क्या शशांक मनोहर ने बीसीसीआई को आईसीसी में हराया ?
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :27 Apr 2017 1:35 PM (IST)
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नयी दिल्ली : विश्व क्रिकेट में भारतीय क्रिकेट बोर्ड के प्रभुत्व को बुधवार को बड़ा झटका लगा जब दुनिया का सबसे अमीर क्रिकेट बोर्ड दुबई में आईसीसी बोर्ड बैठक के दौरान संचालन ढांचे और राजस्व मॉडल पर हुए मतदान में बुरी तरह हार गया. बोर्ड की हार की रुपरेखा बीसीसीआई के पूर्व प्रमुख शशांक मनोहर […]
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नयी दिल्ली : विश्व क्रिकेट में भारतीय क्रिकेट बोर्ड के प्रभुत्व को बुधवार को बड़ा झटका लगा जब दुनिया का सबसे अमीर क्रिकेट बोर्ड दुबई में आईसीसी बोर्ड बैठक के दौरान संचालन ढांचे और राजस्व मॉडल पर हुए मतदान में बुरी तरह हार गया.
बोर्ड की हार की रुपरेखा बीसीसीआई के पूर्व प्रमुख शशांक मनोहर ने ही तैयार की जो पहले स्वतंत्र चेयरमैन के रुप में आईसीसी के प्रमुख हैं. संचालन ढांचे में बदलाव के मतदान में बीसीसीआई को 1-9 से शिकस्त झेलनी पड़ी जब भारत के अमिताभ चौधरी के अलावा सभी अन्य सदस्य देशों के प्रतिनिधियों ने इसके पक्ष में मत दिया.
राजस्व माडल के विरोध को लेकर बीसीसीआई की आपत्ति को भी आईसीसी बोर्ड ने 8-2 से खारिज कर दिया और इस बार चौधरी को सिर्फ श्रीलंका क्रिकेट के तिलंगा सुमतिपाल का समर्थन मिला. बीसीसीआई आईसीसी संचालन माडल में दो बदलावों का विरोध कर रहा था जिसमें पूर्ण सदस्यता की समीक्षा और दो स्तर के टेस्ट ढांचे के लिए संविधान में बदलाव शामिल है.
और इस खबर को पढ़ेंRevenue में बीसीसीआई का हिस्सा आईसीसी ने किया आधा
टकराव का बड़ा मुद्दा राजस्व माडल है जिसमें भारत का हिस्सा 57 करोड़ डालर की तुलना में लगभग आधा हो जाएगा. मनोहर ने पूर्व के ‘बिग थ्री’ माडल की तुलना में अधिक बराबरी के वितरण की वकालत की थी. पूर्व मॉडल में भारत, ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड को अधिक राजस्व मिल रहा था.
* बीसीसीआई ने ठुकराया मनोहर का प्रस्ताव
आईसीसी और बीसीसीआई के बीच राजस्व माडल को लेकर विवाद जारी रहा जब भारतीय क्रिकेट बोर्ड ने प्रस्तावित प्रारुप में अतिरिक्त 10 करोड़ डालर का आईसीसी का प्रस्ताव ठुकरा दिया.
दुबई में मौजूद बीसीसीआई के एक सीनियर सूत्र ने कहा ,‘‘ आईसीसी अध्यक्ष शशांक मनोहर ने हमें नये वित्तीय मॉडल में 10 करोड़ डालर अतिरिक्त देने की पेशकश की थी. उन्होंने हमें समय सीमा भी दी है लेकिन हम इस प्रस्ताव को स्वीकार नहीं करने जा रहे.’ यह पूछने पर कि प्रस्ताव को एकसिरे से खारिज क्यों किया गया, अधिकारी ने कहा कि मनोहर और बीसीसीआई के बीच आपसी विश्वास नहीं है.
उन्होंने कहा ,‘‘ यह प्रस्ताव मनोहर ने रखा है. वह चेयरामैन है लेकिन वह तय नहीं कर सकते कि किसको क्या मिलना चाहिये. यह सदस्य तय करते हैं. हम सभी देशों के साथ फार्मूले पर काम कर रहे हैं. मनोहर तय नहीं करेंगे कि बीसीसीआई को क्या मिलना चाहिये.’ प्रस्तावित राजस्व माडल पर आईसीसी और बीसीसीआई की ठनी हुई है क्योंकि इसमें भारत का हिस्सा कम किया जा रहा है. मौजूदा राजस्व वितरण माडल में बीसीसीआई को आईसीसी से 57 करोड़ 90 लाख डालर मिलते हैं. मनोहर के प्रस्ताव को अगर आईसीसी पारित कर देती है तो बीसीसीआई का हिस्सा 29 करोड़ डालर रह जायेगा जिसे प्रशासकों की समिति भी मंजूर नहीं करेगी.
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