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शास्त्री की जिद्द के आगे नहीं चली ''दादागिरी'', बीसीसीआइ को भी झुकना पड़ा

Updated at : 19 Jul 2017 8:34 AM (IST)
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शास्त्री की जिद्द के आगे नहीं चली ''दादागिरी'', बीसीसीआइ को भी झुकना पड़ा

नयी दिल्ली : नवनियुक्त मुख्य कोच रवि शास्त्री की मांग को स्वीकार करते हुए भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआइ) ने पूर्व तेज गेंदबाज भरत अरुण को भारतीय क्रिकेट टीम का गेंदबाजी कोच नियुक्त किया है, इससे इस पद को लेकर पिछले कई दिनों से चल रहा नाटकीय घटनाक्रम भी समाप्त हो गया. शास्त्री वर्ष 2014 […]

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नयी दिल्ली : नवनियुक्त मुख्य कोच रवि शास्त्री की मांग को स्वीकार करते हुए भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआइ) ने पूर्व तेज गेंदबाज भरत अरुण को भारतीय क्रिकेट टीम का गेंदबाजी कोच नियुक्त किया है, इससे इस पद को लेकर पिछले कई दिनों से चल रहा नाटकीय घटनाक्रम भी समाप्त हो गया.

शास्त्री वर्ष 2014 से 2016 तक जब भारतीय टीम के निदेशक थे तब भी अरुण गेंदबाजी कोच थे. उन्होंने जल्द ही शुरू होनेवाले अपने दूसरे कार्यकाल के दौरान भी अरुण को ही यह जिम्मेदारी सौंपने के लिए कहा था. अरुण को दो साल के अनुबंध पर नियुक्त करने का फैसला शास्त्री की प्रशासकों की समिति (सीओए) तथा कार्यवाहक अध्यक्ष सीके खन्ना और सचिव अमिताभ चौधरी सहित बीसीसीआइ अधिकारियों से मुलाकात के बाद किया गया. अरुण को पद संभालने के बाद आइपीएल फ्रेंचाइजी रायल चैलेंजर्स बेंगलुरु के सहायक कोच पद से इस्तीफा देना होगा.

* श्रीधर क्षेत्ररक्षण कोच, तो पैट्रिक रहेंगे फिजियो
आर श्रीधर को क्षेत्ररक्षण कोच नियुक्त करने का भी फैसला किया. चौधरी ने कहा कि पैट्रिक फरहार्ट फिजियो के पद पर बने रहेंगे. ये सभी दो साल के लिए अगले विश्व कप तक अपने पद पर बने रहेंगे. बीसीसीआइ ने वनडे वर्ल्डकप 2019 तक संजय बांगड़ को सहायक कोच बनाया है.
* अरुण के पास अंतरराष्ट्रीय मैच का अधिक अनुभव नहीं
विजयवाड़ा के भरत अरुण 80 के दशक में भारत के लिए दो टेस्त व चार वनडे खेल चुके हैं. दिसंबर 1986 में श्रीलंका के खिलाफ कानपुर में टेस्ट डेब्यू किया था. इसी वर्ष श्रीलंका के खिलाफ अपने वनडे कैरियर का आगाज किया था. टेस्ट में 4 और वनडे में एक विकेट झटके हैं. 110 प्रथम श्रेणी क्रिकेट में खेलने का पर्याप्त अनुभव उनके पास है. 48 मैचों में 32.44 के औसत से 110 विकेट उनके नाम पर दर्ज हैं.
* शास्त्री जब टीम के निदेशक थे, तो अरुण को रखा था साथ
शास्त्री वर्ष 2014 से 2016 तक जब भारतीय टीम के निदेशक थे तब भी अरुण गेंदबाजी कोच थे. उन्होंने जल्द ही शुरू होनेवाले अपने दूसरे कार्यकाल के दौरान भी अरुण को ही यह जिम्मेदारी सौंपने के लिए कहा था.
* जहीर और द्रविड़ की सलाह अमूल्य होगी
जहीर और द्रविड़ के बारे में पूछे गये सवाल पर शास्त्री का जवाब था कि मैंने उन दोनों से बात की और वे बेहतरीन क्रिकेटर हैं. उनकी राय अमूल्य होगी. यह सब उनकी उपलब्धता पर निर्भर करता है. यह एक व्यक्ति पर निर्भर करता है कि वह कितने दिन टीम को देना चाहता है, लेकिन उनकी राय अमूल्य होगी और उनका स्वागत है. शास्त्री अपनी नियुक्ति की घोषणा के समय लंदन में थे. इस महत्वपूर्ण पद पर उनका चयन करने के लिए क्रिकेट सलाहकार समिति (सीएसी) का आभार व्यक्त किया. जिसमें सचिन, सौरभ और वीवीएस लक्ष्मण शामिल हैं.
* अपनी कोर टीम चाहते थे शास्त्री
बीसीसीआइ के अमिताभ चौधरी ने अपनी तरफ से कहा कि की द्रविड़ और जहीर को लेकर कभी भ्रम की स्थिति नहीं थी. उन्होंने कहा कि मैं स्पष्ट कर दूं कि इस मामले में कुछ भी गलत नहीं था. एक बार मुख्य कोच की नियुक्ति होने के बाद यह इस पर विचार करना उनकी जिम्मेदारी थी कि इन पदों पर किसकी नियुक्ति की जानी चाहिए और यह साफ था कि वह अपनी कोर टीम चाहते हैं. अन्य दो (जहीर और द्रविड) सलाहकार हैं. उनकी नियुक्ति का मतलब है कि बीसीसीआइ ने पूरी तरह से यू टर्न लिया है. उसने पहले जहीर खान को गेंदबाजी सलाहकार नियुक्त किया था और बाद में स्पष्टीकरण दिया था कि यह केवल विदेशी दौरों के लिए है. राहुल द्रविड़ की बल्लेबाजी सलाहकार पद पर स्थिति को लेकर भी कुछ स्पष्टता नहीं है.
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