कब है शनि जयंती 2025, जानिए पूजन विधि और शुभ मुहूर्त की जानकारी

Updated at : 01 May 2025 1:50 PM (IST)
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Shani Jayanti 2025 date

Shani Jayanti 2025 date

Shani Jayanti 2025: हिंदू कैलेंडर के अनुसार, ज्येष्ठ माह की अमावस्या को शनि जयंती का उत्सव मनाया जाता है. यह माना जाता है कि इस दिन सूर्य देव और छाया पुत्र शनिदेव का जन्म हुआ था. न्याय के देवता और कर्मफल दाता शनि की इस दिन विधिपूर्वक पूजा करने और व्रत रखने का महत्व है. मान्यता है कि शनि जातकों को उनके कर्मों के अनुसार फल प्रदान करते हैं. आइए जानते हैं ज्येष्ठ माह में आने वाली शनि जयंती की सही तिथि, मुहूर्त और उपायों के बारे में...

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Shani Jayanti 2025: अगर आपकी कुंडली में शनि भारी है या बार-बार मेहनत के बाद भी सफलता हाथ नहीं लग रही, तो शनि जयंती आपके लिए बेहद खास दिन हो सकता है. शनि देव को न्याय का देवता माना जाता है, जो व्यक्ति को उसके कर्मों के अनुसार फल देते हैं. कहते हैं, जो शनि देव को प्रसन्न कर ले, उसकी किस्मत पलट सकती है.

शनि जयंती 2025 कब है?

इस साल शनि जयंती 27 मई 2025 (मंगलवार) को मनाई जाएगी. हिंदू पंचांग के अनुसार यह दिन ज्येष्ठ अमावस्या को आता है, और इसी दिन शनि देव का जन्म हुआ था. शनि देव सूर्य देव के पुत्र माने जाते हैं.

शुभ मुहूर्त और योग

  • अमावस्या तिथि की शुरुआत: 26 मई, दोपहर 12:11 बजे
  • अमावस्या तिथि का समापन: 27 मई, सुबह 8:31 बजे

इस दिन कई शुभ योग भी बन रहे हैं

  • सुकर्मा योग – 27 मई रात 10:54 बजे तक
  • सर्वार्थ सिद्धि योग – सुबह 5:25 बजे से 5:32 बजे तक (बहुत ही दुर्लभ)
  • शिववास योग – सुबह 8:31 बजे तक रहेगा (कहा जाता है कि इस योग में भगवान शिव कैलाश पर विराजते हैं)

पंचांग से जुड़ी जरूरी जानकारियां

  • सूर्योदय – सुबह 5:23 बजे
  • सूर्यास्त – शाम 7:12 बजे
  • चंद्रास्त – शाम 7:49 बजे
  • ब्रह्म मुहूर्त – 4:03 से 4:44 बजे तक
  • विजय मुहूर्त – दोपहर 2:36 से 3:31 बजे तक
  • गोधूलि मुहूर्त – शाम 7:11 से 7:31 बजे तक
  • निशिता मुहूर्त – रात 11:58 से 12:39 बजे तक

क्या करें इस दिन?

  • शनि देव की पूजा करें, सरसों के तेल का दीपक जलाएं.
  • शनिचरी अमावस्या व्रत रखें.
  • पीपल के पेड़ की परिक्रमा करें और जल अर्पित करें.
  • काले तिल, काले कपड़े, लोहे का दान करें.
  • जरूरतमंदों को भोजन या वस्त्र दान करें.

शिव की भक्ति से प्रसन्न होते हैं शनि

शास्त्रों में बताया गया है कि जो व्यक्ति शिव भक्ति करता है, शनि देव उस पर कृपा करते हैं. इस दिन शिवलिंग पर गंगाजल, दूध और जल चढ़ाना बेहद शुभ माना जाता है. शनि जयंती का दिन आपके जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकता है. बस श्रद्धा और सही तरीके से पूजा करें.

जन्मकुंडली, वास्तु, तथा व्रत त्यौहार से सम्बंधित किसी भी तरह से जानकारी प्राप्त करने हेतु दिए गए नंबर पर फोन करके जानकारी प्राप्त कर सकते हैं.

ज्योतिषाचार्य संजीत कुमार मिश्रा
ज्योतिष वास्तु एवं रत्न विशेषज्ञ
8080426594/9545290847

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Shaurya Punj

लेखक के बारे में

By Shaurya Punj

मैंने डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव हासिल किया है. पिछले 6 वर्षों से मैं विशेष रूप से धर्म और ज्योतिष विषयों पर सक्रिय रूप से लेखन कर रहा हूं. ये मेरे प्रमुख विषय हैं और इन्हीं पर किया गया काम मेरी पहचान बन चुका है. हस्तरेखा शास्त्र, राशियों के स्वभाव और उनके गुणों से जुड़ी सामग्री तैयार करने में मेरी निरंतर भागीदारी रही है. रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज से मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री प्राप्त करने के बाद. इसके साथ साथ कंटेंट राइटिंग और मीडिया से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में काम करते हुए मेरी मजबूत पकड़ बनी. इसके अलावा, एंटरटेनमेंट, लाइफस्टाइल और शिक्षा जैसे विषयों पर भी मैंने गहराई से लेखन किया है, जिससे मेरी लेखन शैली संतुलित, भरोसेमंद और पाठक-केंद्रित बनी है.

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