Siddhilakshmi Jayanti 2026, धन और सिद्धि पाने का खास दिन

सिद्धिलक्ष्मी जयंती का महत्व
Siddhilakshmi Jayanti: सिद्धिलक्ष्मी जयंती पर माता लक्ष्मी के सिद्ध रूप की पूजा से धन, सफलता और सुख-समृद्धि प्राप्त होती है. जानें इसका महत्व, तिथि और पूजा का शुभ समय.
Siddhilakshmi Jayanti 2026: हिंदू पंचांग के अनुसार, वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को सिद्धिलक्ष्मी जयंती मनाई जाती है. यह दिन माता लक्ष्मी के विशेष रूप—देवी सिद्धिलक्ष्मी—की आराधना के लिए समर्पित होता है. धार्मिक मान्यता के अनुसार, देवी सिद्धिलक्ष्मी द्वादश सिद्धिविद्या देवियों में से एक हैं और उनकी पूजा करने से धन, सफलता और आध्यात्मिक सिद्धि की प्राप्ति होती है.
सिद्धिलक्ष्मी जयंती तिथि और मुहूर्त
साल 2026 में वैशाख शुक्ल एकादशी तिथि 26 अप्रैल को शाम 6:06 बजे शुरू होकर 27 अप्रैल को शाम 6:15 बजे समाप्त होगी. उदया तिथि के अनुसार, सिद्धिलक्ष्मी जयंती 27 अप्रैल 2026, सोमवार को मनाई जाएगी.
इस दिन पूजा के लिए कई शुभ मुहूर्त हैं:
ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 04:17 से 05:01
अभिजीत मुहूर्त: 11:53 से 12:45
विजय मुहूर्त: 14:31 से 15:23
अमृत काल: 14:41 से 16:20
गोधूलि मुहूर्त: 18:53 से 19:14
सायाह्न संध्या: 18:54 से 19:59
अष्टलक्षणा स्वरूप का महत्व
धर्मग्रंथों में देवी सिद्धिलक्ष्मी को “अष्टलक्षणा” कहा गया है. इसका अर्थ है कि उनकी पूजा से आठ प्रकार की समृद्धियां प्राप्त होती हैं—धन, धान्य, पुत्र, आरोग्य, ज्ञान, सौभाग्य, विजय और मोक्ष. इसलिए इस दिन उनकी आराधना को अत्यंत फलदायी माना जाता है.
धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व
सिद्धिलक्ष्मी जयंती केवल धन प्राप्ति का पर्व नहीं है, बल्कि यह आत्मिक उन्नति का भी प्रतीक है. इस दिन विधि-विधान से पूजा करने पर आर्थिक समस्याएं दूर होती हैं और जीवन में सफलता के नए मार्ग खुलते हैं. साथ ही, यह दिन व्यक्ति को संयम, श्रद्धा और संतुलन का महत्व भी सिखाता है.
परिवार और जीवन में सकारात्मक प्रभाव
इस दिन मां सिद्धिलक्ष्मी की पूजा करने से घर में सुख-शांति और समृद्धि बनी रहती है. मानसिक तनाव कम होता है और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है. सच्चे मन से की गई भक्ति न केवल भौतिक सुख देती है, बल्कि जीवन में संतोष और स्थिरता भी लाती है.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Shaurya Punj
मैंने डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव हासिल किया है. पिछले 6 वर्षों से मैं विशेष रूप से धर्म और ज्योतिष विषयों पर सक्रिय रूप से लेखन कर रहा हूं. ये मेरे प्रमुख विषय हैं और इन्हीं पर किया गया काम मेरी पहचान बन चुका है. हस्तरेखा शास्त्र, राशियों के स्वभाव और उनके गुणों से जुड़ी सामग्री तैयार करने में मेरी निरंतर भागीदारी रही है. रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज से मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री प्राप्त करने के बाद. इसके साथ साथ कंटेंट राइटिंग और मीडिया से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में काम करते हुए मेरी मजबूत पकड़ बनी. इसके अलावा, एंटरटेनमेंट, लाइफस्टाइल और शिक्षा जैसे विषयों पर भी मैंने गहराई से लेखन किया है, जिससे मेरी लेखन शैली संतुलित, भरोसेमंद और पाठक-केंद्रित बनी है.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए




