सोम प्रदोष व्रत के दिन जरूर सुनें यह कथा, बरसेगी महादेव की कृपा

Author :Shaurya Punj
Published by :Shaurya Punj
Updated at :30 Mar 2026 8:54 AM
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Som Pradosh Vrat katha

सोम प्रदोष व्रत कथा

Som Pradosh Vrat katha: सोम प्रदोष व्रत 2026 में 30 मार्च को रखा जाएगा. जानें पूजा का शुभ समय, विधि, और स्कंद पुराण में वर्णित प्रदोष व्रत की चमत्कारी कथा.

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Som Pradosh Vrat katha: हर महीने शुक्ल और कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि पर प्रदोष व्रत रखा जाता है. जब यह व्रत सोमवार के दिन पड़ता है, तो इसे सोम प्रदोष व्रत कहा जाता है. मार्च 2026 का अंतिम प्रदोष व्रत 30 मार्च, सोमवार को पड़ रहा है, जो भगवान शिव की पूजा के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है.

पंचांग के अनुसार, चैत्र शुक्ल त्रयोदशी तिथि की शुरुआत 30 मार्च को सुबह 7:10 बजे होगी और इसका समापन 31 मार्च को सुबह 6:57 बजे होगा. चूंकि प्रदोष काल 30 मार्च को ही पड़ रहा है, इसलिए इसी दिन व्रत और पूजा करना फलदायी रहेगा.

सोम प्रदोष व्रत पूजा विधि

प्रदोष व्रत के दिन श्रद्धालु प्रदोष काल में भगवान शिव की पूजा करते हैं. इस दौरान शिवलिंग पर जल, दूध, बेलपत्र और धतूरा अर्पित कर अभिषेक किया जाता है. पूजा के समय धूप-दीप जलाकर भगवान शिव का ध्यान करें और मंत्रों का जाप करें. धार्मिक मान्यता के अनुसार, प्रदोष व्रत की कथा सुनना या पढ़ना अत्यंत आवश्यक है. बिना कथा के यह व्रत अधूरा माना जाता है. इसलिए पूजा के अंत में कथा का पाठ जरूर करें.

सोम प्रदोष व्रत कथा

स्कंद पुराण में वर्णित कथा के अनुसार, प्राचीन समय में एक गरीब ब्राह्मणी अपने छोटे बेटे के साथ भिक्षा मांगकर जीवन यापन करती थी. एक दिन उसे नदी किनारे एक अनाथ बालक मिला, जो वास्तव में विदर्भ का राजकुमार धर्मगुप्त था.

दयालु ब्राह्मणी उसे अपने घर ले आई और अपने पुत्र की तरह पालन-पोषण करने लगी. कुछ समय बाद वह बच्चों के साथ ऋषि शांडिल्य के आश्रम पहुंची. ऋषि ने अपनी दिव्य दृष्टि से राजकुमार की पहचान कर ब्राह्मणी को प्रदोष व्रत का महत्व बताया.

उनकी सलाह पर ब्राह्मणी और दोनों बालकों ने श्रद्धा से व्रत करना शुरू किया. धीरे-धीरे उनके जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आने लगे. आगे चलकर धर्मगुप्त का विवाह गंधर्व कन्या अंशुमती से हुआ और गंधर्वों की सहायता से उसने अपना खोया राज्य वापस पा लिया. इस कथा से स्पष्ट होता है कि सच्ची श्रद्धा से किया गया प्रदोष व्रत जीवन की कठिनाइयों को दूर कर सफलता और सुख प्रदान करता है.

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सोम प्रदोष व्रत का धार्मिक महत्व

सोम प्रदोष व्रत भगवान शिव की कृपा पाने का श्रेष्ठ माध्यम माना जाता है. इस दिन व्रत और पूजा करने से व्यक्ति के पाप नष्ट होते हैं और जीवन में सुख-समृद्धि आती है. साथ ही यह व्रत मनोकामनाओं की पूर्ति और आध्यात्मिक उन्नति का मार्ग भी प्रशस्त करता है.

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लेखक के बारे में

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शौर्य पुंज डिजिटल मीडिया में पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर हैं. उन्हें न्यूज वर्ल्ड में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. शौर्य खबरों की नब्ज को समझकर उसे आसान और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में माहिर हैं. साल 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान उन्होंने दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांसिंग की. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में दो महीने की इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन के लिए कार्य करना शुरू किया. उस समय उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस बिजनेस और एंटरटेनमेंट गॉसिप जैसी खबरों पर काम किया. साल 2020 में कोरोना काल के दौरान उन्हें लाइफस्टाइल, धर्म-कर्म, एजुकेशन और हेल्थ जैसे नॉन-न्यूज सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. उन्होंने लाइफस्टाइल कैटेगरी के कई महत्वपूर्ण सेक्शनों में योगदान दिया. Health & Fitness सेक्शन में डाइट, योग, वेट लॉस, मानसिक स्वास्थ्य और फिटनेस टिप्स से जुड़े उपयोगी कंटेंट पर कार्य किया. Beauty & Fashion सेक्शन में स्किन केयर, हेयर केयर, मेकअप और ट्रेंडिंग फैशन विषयों पर लेख तैयार किए. Relationship & Family कैटेगरी में पति-पत्नी संबंध, डेटिंग, पैरेंटिंग और दोस्ती जैसे विषयों पर जानकारीपूर्ण कंटेंट लिखा. Food & Recipes सेक्शन में हेल्दी फूड, रेसिपी और किचन टिप्स से संबंधित सामग्री विकसित की. Travel सेक्शन के लिए घूमने की जगहों, बजट ट्रिप और ट्रैवल टिप्स पर लेखन किया. Astrology / Vastu में राशिफल, वास्तु टिप्स और ज्योतिष आधारित कंटेंट पर काम किया. Career & Motivation सेक्शन में सेल्फ-इम्प्रूवमेंट, मोटिवेशन और पर्सनैलिटी डेवलपमेंट विषयों पर योगदान दिया. Festival & Culture सेक्शन में त्योहारों की परंपराएं, पूजा विधि और शुभ मुहूर्त से संबंधित कंटेंट पर कार्य किया. इसके अलावा Women Lifestyle / Men Lifestyle और Health Education & Wellness जैसे विषयों पर भी मर्यादित एवं जानकारीपूर्ण लेखन के माध्यम से योगदान दिया. साल 2023 से शौर्य ने पूरी तरह से प्रभातखबर.कॉम के धर्म-कर्म और राशिफल सेक्शन में अपना योगदान देना शुरू किया. इस दौरान उन्होंने दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों पर विशेष फोकस किया. साथ ही पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए सरल, सहज और जानकारीपूर्ण धार्मिक कंटेंट तैयार करने पर लगातार कार्य किया. रांची में जन्मे शौर्य की प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एण्ड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. ऑनर्स की डिग्री प्राप्त की. यह शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें हिंदी पत्रकारिता की वह विशेषज्ञता प्रदान करती है, जो पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे — के आधार पर प्रभावी और तथ्यपूर्ण समाचार लेखन के लिए आवश्यक मानी जाती है.

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