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Pitru Paksha 2025 Dates: पितृ पक्ष जल्द हो रहा है शुरू, यहां से देखें श्राद्ध की तिथियां और तारीख

Updated at : 22 Aug 2025 11:36 AM (IST)
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Pitru Paksha 2025

Pitru Paksha 2025 (AI Generated Image)

Pitru Paksha 2025 Dates: पितृ पक्ष 2025 का आरंभ जल्द होने जा रहा है. यह समय पूर्वजों की आत्मा की शांति और आशीर्वाद प्राप्त करने का श्रेष्ठ अवसर है. श्राद्ध, तर्पण और दान से पितरों की कृपा से घर-परिवार में सुख, समृद्धि और संतोष की वृद्धि होती है.

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Pitru Paksha 2025 Dates, Pitru Paksha Kab Hai: हिंदू धर्म में पितृ पक्ष का विशेष महत्व माना गया है. हिंदू पंचांग के अनुसार, हर साल पितृ पक्ष भाद्रपद माह की शुक्ल पूर्णिमा से प्रारंभ होकर आश्विन माह की कृष्ण अमावस्या तक चलता है. इसे श्राद्ध पक्ष भी कहा जाता है.  यह पूरे 15 दिन मनाया जाता है. साल 2025 में पितृ पक्ष की शुरुआत 7 सितंबर से होगी और इसका समापन 21 सितंबर को सर्वपितृ अमावस्या के दिन होगा. 

इस अवधि में पितरों की आत्मा की शांति और मोक्ष की कामना हेतु तर्पण, श्राद्ध और पिंडदान किया जाता है. मान्यता है कि इस समय किए गए कर्मकांड से पितर प्रसन्न होते हैं और घर-परिवार पर उनका आशीर्वाद बना रहता है. वहीं, इस दौरान कुछ विशेष कार्य करने की मनाही भी बताई गई है.

पितृ पक्ष 2025 की तिथियां और श्राद्ध की तिथि (Date of Shradh of Pitru Paksha)

  • पूर्णिमा श्राद्ध – रविवार, 7 सितंबर 2025
  • प्रतिपदा श्राद्ध – सोमवार, 8 सितंबर 2025
  • द्वितीया श्राद्ध – मंगलवार, 9 सितंबर 2025
  • तृतीया व चतुर्थी श्राद्ध – बुधवार, 10 सितंबर 2025
  • भरणी व पंचमी श्राद्ध – गुरुवार, 11 सितंबर 2025
  • षष्ठी श्राद्ध – शुक्रवार, 12 सितंबर 2025
  • सप्तमी श्राद्ध – शनिवार, 13 सितंबर 2025
  • अष्टमी श्राद्ध – रविवार, 14 सितंबर 2025
  • नवमी श्राद्ध – सोमवार, 15 सितंबर 2025
  • दशमी श्राद्ध – मंगलवार, 16 सितंबर 2025
  • एकादशी श्राद्ध – बुधवार, 17 सितंबर 2025
  • द्वादशी श्राद्ध – गुरुवार, 18 सितंबर 2025
  • त्रयोदशी/मघा श्राद्ध – शुक्रवार, 19 सितंबर 2025
  • चतुर्दशी श्राद्ध – शनिवार, 20 सितंबर 2025
  • सर्वपितृ अमावस्या श्राद्ध – रविवार, 21 सितंबर 2025

पितृ पक्ष में ध्यान रखने योग्य बातें

  • पितृ पक्ष में श्राद्ध अपने पितरों की तिथि के अनुसार किया जाता है.
  • श्राद्ध के दिन पितरों के प्रिय भोजन को अवश्य बनाएं और उन्हें अर्पित करें.
  • इस दिन ब्राह्मण, गाय, कौआ, बिल्ली और कुत्ते को भोजन कराना विशेष पुण्यकारी माना जाता है. इसे पंचबलि कहा जाता है.
  • श्राद्ध कर्म का आरंभ तर्पण से करें. इसके लिए काले तिल, जौ और जल से पितरों को अर्घ्य दिया जाता है.
  • पितृ पक्ष के दौरान प्रतिदिन तर्पण करना शुभ है.
  • इस अवधि में दान का भी विशेष महत्व है. खासकर जिस दिन आपके पितरों का श्राद्ध हो, उस दिन दान अवश्य करना चाहिए.

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Shaurya Punj

लेखक के बारे में

By Shaurya Punj

मैंने डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव हासिल किया है. पिछले 6 वर्षों से मैं विशेष रूप से धर्म और ज्योतिष विषयों पर सक्रिय रूप से लेखन कर रहा हूं. ये मेरे प्रमुख विषय हैं और इन्हीं पर किया गया काम मेरी पहचान बन चुका है. हस्तरेखा शास्त्र, राशियों के स्वभाव और उनके गुणों से जुड़ी सामग्री तैयार करने में मेरी निरंतर भागीदारी रही है. रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज से मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री प्राप्त करने के बाद. इसके साथ साथ कंटेंट राइटिंग और मीडिया से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में काम करते हुए मेरी मजबूत पकड़ बनी. इसके अलावा, एंटरटेनमेंट, लाइफस्टाइल और शिक्षा जैसे विषयों पर भी मैंने गहराई से लेखन किया है, जिससे मेरी लेखन शैली संतुलित, भरोसेमंद और पाठक-केंद्रित बनी है.

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