वैशाख शुक्ल एकादशी को क्यों कहते हैं मोहिनी एकादशी, यहां जानें क्या है मान्यता

Published by :Shaurya Punj
Published at :25 Apr 2026 1:45 PM (IST)
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Mohini Ekadashi 2026

वैशाख शुक्ल एकादशी और मोहिनी एकादशी कै संबंध

Mohini Ekadashi 2026: वैशाख शुक्ल एकादशी को मोहिनी एकादशी क्यों कहते हैं? जानें समुद्र मंथन से जुड़ी पौराणिक कथा, भगवान विष्णु के मोहिनी अवतार और इस व्रत के महत्व की पूरी जानकारी।

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Mohini Ekadashi 2026: हिंदू पंचांग के अनुसार, वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को मोहिनी एकादशी व्रत रखा जाता है. वैसे तो हर महीने में दो एकादशी आती हैं—एक शुक्ल पक्ष में और एक कृष्ण पक्ष में—लेकिन मोहिनी एकादशी का विशेष महत्व माना जाता है. यह व्रत भगवान विष्णु को समर्पित होता है और इसे करने से पापों से मुक्ति और जीवन में सुख-समृद्धि मिलने की मान्यता है.

मोहिनी एकादशी 2026 की तिथि

वैदिक पंचांग के अनुसार, साल 2026 में वैशाख माह की शुक्ल पक्ष एकादशी की शुरुआत 26 अप्रैल को शाम 6 बजकर 6 मिनट पर होगी. इसका समापन 27 अप्रैल को शाम 6 बजकर 15 मिनट पर होगा.
उदयातिथि के अनुसार, मोहिनी एकादशी का व्रत 27 अप्रैल 2026, सोमवार को रखा जाएगा. इस दिन भक्त पूरे श्रद्धा भाव से व्रत रखकर भगवान विष्णु की पूजा करते हैं.

मोहिनी एकादशी पूजा का शुभ मुहूर्त

मोहिनी एकादशी के दिन पूजा के लिए शुभ समय सुबह 9 बजकर 2 मिनट से लेकर 10 बजकर 40 मिनट तक रहेगा. इस दौरान भगवान विष्णु की विधि-विधान से पूजा करना अत्यंत फलदायी माना जाता है.
भक्त इस समय मंत्र जाप, व्रत कथा और पूजा-अर्चना कर भगवान का आशीर्वाद प्राप्त कर सकते हैं.

क्यों कहलाती है ‘मोहिनी’ एकादशी?

मोहिनी एकादशी के नाम के पीछे एक रोचक पौराणिक कथा जुड़ी है. जब देवताओं और असुरों ने समुद्र मंथन किया, तब अमृत कलश प्राप्त हुआ. अमृत पाने के लिए दोनों पक्षों में विवाद होने लगा और असुर इसे पाने में आगे बढ़ने लगे. देवताओं ने इस संकट से बचने के लिए भगवान विष्णु से सहायता मांगी. तब भगवान विष्णु ने एक अत्यंत सुंदर और आकर्षक स्त्री रूप—मोहिनी—धारण किया. इस रूप को देखकर असुर मोहित हो गए और उनकी बुद्धि भ्रमित हो गई. भगवान ने अपनी माया से असुरों को उलझाकर अमृत देवताओं को दे दिया. इस प्रकार देवताओं ने अमृत पान कर अमरत्व प्राप्त किया. मान्यता है कि भगवान विष्णु ने यह मोहिनी रूप इसी एकादशी तिथि पर धारण किया था.

ये भी पढ़ें: मोहिनी एकादशी 2026 कब मनाई जाएगी? नोट करें तिथि, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

मोहिनी एकादशी व्रत का धार्मिक महत्व

मोहिनी एकादशी का व्रत करने से व्यक्ति को मानसिक शांति, आध्यात्मिक उन्नति और पापों से मुक्ति मिलती है. यह व्रत भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त करने का एक विशेष अवसर माना जाता है. इस दिन श्रद्धा और भक्ति के साथ पूजा करने से जीवन में सकारात्मक बदलाव आते हैं और सुख-समृद्धि का मार्ग प्रशस्त होता है.

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Shaurya Punj

लेखक के बारे में

By Shaurya Punj

मैंने डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव हासिल किया है. पिछले 6 वर्षों से मैं विशेष रूप से धर्म और ज्योतिष विषयों पर सक्रिय रूप से लेखन कर रहा हूं. ये मेरे प्रमुख विषय हैं और इन्हीं पर किया गया काम मेरी पहचान बन चुका है. हस्तरेखा शास्त्र, राशियों के स्वभाव और उनके गुणों से जुड़ी सामग्री तैयार करने में मेरी निरंतर भागीदारी रही है. रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज से मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री प्राप्त करने के बाद. इसके साथ साथ कंटेंट राइटिंग और मीडिया से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में काम करते हुए मेरी मजबूत पकड़ बनी. इसके अलावा, एंटरटेनमेंट, लाइफस्टाइल और शिक्षा जैसे विषयों पर भी मैंने गहराई से लेखन किया है, जिससे मेरी लेखन शैली संतुलित, भरोसेमंद और पाठक-केंद्रित बनी है.

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