसंद करते हैं. आप मैच रिपोर्ट, विश्लेषणात्मक लेख, फीचर स्टोरी और एक्सप्लेनर आधारित कंटेंट तैयार करते हैं. आपने प्रभात खबर से पहले भारत समाचार में असिस्टेंट प्रोड्यूसर (आउटपुट विभाग) के रूप में काम किया है, वहीं स्टार स्पोर्ट्स में असिस्टेंट प्रोड्यूसर (क्रिकेट, हिंदी फीड) के तौर पर भी काम कर चुके हैं. आपके पास ब्रॉडकास्ट और डिजिटल दोनों प्लेटफॉर्म का मजबूत अनुभव है.
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