आर्द्रा नक्षत्र क्या है? जानें इस दौरान क्यों खाया जाता है आम

Edited by Neha Kumari
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आर्द्रा नक्षत्र सांकेतिक तस्वीर

Ardra Nakshatra 2026: आर्द्रा नक्षत्र के आगमन के साथ मौसम में बड़ा बदलाव शुरू माना जाता है. मान्यता है कि इसी समय प्रकृति नया रूप लेती है और धरती सृजन के लिए तैयार होती है. . परंपरा के अनुसार इस दौरान आम खाना स्वास्थ्यवर्धक और शुभ माना जाता है, जो शरीर को मौसम के अनुकूल बनाता है.

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Ardra Nakshatra 2026: आज यानी 22 जून 2026 को सूर्य देव मृगशिरा नक्षत्र से निकलकर आर्द्रा नक्षत्र में प्रवेश कर चुके हैं. इसे आम बोलचाल में ‘आदरा’ या ‘अरदरा’ भी कहा जाता है. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, आर्द्रा नक्षत्र के देवता भगवान रुद्र (शिव) हैं और इसके स्वामी राहु माने जाते हैं. ज्योतिषीय दृष्टि से ही नहीं, बल्कि भारतीय ग्रामीण परिवेश, विशेषकर बिहार, पूर्वांचल और मिथिलांचल में भी इस दिन का विशेष धार्मिक, सांस्कृतिक और कृषि संबंधी महत्व है.

मान्यता है कि आर्द्रा नक्षत्र के आरंभ होते ही तपती गर्मी से राहत मिलने लगती है और वर्षा ऋतु का आगमन होता है. इसी पावन समय में मिथिलांचल के किसान खेतों में धान की रोपाई की शुरुआत करते हैं. इसके साथ ही इस अवधि में आम खाने की भी एक विशेष परंपरा प्रचलित है.

क्या है आर्द्रा नक्षत्र?

आर्द्रा आकाशमंडल का छठा नक्षत्र है. ‘आर्द्रा’ शब्द का शाब्दिक अर्थ ‘नम’ या ‘नमी युक्त’ होता है. जब सूर्य इस नक्षत्र में प्रवेश करते हैं, तो धार्मिक मान्यताओं के अनुसार धरती रजस्वला होती है, अर्थात वह नए सृजन और कृषि कार्यों के लिए तैयार मानी जाती है.

यह समय भीषण गर्मी के अंत और वर्षा ऋतु की शुरुआत का प्रतीक माना जाता है. किसान इस दौरान खेतों को तैयार करते हैं तथा धान की बुवाई और रोपाई का कार्य आरंभ करते हैं. यही कारण है कि कृषि प्रधान भारत में आर्द्रा नक्षत्र का आगमन किसी उत्सव से कम नहीं माना जाता.

आर्द्रा नक्षत्र में आम खाने का महत्व

मान्यता है कि आर्द्रा नक्षत्र के साथ ही मानसून का प्रभाव शुरू होने लगता है. इस समय होने वाली शुरुआती बारिश के बाद आम पूरी तरह पक जाते हैं और स्वास्थ्य के लिए अधिक लाभकारी माने जाते हैं.

  • पाचन के लिए लाभकारी:  कहा जाता है कि आर्द्रा नक्षत्र से पहले खाए गए आम शरीर में गर्मी बढ़ा सकते हैं, जबकि इस समय प्राकृतिक रूप से पके आम अपेक्षाकृत अधिक सुपाच्य होते हैं.
  • परंपरा और स्वास्थ्य का संगम: आर्द्रा नक्षत्र के दौरान आम, खीर और पूड़ी खाने की प्राचीन परंपरा है. माना जाता है कि यह भोजन शरीर को बदलते मौसम के अनुकूल बनाने में सहायक होता है तथा रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करने में मदद करता है.

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नेहा कुमारी प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. वे धर्म, ज्योतिष, राशिफल, व्रत-त्योहार, पौराणिक कथाओं और भारतीय संस्कृति से जुड़े विषयों पर लेखन करती हैं. उनकी विशेष रुचि धार्मिक परंपराओं, ज्योतिषीय विश्लेषण और दैनिक राशिफल को सरल, सटीक और पाठक-हितैषी भाषा में प्रस्तुत करने में है. नेहा का उद्देश्य पाठकों तक विश्वसनीय और उपयोगी जानकारी पहुंचाना है, ताकि वे धर्म, संस्कृति और ज्योतिष से जुड़े विषयों को आसानी से समझ सकें. उनकी लेखन शैली शोध-आधारित, सरल और स्पष्ट है, जो जटिल विषयों को भी सहज और रोचक बना देती है. वे राशिफल, ग्रह-गोचर, व्रत-त्योहार, धार्मिक मान्यताओं, वास्तु, पौराणिक प्रसंगों और भारतीय रीति-रिवाजों से संबंधित विषयों पर नियमित रूप से लेख लिखती हैं. डिजिटल पत्रकारिता में उनकी रुचि पाठकों की जरूरतों को समझते हुए जानकारीपूर्ण, SEO-अनुकूल और प्रभावी कंटेंट तैयार करने में है.

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