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Raksha Bandhan 2025: क्या पीरियड्स में राखी बांधना सही है? जानिए धार्मिक मान्यता

Updated at : 09 Aug 2025 8:11 AM (IST)
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Rakhi during periods

Rakhi during periods (PC: Freepik)

Raksha Bandhan 2025: रक्षाबंधन में राखी बांधने का सही समय और धार्मिक मान्यताओं को लेकर कई सवाल उठते हैं, खासकर जब बहन मासिक धर्म में हो. धार्मिक दृष्टिकोण से, पीरियड्स में राखी बांधना पूरी तरह से स्वीकार्य है क्योंकि यह प्रेम और रक्षा का पवित्र बंधन है.

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Raksha Bandhan 2025: आज 9 अगस्त 2025 शनिवार को रक्षाबंधन का पर्व मनाया जा रहा है. रक्षाबंधन भारतीय संस्कृति का एक महत्वपूर्ण त्योहार है, जो भाई-बहन के प्रेम, सुरक्षा और समर्पण का प्रतीक माना जाता है. लेकिन जब राखी बांधने का दिन किसी लड़की के मासिक धर्म (पीरियड्स) के दौरान आता है, तो कई परिवारों में यह सवाल उठता है कि क्या पीरियड्स में राखी बांधना उचित होगा या नहीं.

राखी का धार्मिक दृष्टिकोण

भारतीय धार्मिक ग्रंथों में मासिक धर्म को ‘अशुद्ध’ समझने की प्राचीन परंपरा रही है, जिसके कारण महिलाओं को कई धार्मिक कर्मकांडों से दूर रखा जाता था. यह सोच सामाजिक स्वच्छता और स्वास्थ्य कारणों से विकसित हुई. हालांकि, वेद और पुराणों में इस विषय पर कोई स्पष्ट प्रतिबंध नहीं मिलता. वेदों में मानवता और भाईचारे की रक्षा पर विशेष जोर दिया गया है. ‘पुं पुमांसं परिपातु विश्वतः’ जैसे मंत्र यह सिखाते हैं कि सभी मनुष्यों को सम्मान और सुरक्षा मिलनी चाहिए, चाहे वे किसी भी स्थिति में हों.

रक्षाबंधन पर राखी बांधने का शुभ मुहूर्त, जानें सही समय

राखी बांधने का आध्यात्मिक महत्व

रक्षाबंधन  केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि प्रेम, विश्वास और सुरक्षा का बंधन है. राखी का धागा शुभ ऊर्जा का प्रतीक होता है, जो रिश्तों को मजबूत बनाता है. यदि मासिक धर्म के दौरान लड़की खुद को सुरक्षित और स्वच्छ महसूस करती है, तो धार्मिक दृष्टि से राखी बांधने में कोई बाधा नहीं है.

सामाजिक और स्वास्थ्य दृष्टिकोण

आधुनिक समय में मासिक धर्म को एक प्राकृतिक प्रक्रिया के रूप में देखा जाता है, न कि अशुद्धता के रूप में. स्वच्छता का ध्यान रखना जरूरी है, लेकिन मासिक धर्म के कारण राखी बांधने से रोकना व्यावहारिक नहीं है.

धार्मिक और सामाजिक दृष्टि से पीरियड्स में राखी बांधना गलत नहीं माना जाता. यह त्योहार प्रेम और सुरक्षा का प्रतीक है, जो दिलों को जोड़ता है. इसलिए मासिक धर्म के दौरान भी राखी बांधने में कोई धार्मिक या आध्यात्मिक प्रतिबंध नहीं है. सबसे महत्वपूर्ण यह है कि यह बंधन सच्चे मन, प्रेम और सम्मान के साथ बांधा जाए.

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Shaurya Punj

लेखक के बारे में

By Shaurya Punj

मैंने डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव हासिल किया है. पिछले 6 वर्षों से मैं विशेष रूप से धर्म और ज्योतिष विषयों पर सक्रिय रूप से लेखन कर रहा हूं. ये मेरे प्रमुख विषय हैं और इन्हीं पर किया गया काम मेरी पहचान बन चुका है. हस्तरेखा शास्त्र, राशियों के स्वभाव और उनके गुणों से जुड़ी सामग्री तैयार करने में मेरी निरंतर भागीदारी रही है. रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज से मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री प्राप्त करने के बाद. इसके साथ साथ कंटेंट राइटिंग और मीडिया से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में काम करते हुए मेरी मजबूत पकड़ बनी. इसके अलावा, एंटरटेनमेंट, लाइफस्टाइल और शिक्षा जैसे विषयों पर भी मैंने गहराई से लेखन किया है, जिससे मेरी लेखन शैली संतुलित, भरोसेमंद और पाठक-केंद्रित बनी है.

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