नागा साधु बनने की क्या है प्रक्रिया, इस कठिन प्रक्रिया का पालन करना आवश्यक

Published by : Shaurya Punj Updated At : 15 Jan 2025 2:53 PM

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How to become Naga Sadhu

Naga Sadhu: सनातन धर्म में नागा साधु उन व्यक्तियों को कहा जाता है जो अपने जीवन को प्रभु की भक्ति में समर्पित करते हैं और वस्त्र नहीं पहनते हैं. नागा साधु बनने के लिए ब्रह्मचर्य का पालन करना अनिवार्य होता है. इस प्रकार के साधु बनने की प्रक्रिया को कठिन माना जाता है. इस लेख में हम नागा साधु बनने की प्रक्रिया के बारे में जानकारी प्रदान करेंगे.

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Naga Sadhu: सनातन धर्म में साधुओं और संतों का अत्यधिक महत्व है. साधु और संत अपने जीवन के दौरान प्रभु की भक्ति और साधना में लीन रहते हैं. इसके साथ ही, वे लोगों को भक्ति के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित करते हैं, जिससे लोग अपने जीवन में भक्ति की गहराई को समझ पाते हैं. साधुओं और संतों में नागा साधु भी शामिल होते हैं. नागा साधु बनने के लिए एक कठिन प्रक्रिया का पालन करना आवश्यक होता है.

महाकुंभ के अवसर पर एक साधारण संन्यासी केवल घोर तपस्या के बाद ही नागा बनता है. नागा बनने की प्रक्रिया में वह शस्त्र और शास्त्र दोनों की गहन शिक्षा प्राप्त करता है. सभी 13 अखाड़ों में जूना अखाड़ा को सबसे प्रमुख माना जाता है. जूना अखाड़े में गृहस्थ जीवन को त्यागकर नागा संन्यासी बनना बहुत कठिन है. इसके लिए कई वर्षों का समर्पण आवश्यक होता है.

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नागा साधु बनने की प्रक्रिया

  • नागा साधु बनने की प्रक्रिया अत्यंत कठिन मानी जाती है. यह प्रक्रिया अखाड़ों के माध्यम से संपन्न होती है, जहाँ समिति यह सुनिश्चित करती है कि व्यक्ति साधु बनने के योग्य है या नहीं. यदि व्यक्ति योग्य पाया जाता है, तो उसे अखाड़े में प्रवेश दिया जाता है.
  • इसके बाद, व्यक्ति को विभिन्न प्रकार की परीक्षाओं का सामना करना पड़ता है. नागा साधु बनने के लिए ब्रह्मचर्य का पालन करना अनिवार्य होता है. इस प्रक्रिया में 6 महीने से लेकर 1 वर्ष तक का समय लग सकता है. परीक्षा में सफलता प्राप्त करने के लिए साधक को 5 गुरु से दीक्षा लेनी होती है, जो शिव, विष्णु, शक्ति, सूर्य और गणेश के रूप में जाने जाते हैं, जिन्हें पंच देव कहा जाता है.
  • व्यक्ति सांसारिक जीवन को त्याग कर अध्यात्मिक जीवन में प्रवेश करते हैं और अपने आत्म का पिंडदान करते हैं. नागा साधु भिक्षा में प्राप्त भोजन का सेवन करते हैं. यदि किसी दिन साधु को भोजन नहीं मिलता है, तो उन्हें बिना भोजन के रहना पड़ता है.
  • नागा साधु हमेशा वस्त्र नहीं पहनते हैं, क्योंकि वस्त्र को आडंबर और सांसारिक जीवन का प्रतीक माना जाता है. इस कारणवश, वे अपने शरीर को ढकने के लिए भस्म का उपयोग करते हैं. एक महत्वपूर्ण बात यह है कि नागा साधु सोने के लिए बिस्तर का उपयोग नहीं करते हैं.
  • नागा साधु समाज के लोगों के सामने सिर नहीं झुकाते और न ही किसी की निंदा करते हैं. हालांकि, वे वरिष्ठ सन्यासियों से आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए सिर झुकाते हैं. जो व्यक्ति इन सभी नियमों का पालन करता है, वही नागा साधु बनता है.
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Shaurya Punj

लेखक के बारे में

By Shaurya Punj

शौर्य पुंज डिजिटल मीडिया में पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर हैं. उन्हें न्यूज वर्ल्ड में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. शौर्य खबरों की नब्ज को समझकर उसे आसान और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में माहिर हैं. साल 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान उन्होंने दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांसिंग की. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में दो महीने की इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन के लिए कार्य करना शुरू किया. उस समय उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस बिजनेस और एंटरटेनमेंट गॉसिप जैसी खबरों पर काम किया. साल 2020 में कोरोना काल के दौरान उन्हें लाइफस्टाइल, धर्म-कर्म, एजुकेशन और हेल्थ जैसे नॉन-न्यूज सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. उन्होंने लाइफस्टाइल कैटेगरी के कई महत्वपूर्ण सेक्शनों में योगदान दिया. Health & Fitness सेक्शन में डाइट, योग, वेट लॉस, मानसिक स्वास्थ्य और फिटनेस टिप्स से जुड़े उपयोगी कंटेंट पर कार्य किया. Beauty & Fashion सेक्शन में स्किन केयर, हेयर केयर, मेकअप और ट्रेंडिंग फैशन विषयों पर लेख तैयार किए. Relationship & Family कैटेगरी में पति-पत्नी संबंध, डेटिंग, पैरेंटिंग और दोस्ती जैसे विषयों पर जानकारीपूर्ण कंटेंट लिखा. Food & Recipes सेक्शन में हेल्दी फूड, रेसिपी और किचन टिप्स से संबंधित सामग्री विकसित की. Travel सेक्शन के लिए घूमने की जगहों, बजट ट्रिप और ट्रैवल टिप्स पर लेखन किया. Astrology / Vastu में राशिफल, वास्तु टिप्स और ज्योतिष आधारित कंटेंट पर काम किया. Career & Motivation सेक्शन में सेल्फ-इम्प्रूवमेंट, मोटिवेशन और पर्सनैलिटी डेवलपमेंट विषयों पर योगदान दिया. Festival & Culture सेक्शन में त्योहारों की परंपराएं, पूजा विधि और शुभ मुहूर्त से संबंधित कंटेंट पर कार्य किया. इसके अलावा Women Lifestyle / Men Lifestyle और Health Education & Wellness जैसे विषयों पर भी मर्यादित एवं जानकारीपूर्ण लेखन के माध्यम से योगदान दिया. साल 2023 से शौर्य ने पूरी तरह से प्रभातखबर.कॉम के धर्म-कर्म और राशिफल सेक्शन में अपना योगदान देना शुरू किया. इस दौरान उन्होंने दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों पर विशेष फोकस किया. साथ ही पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए सरल, सहज और जानकारीपूर्ण धार्मिक कंटेंट तैयार करने पर लगातार कार्य किया. रांची में जन्मे शौर्य की प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एण्ड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. ऑनर्स की डिग्री प्राप्त की. यह शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें हिंदी पत्रकारिता की वह विशेषज्ञता प्रदान करती है, जो पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे — के आधार पर प्रभावी और तथ्यपूर्ण समाचार लेखन के लिए आवश्यक मानी जाती है.

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