बकनर दुनिया के एकमात्र अंपायर, जो क्रिकेट वर्ल्ड कप के साथ FIFA वर्ल्ड कप में भी रहे रेफरी

नयी दिल्ली : आईसीसी वर्ल्डकप 2019 में महज 23 दिन शेष रह गये हैं. फिलहाल क्रिकेट फैन्स आईपीएल के मजे ले रहे हैं. 12 मई को आईपीएल को नया चैंपियन मिल जाएगा. आईपीएल खत्म होने के साथ ही लोगों में वर्ल्डकप क्रिकेट को लेकर उत्साह चरम पर होगा. क्रिकेट की बात हो और अगर दुनिया […]
नयी दिल्ली : आईसीसी वर्ल्डकप 2019 में महज 23 दिन शेष रह गये हैं. फिलहाल क्रिकेट फैन्स आईपीएल के मजे ले रहे हैं. 12 मई को आईपीएल को नया चैंपियन मिल जाएगा. आईपीएल खत्म होने के साथ ही लोगों में वर्ल्डकप क्रिकेट को लेकर उत्साह चरम पर होगा. क्रिकेट की बात हो और अगर दुनिया के महान अंपायरों में शामिल स्टीव बकनर की चर्चा न हो तो बात अधुरी रह जाती है.
स्टीव बकनर ने अंपायरिंग की दुनिया में कई रिकॉर्ड बनाये. हालांकि उनपर क्रिकेट के भगवान माने जाने वाले महान क्रिकेटर ‘सचिन तेंदुलकर’ को जानबूझकर आउट देने का आरोप भी लगा.
बहरहाल बकनर ने आईसीसी वर्ल्ड कप में अंपायरिंग का एक अनोखा रिकॉर्ड अपने नाम किया. डेविड शेफर्ड के बाद वर्ल्डकप में सबसे अधिक मैचों में अंपारिंग करने का रिकॉर्ड बकनर के नाम है. उन्होंने 1992 से लेकर 2007 तक कुल 45 मैचों में अंपारिंग की, जबकि इंग्लैंड के डेविड शेफर्ड ने वर्ल्डकप में 46 मैचों में अंपायरिंग का वर्ल्ड रिकॉर्ड अपने नाम किया.
* वर्ल्डकप फाइनल में लगातार पांच मैचों में अंपायरिंग करने वाले बकनर दुनिया के पहले अंपायर
बकनर ने करीब 20 वर्षों तक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अंपायरिंग की है. उनके नाम टेस्ट में सबसे पहले 100 मैचों में अंपायरिंग करने का रिकॉर्ड दर्ज है. यही नहीं बकनर 1992 से 2007 तक लगातार पांच वर्ल्डकप फाइनल में अंपायरिंग करने वाले दुनिया के एक मात्र अंपायर हैं. उन्होंने अपने क्रिकेट कैरियर में 181 वनडे और 128 टेस्ट मैचों में अंपायरिंग की है.
* विवादों में रहे बकनर, सचिन को गलत आउट देने का लगा आरोप
डेविड बकनर दुनिया के सबसे बेहतरीन अंपायर माने जाते हैं, लेकिन वे काफी विवादों में भी रहे, खास कर सचिन तेंदुलकर को लेकर. बकनर पर आरोप लगा कि उन्होंने कई मैचों में सचिन तेंदुलकर को जानबूझकर आउट दिया. कई क्रिकेटप्रेमियों ने तो ये भी आरोप लगा दिया कि बकनर सचिन को इसलिए गलत आउट देते थे ताकी वे ब्रायन लारा से कम सुर्खियों में रहें.
बकनर सबसे अधिक विवादों में तब आये जब उन्होंने वर्ल्डकप 2007 के फाइनल मैच में खराब रोशनी के कारण मैच को रोक दिया था. जबकि मैदान पर खेलने लायक प्रर्याप्त रोशनी थी. बकनर के उस फैसले की काफी आलोचना हुई.
इसके अलावा 2008 में जब भारतीय टीम ऑस्ट्रेलिया दौरे पर गयी थी. सिडनी में भारतीय टीम को करारी हार का सामना करना पड़ा था. उस हार के लिए बकनर को विलेन बनाया गया था. उनपर भारतीय बल्लेबाजों को जानबूझकर आउट देने का आरोप लगा. आईसीसी ने भी उनपर बड़ी कार्रवाई करते हुए भारत-ऑस्ट्रेलिया शृंखला से हटा दिया था. उसी घटनाक्रम के बाद बकनर का कैरियर ढलान में आ गया और उन्होंने रिटायरमेंट से दो साल पहले ही क्रिकेट को अलविदा कह दिया.
* क्रिकेट ही नहीं फुटबॉल में भी रेफरी रह चुके हैं बकनर
बकनर ऐसे अंपायर रहे हैं, जिसने क्रिकेट के अलावा फुटबॉल में भी रेफरी की भूमिका निभाया है. 1990 फिफा वर्ल्डकप के लिए 1988 में हुए क्वॉलीफायर मैच में बकनर ने रेफरी की भूमिका निभायी थी. जिसमें सेल्वेडर और नीदरलैंड की टीमें आमन-सामने थीं. वह दुनिया के पहले ऐसे शख्स बने जो क्रिकेट वर्ल्ड कप में अंपायर और फुटबॉल वर्ल्ड कप में रेफरी रहे. दरअसल बकनर स्कूली लाइफ में एक फुटबॉलर थे और वो अपनी स्कूली टीम के गोलकीपर थे.
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