मोहिनी एकादशी पर इन चीजों से रहें दूर, तभी मिलेगा पूरा फल

Edited by Shaurya Punj
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मोहिनी एकादशी पर इन नियमों का पालन है जरूरी

Mohini Ekadashi 2026: मोहिनी एकादशी के दिन किन चीजों से दूरी बनानी चाहिए? जानें भोजन, व्यवहार और दिनचर्या से जुड़े नियम, जो व्रत को सफल और शुभ बनाते हैं.

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Mohini Ekadashi 2026: मोहिनी एकादशी वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को आती है और सनातन धर्म में इसका विशेष महत्व माना जाता है. यह व्रत भगवान विष्णु को समर्पित है, जिन्होंने मोहिनी रूप धारण कर अमृत की रक्षा की थी. साल 2026 में यह पावन व्रत 27 अप्रैल, सोमवार को मनाया जाएगा. इस दिन भक्त व्रत, भजन, ध्यान और कथा सुनकर भगवान की कृपा प्राप्त करने का प्रयास करते हैं.

लेकिन शास्त्रों में कुछ ऐसे नियम भी बताए गए हैं, जिनका पालन करना बहुत जरूरी है. यदि इन नियमों को नजरअंदाज किया जाए, तो व्रत का पूरा फल नहीं मिलता.

अन्न और तामसिक भोजन से दूरी रखें

एकादशी के दिन अन्न, खासकर चावल खाना वर्जित माना गया है. मान्यता है कि इस दिन चावल खाने से अशुभ फल मिल सकता है. इसके अलावा लहसुन, प्याज, मांस और मदिरा जैसे तामसिक भोजन से भी पूरी तरह दूर रहना चाहिए. इससे व्रत की पवित्रता बनी रहती है.

क्रोध और गलत व्यवहार से बचें

यह दिन आत्मसंयम और शुद्धता का प्रतीक है. ऐसे में किसी पर क्रोध करना, झूठ बोलना, अपशब्द कहना या किसी का दिल दुखाना गलत माना जाता है. ऐसा करने से व्रत का पुण्य कम हो जाता है और उसका लाभ नहीं मिल पाता.

आलस्य और अधिक नींद से करें परहेज

एकादशी के दिन ज्यादा सोना या आलस्य करना भी ठीक नहीं माना जाता. शास्त्रों के अनुसार, इस दिन जागकर भगवान का भजन-कीर्तन करना विशेष फल देता है. कहा जाता है कि रात्रि जागरण करने से हजार यज्ञों के बराबर पुण्य मिलता है.

हिंसा से दूर रहें, दया का पालन करें

इस पावन दिन किसी भी प्रकार की हिंसा से बचना चाहिए. मांसाहार, मछली पकड़ना या किसी जीव को कष्ट देना वर्जित है. यह दिन दया, करुणा और संयम का संदेश देता है, इसलिए सभी जीवों के प्रति प्रेमभाव रखना चाहिए.

दिखावा नहीं, सच्ची श्रद्धा जरूरी

धार्मिक कार्यों में दिखावा करना सबसे बड़ी भूल मानी जाती है. यदि व्रत केवल लोगों को दिखाने के लिए किया जाए, तो उसका कोई लाभ नहीं होता. सच्चे मन, वचन और कर्म से किया गया व्रत ही भगवान विष्णु की कृपा दिलाता है.

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सच्चे भाव से करें व्रत

मोहिनी एकादशी का व्रत तभी फलदायी होता है, जब इसे पूरी श्रद्धा और नियमों के साथ किया जाए. यह दिन हमें संयम, भक्ति और सकारात्मक जीवन जीने की सीख देता है.

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शौर्य पुंज विशेष रूप से दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों एवं लेखों पर फोकस कर रहे हैं. वो डिजिटल मीडिया जगत के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. पाठकों की रुचि और जरूरतों को ध्यान में रखते हुए वे सरल, सहज और तथ्यपूर्ण धार्मिक एवं ज्योतिषीय कंटेंट तैयार करते हैं. डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ शौर्य खबरों की नब्ज को समझने और जटिल विषयों को आसान भाषा में प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांस लेखन से की थी. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में कार्य करने का अवसर मिला और अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन में काम शुरू किया. यहां उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस रिपोर्ट और मनोरंजन जगत की प्रमुख खबरों पर लेखन किया. साल 2020 के दौरान उन्होंने लाइफस्टाइल, हेल्थ, एजुकेशन और अन्य नॉन-न्यूज कैटेगरी में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया. Health & Fitness, Beauty & Fashion, Relationship & Family, Food & Recipes, Travel, Astrology & Vastu, Career & Motivation, Festival & Culture जैसे विषयों पर उन्होंने सैकड़ों उपयोगी और जानकारीपूर्ण लेख तैयार किए. शिक्षा शौर्य पुंज का जन्म रांची, झारखंड में हुआ. उनकी प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एंड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. (ऑनर्स) की डिग्री प्राप्त की. पत्रकारिता की उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें समाचार लेखन के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे के आधार पर तथ्यपूर्ण, संतुलित और प्रभावी कंटेंट तैयार करने में सक्षम बनाती है. विशेषज्ञता के क्षेत्र दैनिक राशिफल साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल ज्योतिषीय उपाय पूजा-पाठ एवं धार्मिक अनुष्ठान व्रत-त्योहार एवं शुभ मुहूर्त वास्तु शास्त्र धार्मिक मान्यताएं एवं परंपराएं लाइफस्टाइल एवं वेलनेस हेल्थ एवं फिटनेस डिजिटल कंटेंट राइटिंग एवं SEO पाठकों तक विश्वसनीय, उपयोगी और आसान भाषा में जानकारी पहुंचाना शौर्य पुंज की लेखन शैली की सबसे बड़ी विशेषता है.

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