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Tulsi ji ki aarti lyrics: जय जय जय तुलसी माता … कार्तिक मास में करें इस आरती का पाठ

Updated at : 01 Nov 2025 3:02 PM (IST)
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Tulsi ji ki aarti lyrics in hindi

कार्तिक माह में करें तुलसी माता की आरती

Tulsi ji ki aarti lyrics in hindi: तुलसी माता की आरती “जय जय जय तुलसी माता” देवी तुलसी के महिमा गान का सुंदर रूप है। इसे गाने से वातावरण शुद्ध होता है और घर में मंगल की अनुभूति होती है. भक्त इस आरती के माध्यम से माँ तुलसी से आशीर्वाद और दिव्य कृपा की कामना करते हैं.

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Tulsi ji ki aarti lyrics: हिंदू धर्म में कार्तिक मास को अत्यंत पवित्र और शुभ माना गया है, और इस महीने में तुलसी माता की पूजा का विशेष महत्व बताया गया है. कहा जाता है कि इस पावन माह में घर में तुलसी का पौधा लगाना और उसकी सेवा करना शुभ फल प्रदान करता है. तुलसी पूजन से न केवल पापों का नाश होता है, बल्कि परिवार में सुख, सौभाग्य और समृद्धि का वास होता है.

कार्तिक माह में करें नियमित रूप से तुलसी माता की आरती

कार्तिक माह में जो लोग नियमित रूप से तुलसी माता की आरती करते हैं, उन पर भगवान विष्णु और देवी लक्ष्मी की विशेष कृपा बनी रहती है. कार्तिक मास के प्रत्येक दिन तुलसी माता की आरती और भक्ति भाव से पूजन करने से पुण्य की वृद्धि होती है. विशेष रूप से देव उठनी एकादशी और कार्तिक पूर्णिमा के दिन तुलसी की आरती का गायन करना अत्यंत शुभ माना गया है. यह न केवल आध्यात्मिक उत्थान का मार्ग है, बल्कि जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और दिव्य आशीर्वाद लाने वाला कार्य भी है.

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Jai Tulsi Mata ki Aarti Lyrics ANURADHA PAUDWAL ( तुलसी माता की आरती )

जय जय तुलसी माता, मैय्या जय तुलसी माता ।
सब जग की सुख दाता, सबकी वर माता।। – मैय्या जय तुलसी माता।।

सब योगों से ऊपर, सब रोगों से ऊपर।
रज से रक्ष करके, सबकी भव त्राता। -मैय्या जय तुलसी माता।।बटु पुत्री है श्यामा, सूर बल्ली है ग्राम्या।
विष्णुप्रिय जो नर तुमको सेवे, सो नर तर जाता। – मैय्या जय तुलसी माता।।

हरि के शीश विराजत, त्रिभुवन से हो वंदित।
पतित जनों की तारिणी, तुम हो विख्याता। -मैय्या जय तुलसी माता।।

लेकर जन्म विजन में, आई दिव्य भवन में।
मानव लोक तुम्हीं से, सुख-संपति पाता। – मैय्या जय तुलसी माता।।

हरि को तुम अति प्यारी, श्याम वर्ण सुकुमारी। प्रेम अजब है उनका, तुमसे कैसा नाता।
हमारी विपद हरो तुम, कृपा करो माता। मैय्या जय तुलसी माता।।

जय जय तुलसी माता, मैय्या जय तुलसी माता।
सब जग की सुख दाता, सबकी वर माता॥ – मैय्या जय तुलसी माता।।

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Shaurya Punj

लेखक के बारे में

By Shaurya Punj

मैंने डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव हासिल किया है. पिछले 6 वर्षों से मैं विशेष रूप से धर्म और ज्योतिष विषयों पर सक्रिय रूप से लेखन कर रहा हूं. ये मेरे प्रमुख विषय हैं और इन्हीं पर किया गया काम मेरी पहचान बन चुका है. हस्तरेखा शास्त्र, राशियों के स्वभाव और उनके गुणों से जुड़ी सामग्री तैयार करने में मेरी निरंतर भागीदारी रही है. रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज से मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री प्राप्त करने के बाद. इसके साथ साथ कंटेंट राइटिंग और मीडिया से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में काम करते हुए मेरी मजबूत पकड़ बनी. इसके अलावा, एंटरटेनमेंट, लाइफस्टाइल और शिक्षा जैसे विषयों पर भी मैंने गहराई से लेखन किया है, जिससे मेरी लेखन शैली संतुलित, भरोसेमंद और पाठक-केंद्रित बनी है.

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