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झारखंड : मनोहरपुर के घाघरा हॉल्ट से से कुड़मियों को हटाने गई पुलिस ने किया लाठीचार्ज, आंसू गैस के गोले दागे

Updated at : 20 Sep 2023 10:33 PM (IST)
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झारखंड : मनोहरपुर के घाघरा हॉल्ट से से कुड़मियों को हटाने गई पुलिस ने किया लाठीचार्ज, आंसू गैस के गोले दागे

कुड़मियों को आदिवासी का दर्जा देने की मांग पर झारखंड-ओडिशा में 6 जगहों पर आंदोलन शुरू हुआ. रेल ट्रैक जाम कर दिया गया. शाम को गोमो में आंदोलन वापस लेने की घोषणा हुई, लेकिन घाघरा में लोग ट्रैक पर डटे रहे. पुलिस समझाने गई, तो झड़प हुई. लाठीचार्ज, आंसू गैस के गोले दागे गए. आंदोलनकारियों ने पत्थरबाजी की.

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घाघरा (मनोहरपुर), राधेश सिंह राज : झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले के मनोहरपुर प्रखंड अंतर्गत घाघरा हाल्ट से आंदोलन कर रहे कुड़मियों को हटाने के लिए पहुंची पुलिस के साथ बुधवार (20 सितंबर) की रात आंदोलनकारियों की झड़प हो गई. पुलिस ने रेल ट्रैक जाम कर रहे लोगों पर लाठीचार्ज कर दिया, तो आंदोलनकारियों ने पत्थर फेंकने शुरू कर दिए. इसमें पुलिस और प्रशासनिक पदाधिकारी गंभीर रूप से चोटिल हो गए. बाद में पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे. आंसू गैस के गोले दागे जाने के बाद आंदोलनकारी रेलवे ट्रैक खाली करके दूसरी ओर चले गए. इस दौरान डीएसपी, बीडीओ और कई जवान घायल हो गए हैं. आंदोलन कर रहे लोगों में कितने लोगों को चोटें आईं हैं, इसकी पुख्ता जानकारी अभी तक नहीं मिल पाई है. पुलिस ने कई लोगों को हिरासत में भी लिया है. समाचार लिखे जाने तक आधिकारिक रूप से इसकी भी जानकारी नहीं दी गई है.

आंदोलनकारियों को समझाने पहुंची थी पुलिस

दरअसल, शाम को आंदोलनकारियों के नेता अजित महतो ने आंदोलन वापस लेने का ऐलान किया. कहा कि दो घंटे की वार्ता हुई है. इसमें तय हुआ है कि 25 सितंबर को झारखंड के मुख्य सचिव और टीआरआई के निदेशक के साथ राजधानी रांची में बैठक होगी. अगर इसके बाद भी कुड़मियों की मांगें नहीं मानी जाएंगी, तो इससे भी बड़ा आंदोलन किया जाएगा. इसके साथ ही आंदोलन के समापन की घोषणा हो गई. लेकिन, मनोहरपुर के घाघरा हॉल्ट पर दिन में करीब 4,000 लोग जुट गए थे. आसपास से आए लोग अपने-अपने घरों को चले गए. शाम को करीब एक हजार ऐसे लोग, जो दूर-दराज से आए थे, रेल ट्रैक खाली करने को तैयार नहीं थे.

उग्र हुए आंदोलनकारी, तो चली लाठियां, आंसू गैस के गोले, जमकर हुई पत्थरबाजी

रात को करीब नौ बजे पुलिस और प्रशासन की टीम आंदोलनकारियों को समझाने और रेलवे ट्रैक को खाली कराने के लिए पहुंची. रेलवे ट्रैक पर बैठे कुड़मी समाज के कुछ लोगों ने पुलिस-प्रशासन की बात मानने से इंकार कर दिया. दोनों पक्षों के बीच झड़प शुरू हो गई, जिसके बाद रात को करीब 9:30 बजे पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे कुड़मियों पर लाठीचार्ज कर दिया. इससे आंदोलनकारी भी उग्र हो गए. उन्होंने पुलिस पर पथराव कर दिया. पथराव में डीएसपी और बीडीओ भी घायल हो गए. आरपीएफ के कम से कम दो जवानों को चोटें आईं हैं. एक की नाक पर चोट लगी है. वह लहूलुहान अवस्था में दिख रहे हैं. आंदोलन कर रहे लोगों ने जब पथराव किया और वरीय अधिकारी घायल हो गए, तो पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे. इसके बाद रेलवे ट्रैक खाली हो गया.

पत्थरबाजी में बीडीओ, डीएसपी समेत कई घायल

आंदोलनकारियों की ओर से हुई पत्थरबाजी में बीडीओ हरि उरांव, डीएसपी अजित कुजूर, आरपीएफ के दो जवान अनिल सुम्बरुई, विश्वजीत बनर्जी चोटिल हो गए. अब रेलवे ट्रैक पर कोई आंदोलनकारी नहीं है. पुलिस और प्रशासन के लोग वहां मुस्तैद हैं और किसी को रेलवे ट्रैक पर आने से रोक रहे हैं. बताया जा रहा है कि दिन में करीब 200 फोर्स तैनात थी. शाम में और 150-200 पुलिस बलों को बुलाया गया. इसमें रैफ, सैप, महिला पुलिस और जिला पुलिस के जवान के साथ-साथ आरपीएफ के जवान भी शामिल थे.

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Mithilesh Jha

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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