Pitru Paksha 2025 Rules: श्राद्ध करते समय इन गलतियों से बचें, बनी रहेगी पितरों की कृपा 

Author :Neha Kumari
Published by :Neha Kumari
Updated at :05 Sep 2025 5:37 PM
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Pitru Paksha 2025

पितृ पक्ष 2025

Pitru Paksha 2025: पितृपक्ष 2025 में श्राद्ध का विशेष महत्व है. इस समय पितर धरती पर आते हैं और श्राद्ध से तृप्त होकर आशीर्वाद देते हैं. लेकिन अनजाने में की गई कुछ गलतियां पितरों की कृपा में बाधा डाल सकती हैं. आइए जानें, श्राद्ध के समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए.

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Pitru Paksha 2025: हिंदू धर्म में पितृपक्ष का अत्यधिक महत्व है. पितृपक्ष हर वर्ष आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा से लेकर अमावस्या तक मनाया जाता है. मान्यता है कि इस दौरान पितर पितृलोक से धरती पर आते हैं और अपने वंशजों द्वारा किए गए श्राद्ध कर्म से प्रसन्न होकर आशीर्वाद देते हैं. लेकिन यदि कुछ नियमों का पालन न किया जाए, तो पितरों की कृपा बाधित हो सकती है. आइए जानते हैं पितृपक्ष 2025 में किन बातों का ध्यान रखना आवश्यक है.

पितृपक्ष में पालन करने योग्य नियम Rules to Follow During Pitru Paksha (Shradh)

  • श्रद्धा और भावनाओं से करें श्राद्ध: श्राद्ध केवल कर्मकांड नहीं है, बल्कि पितरों के प्रति कृतज्ञता और सम्मान का प्रतीक है. इसे सदैव श्रद्धा से करें, अभिमान या उपेक्षा से नहीं.
  • सात्विक आहार ग्रहण करें: इस अवधि में सात्विक भोजन करें. तामसिक और अस्वच्छ आहार से बचें. साथ ही इस समय बाल और नाखून काटने से परहेज करें तथा ब्रह्मचर्य का पालन करें.
  •  सुयोग्य ब्राह्मण से कराएं श्राद्ध: श्राद्ध कर्म विद्वान और योग्य ब्राह्मण द्वारा कराना चाहिए. ब्राह्मण को एक दिन पहले आदर सहित आमंत्रित करें. भोजन और दान सच्चे मन से दें, न कि दिखावे के लिए.. शुभ कार्यों से बचें: पितृपक्ष में विवाह, गृह प्रवेश, भूमि पूजन या नए निर्माण कार्य नहीं करने चाहिए. ऐसा करने से पितृदोष लग सकता है.
  • जीव-जंतुओं का अपमान न करें: इस अवधि में घर पर आने वाली गाय, कुत्ता या कौए को आदरपूर्वक भोजन कराएं. श्राद्ध के दिन आने वाले किसी भी अतिथि को भी सम्मानपूर्वक भोजन कराना शुभ माना जाता है.

यदि पितृपक्ष के नियमों का सही ढंग से पालन किया जाए तो पितर प्रसन्न होकर आशीर्वाद देते हैं. उनकी कृपा से परिवार में सुख-समृद्धि, शांति और प्रगति बनी रहती है.

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नेहा कुमारी प्रभात खबर डिजिटल में जूनियर कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हैं. उन्हें लेखन के क्षेत्र में एक वर्ष से अधिक का अनुभव है. पिछले छह महीनों से वे राशिफल और धर्म से जुड़ी खबरों पर काम कर रही हैं. उनका मुख्य कार्य व्रत-त्योहारों, पौराणिक कथाओं और भारतीय रीति-रिवाजों से जुड़ी जानकारी को सरल भाषा में लोगों तक पहुंचाना है. नेहा का हमेशा यह प्रयास रहता है कि वे कठिन से कठिन विषय को भी इतना आसान और रोचक बना दें कि हर कोई उसे सहजता से पढ़ और समझ सके. उनका मानना है कि यदि धर्म और संस्कृति से जुड़ी जानकारी सरल शब्दों में मिले, तो लोग अपनी परंपराओं से बेहतर तरीके से जुड़ पाते हैं. डिजिटल मीडिया में अपने करियर की शुरुआत उन्होंने प्रभात खबर में ही ‘नेशनल’ और ‘वर्ल्ड’ डेस्क पर छह महीने की इंटर्नशिप के साथ की थी. इस दौरान उन्होंने रियल-टाइम खबरों पर काम करना, तेजी और सटीकता के साथ कंटेंट लिखना, ट्रेंडिंग विषयों की पहचान करना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को करीब से समझा. इस अनुभव ने उनकी न्यूज़ सेंस, लेखन क्षमता और खबरों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने की समझ को और अधिक मजबूत बनाया.

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