Asia Cup Hockey: कोरिया को 4-1 से हराकर भारत बना चैंपियन, वर्ल्ड कप का रास्ता साफ

Asia Cup Hockey: Indian Players after win
Asia Cup Hockey 2025: हरमनप्रीत सिंह की अगुवाई में भारतीय टीम ने फाइनल में कोरिया को 4-1 से हराकर चौथी बार एशिया कप का खिताब अपने नाम कर लिया है. इस खिताब के साथ ही भारत अगले साल होने वाले हॉकी वर्ल्ड कप के लिए क्वालीफाई कर लिया है. भारत ने जितना शानदार आक्रमण किया, उतना ही अच्छा डिफेंस भी किया. इसका फायदा यह हुआ कि कोरिया केवल एक ही गोल कर पाया.
Asia Cup Hockey: दिलप्रीत सिंह के दो गोल की मदद से भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने गत चैम्पियन दक्षिण कोरिया को रविवार को फाइनल में 4-1 से हराकर आठ साल बाद एशिया कप खिताब जीता और अगले साल होने वाले विश्व कप के लिये भी क्वालीफाई कर लिया. भारत ने चौथी बार एशिया कप खिताब जीता है और इसके साथ ही वह पांच बार की चैंपियन कोरिया के बाद टूर्नामेंट की दूसरी सबसे सफल टीम बन गई. भारत ने इससे पहले 2003 (कुआलालंपुर), 2007 (चेन्नई) और आखिरी बार 2017 (ढाका) में एशिया कप जीता था. दक्षिण कोरिया ने 1994, 1999, 2009, 2013 और 2022 में खिताब जीता है. इसके साथ ही भारत ने अगले विश्व कप के लिये क्वालीफाई कर लिया जो 14 से 30 अगस्त तक बेल्जियम और नीदरलैंड में होना है. भारत ने अब तक सिर्फ एक बार 1975 में कुआलालंपुर विश्व कप जीता है.
एक भी मुकाबला नहीं हारा भारत
खचाखच भरे राजगीर खेल परिसर में भारत के लिये सुखजीत सिंह ने पहले ही मिनट में गोल दागा जबकि दिलप्रीत ने 28वें और 45वें मिनट में गोल किये. अमित रोहिदास ने 50वें मिनट में चौथा गोल दागा. वहीं पांच बार की चैम्पियन दक्षिण कोरिया के लिये एकमात्र गोल 51वें मिनट में डेन सोन ने किया. भारत ने टूर्नामेंट में पांच जीत दर्ज की और एक ड्रॉ खेला. हरमनप्रीत सिंह की कप्तानी वाली टीम ने तीनों पूल मैच जीते. सुपर 4 चरण में मलेशिया को 4-1 और चीन को 7-0 से हराया जबकि कोरिया से मैच 2-2 से ड्रॉ रहा था. पहले ही सेकंड से भारतीय टीम ने आक्रामक शुरूआत की. डिफेंस, मिडफील्ड और फॉरवर्ड पंक्ति के बीच कमाल का तालमेल था और एक ईकाई के रूप में विरोधी गोल पर कई हमले बोले गए.
दूसरी ओर कोरियाई टीम अधिकांश समय रक्षात्मक खेल दिखाती नजर आई जो उस पर भारी पड़ा. पहले दो क्वार्टर में भारतीय डिफेंस को भेदने में उसे कामयाबी नहीं मिली और गोल करने के मौके भी कोरियाई टीम बना नहीं सकी. भारत के लिये पहला गोल 30वें सेकंड में सुखजीत ने दागा. कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने बायें फ्लैंक से शानदार प्रदर्शन करते हुए सुखजीत को गेंद सौंपी जिसने बायें कार्नर पर से रिवर्स हिट लगाकर गेंद को गोल के भीतर डाला. दिलप्रीत आठवें मिनट में गोल करने के करीब पहुंचे लेकिन विवेक सागर प्रसाद के पास पर उनका शॉट कोरियाई गोलकीपर जेहान किम ने बचा लिया. अगले ही मूव पर भारत को पेनल्टी स्ट्रोक मिला लेकिन जुगराज सिंह की कोशिश नाकाम रही.
कोरियाई डिफेंस को भेदने में कोई रहम नहीं
भारतीय आक्रामक पंक्ति ने कोरियाई डिफेंस को पूरे मैच में दबाव में रखा. हरमनप्रीत ने हवा में गेंद उछालकर बायें कॉर्नर पर संजय को पास दिया जिसने सर्कल के भीतर दिलप्रीत को गेंद सौंपी. उन्होंने गोल करके हाफटाइम तक भारत को 2-0 से बढत दिला दी. कोरिया को पहला मौका 40वें मिनट में लगातार दो पेनल्टी कॉर्नर के रूप में मिला लेकिन भारतीय डिफेंस एक बार फिर अडिग था. भारत को पहला पेनल्टी कॉर्नर 44वें मिनट में मिला लेकिन हरमनप्रीत की कोशिश पहले रशर ने नाकाम कर दी. तीसरे क्वार्टर के आखिर में दिलप्रीत ने भारत के लिये एक और गोल किया.
हरमनप्रीत ने फ्री हिट पर राजकुमार पाल को पास दिया जिन्होंने दिलप्रीत को गेंद सौंपी और उन्होंने गोल करने में कोई गलती नहीं की. पांच मिनट बाद भारत को एक और पेनल्टी कॉर्नर मिला जिसे रोहिदास ने गोल में बदला. कोरिया के लिये आखिरी मिनटों में सोन ने एकमात्र गोल किया. वहीं मलेशिया ने चीन को 3-0 से हराकर तीसरा स्थान हासिल किया. जापान ने बांग्लादेश को हराकर पांचवां स्थान पाया.
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By अमलेश नंदन सिन्हा
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