भद्रा काल और ग्रहण के बीच फंसा होलिका दहन, क्या है शास्त्रों की राय?

Published by : Shaurya Punj Updated At : 28 Feb 2026 12:53 PM

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चंद्रग्रहण और होलिका दहन पर भद्राकाल

Holika Dahan bhadra kaal 2026: होलिका दहन 2026 को लेकर असमंजस खत्म करें. जानें 2 या 3 मार्च में सही तारीख, भद्रा पुच्छ काल, चंद्र ग्रहण से पहले का शुभ मुहूर्त और शास्त्रसम्मत नियम.

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Holika Dahan bhadra kaal 2026: होली का पर्व नजदीक है, लोगों के मन में यह सवाल तेज़ी से उठ रहा है कि इस वर्ष होलिका दहन कब किया जाए और रंगों की होली किस दिन खेली जाए. वर्ष 2026 में फाल्गुन पूर्णिमा पर चंद्र ग्रहण और भद्रा काल के संयोग ने असमंजस की स्थिति पैदा कर दी है. कुछ ज्योतिषाचार्य 2 मार्च को होलिका दहन की सलाह दे रहे हैं, तो कुछ 3 मार्च को उचित मान रहे हैं. आइए शास्त्रों और पंचांग के आधार पर सही निर्णय समझते हैं.

 पूर्णिमा तिथि और भद्रा का समय

हिंदू पंचांग के अनुसार फाल्गुन पूर्णिमा तिथि 2 मार्च को शाम 5:55 बजे प्रारंभ होगी और 3 मार्च को शाम 5:08 बजे समाप्त होगी. पूर्णिमा लगते ही 2 मार्च को शाम 5:28 बजे भद्रा भी आरंभ हो जाएगी, जो रात 04:56 बजे तक रहेगी. शास्त्रों में भद्रा काल को शुभ कार्यों के लिए वर्जित माना गया है. विशेष रूप से भद्रा मुख में किसी भी मांगलिक कार्य को करना अशुभ माना जाता है. हालांकि, यदि भद्रा पूरी रात रहे तो भद्रा पुच्छ में होलिका दहन किया जा सकता है.

2 मार्च को होलिका दहन का विकल्प

पंचांग के अनुसार 2 मार्च 2026 को भद्रा पुच्छ काल रात 11:53 बजे से 01:26 बजे तक रहेगा. शास्त्रों में स्पष्ट उल्लेख है कि भद्रा पुच्छ में होलिका दहन करना दोषरहित माना जाता है. इसलिए यदि 2 मार्च को होलिका दहन करना हो, तो केवल भद्रा पुच्छ के इसी निर्धारित समय में करना उचित रहेगा. इस समयावधि के बाहर दहन करना शास्त्रसम्मत नहीं माना जाएगा.

3 मार्च को होलिका दहन की स्थिति

2 मार्च की रात भद्रा समाप्त होने के बाद 3 मार्च की सुबह लगभग 5:30 बजे से 6:45 बजे तक भी होलिका दहन किया जा सकता है. लेकिन ध्यान रहे कि 3 मार्च को चंद्र ग्रहण भी लग रहा है. ग्रहण के दौरान किसी भी प्रकार का शुभ कार्य, पूजा-पाठ या अनुष्ठान करना वर्जित माना गया है. धार्मिक मान्यता है कि ग्रहण के समय नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव बढ़ जाता है, इसलिए होलिका दहन ग्रहण या सूतक काल में नहीं करना चाहिए. इस कारण यदि 3 मार्च को दहन किया जाए, तो उसे ग्रहण और सूतक से पहले ही संपन्न करना आवश्यक है.

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शास्त्रसम्मत निर्णय क्या है?

ज्योतिषीय दृष्टि से सबसे सुरक्षित और शास्त्रसम्मत विकल्प 2 मार्च को भद्रा पुच्छ काल में होलिका दहन करना माना जा रहा है. यह समय शास्त्रों के अनुसार दोषमुक्त है और पूर्णिमा तिथि भी विद्यमान रहेगी. यदि किसी कारणवश 2 मार्च को संभव न हो, तो 3 मार्च को सुबह 5:30 बजे से 6:45 बजे के बीच, ग्रहण के प्रभाव से पहले दहन किया जा सकता है.

