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Tulsi Vivah 2025: तुलसी विवाह पर लग रहा है भद्रा, जानें किस तरह से होंगे सारे रीति-रिवाज

Updated at : 31 Oct 2025 1:45 PM (IST)
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Tulsi Vivah 2025 bhadra kaal

भद्रा काल में तुलसी विवाह 2025

Tulsi Vivah 2025: साल 2025 में तुलसी विवाह के दौरान भद्रा काल की वजह से लोगों में उलझन है. भद्रा लगने के कारण शुभ कार्य नहीं किए जाते हैं, इसलिए विवाह अगले दिन किया जाएगा. जानिए, इस पवित्र दिन के सभी रीति-रिवाज.

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Tulsi Vivah 2025 date, shubh muhurat: तुलसी विवाह एक खास पूजा है, जिसमें मां तुलसी और भगवान विष्णु का विवाह होता है. इस दिन शादी की तरह सारे रीति-रिवाज़ किए जाते हैं — जैसे कन्यादान, पूजन और मंगल गीत गाना. माना जाता है कि मां तुलसी, देवी लक्ष्मी का रूप हैं, जो वृंदा के रूप में जन्मी थीं. इस दिन तुलसी का पौधा दुल्हन माना जाता है और भगवान विष्णु को शालीग्राम के रूप में दूल्हा माना जाता है. महिलाएं भजन और शादी के गीत गाती हैं, और मंगलाष्टक मंत्र बोले जाते हैं. लेकिन इस साल तुलसी विवाह के दिन “भद्रा” नाम की एक ज्योतिषीय बाधा आ रही है, जिससे लोग यह समझ नहीं पा रहे हैं कि सही तारीख पर विवाह पूजा कब करनी चाहिए.

कल है देवउठनी एकादशी (Devuthani Ekadashi Date 2025)

देवउठनी एकादशी 1 नवंबर 2025 को है. यह तिथि सुबह 9 बजकर 12 मिनट पर शुरू होगी और 2 नवंबर की शाम 7 बजकर 32 मिनट तक रहेगी. इसके बाद 2 नवंबर की सुबह 7 बजकर 31 मिनट से द्वादशी तिथि शुरू हो जाएगी, जो 3 नवंबर की सुबह 5 बजकर 7 मिनट तक चलेगी. इसलिए देवउठनी एकादशी 1 नवंबर को मनाई जाएगी और तुलसी विवाह 2 नवंबर 2025 को होगा. ध्यान रहे, 1 नवंबर को दोपहर 3:30 बजे से रात 2:56 बजे तक भद्रा काल रहेगा. भद्रा के समय कोई भी शुभ काम नहीं किया जाता, इसलिए तुलसी विवाह अगले दिन यानी 2 नवंबर को किया जाएगा.

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तुलसी विवाह (2 नवंबर 2025) के शुभ मुहूर्त (Tulsi Vivah Shubh Muhurat)

  • ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:50 से 5:42 बजे तक
  • अभिजित मुहूर्त: सुबह 11:42 से दोपहर 12:26 बजे तक
  • विजय मुहूर्त: दोपहर 1:55 से 2:39 बजे तक
  • गोधूलि मुहूर्त: शाम 5:35 से 6:01 बजे तक
  • अमृत काल: सुबह 9:29 से 11:00 बजे तक
  • त्रिपुष्कर योग: सुबह 7:31 से शाम 5:03 बजे तक
  • इन मुहूर्तों में तुलसी विवाह करना सबसे शुभ माना गया है.

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Shaurya Punj

लेखक के बारे में

By Shaurya Punj

मैंने डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव हासिल किया है. पिछले 6 वर्षों से मैं विशेष रूप से धर्म और ज्योतिष विषयों पर सक्रिय रूप से लेखन कर रहा हूं. ये मेरे प्रमुख विषय हैं और इन्हीं पर किया गया काम मेरी पहचान बन चुका है. हस्तरेखा शास्त्र, राशियों के स्वभाव और उनके गुणों से जुड़ी सामग्री तैयार करने में मेरी निरंतर भागीदारी रही है. रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज से मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री प्राप्त करने के बाद. इसके साथ साथ कंटेंट राइटिंग और मीडिया से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में काम करते हुए मेरी मजबूत पकड़ बनी. इसके अलावा, एंटरटेनमेंट, लाइफस्टाइल और शिक्षा जैसे विषयों पर भी मैंने गहराई से लेखन किया है, जिससे मेरी लेखन शैली संतुलित, भरोसेमंद और पाठक-केंद्रित बनी है.

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