होली किस दिन खेलें?

उदयातिथि के अनुसार रंगों की होली 3 मार्च को ही मनाई जाएगी. होलिका दहन की रात्रि के बाद अगले दिन धुलेंडी का पर्व पारंपरिक रूप से मनाया जाता है.

वर्ष 2026 में भद्रा और चंद्र ग्रहण के कारण होलिका दहन की तारीख को लेकर भ्रम की स्थिति है. शास्त्रों के अनुसार 2 मार्च की रात भद्रा पुच्छ में दहन करना सबसे उपयुक्त रहेगा. वहीं 3 मार्च को केवल ग्रहण से पहले का समय ही मान्य होगा. नियमों का पालन कर श्रद्धा और विधि-विधान से किया गया होलिका दहन ही शुभ फल प्रदान करेगा.

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Shaurya Punj

लेखक के बारे में

By Shaurya Punj

शौर्य पुंज डिजिटल मीडिया में पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर हैं. उन्हें न्यूज वर्ल्ड में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. शौर्य खबरों की नब्ज को समझकर उसे आसान और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में माहिर हैं. साल 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान उन्होंने दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांसिंग की. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में दो महीने की इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन के लिए कार्य करना शुरू किया. उस समय उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस बिजनेस और एंटरटेनमेंट गॉसिप जैसी खबरों पर काम किया. साल 2020 में कोरोना काल के दौरान उन्हें लाइफस्टाइल, धर्म-कर्म, एजुकेशन और हेल्थ जैसे नॉन-न्यूज सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. उन्होंने लाइफस्टाइल कैटेगरी के कई महत्वपूर्ण सेक्शनों में योगदान दिया. Health & Fitness सेक्शन में डाइट, योग, वेट लॉस, मानसिक स्वास्थ्य और फिटनेस टिप्स से जुड़े उपयोगी कंटेंट पर कार्य किया. Beauty & Fashion सेक्शन में स्किन केयर, हेयर केयर, मेकअप और ट्रेंडिंग फैशन विषयों पर लेख तैयार किए. Relationship & Family कैटेगरी में पति-पत्नी संबंध, डेटिंग, पैरेंटिंग और दोस्ती जैसे विषयों पर जानकारीपूर्ण कंटेंट लिखा. Food & Recipes सेक्शन में हेल्दी फूड, रेसिपी और किचन टिप्स से संबंधित सामग्री विकसित की. Travel सेक्शन के लिए घूमने की जगहों, बजट ट्रिप और ट्रैवल टिप्स पर लेखन किया. Astrology / Vastu में राशिफल, वास्तु टिप्स और ज्योतिष आधारित कंटेंट पर काम किया. Career & Motivation सेक्शन में सेल्फ-इम्प्रूवमेंट, मोटिवेशन और पर्सनैलिटी डेवलपमेंट विषयों पर योगदान दिया. Festival & Culture सेक्शन में त्योहारों की परंपराएं, पूजा विधि और शुभ मुहूर्त से संबंधित कंटेंट पर कार्य किया. इसके अलावा Women Lifestyle / Men Lifestyle और Health Education & Wellness जैसे विषयों पर भी मर्यादित एवं जानकारीपूर्ण लेखन के माध्यम से योगदान दिया. साल 2023 से शौर्य ने पूरी तरह से प्रभातखबर.कॉम के धर्म-कर्म और राशिफल सेक्शन में अपना योगदान देना शुरू किया. इस दौरान उन्होंने दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों पर विशेष फोकस किया. साथ ही पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए सरल, सहज और जानकारीपूर्ण धार्मिक कंटेंट तैयार करने पर लगातार कार्य किया. रांची में जन्मे शौर्य की प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एण्ड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. ऑनर्स की डिग्री प्राप्त की. यह शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें हिंदी पत्रकारिता की वह विशेषज्ञता प्रदान करती है, जो पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे — के आधार पर प्रभावी और तथ्यपूर्ण समाचार लेखन के लिए आवश्यक मानी जाती है.

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