गढ़वा : बेसन के नाम पर खेसारी दाल और चावल के आटे से बन रहे थे बूंदी के लड्डू, एसडीएम की छापेमारी

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Garhwa News

गढ़वा :-जांच करते एसडीएम

Garhwa News: गढ़वा में एसडीएम की छापेमारी में नकली बूंदी लड्डू बनाने का बड़ा खुलासा हुआ है. बेसन की जगह खेसारी दाल, मैदा और चावल के आटे का इस्तेमाल किया जा रहा था. अब मिलावटखोरों पर सीसीए की तैयारी है.

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अविनाश की रिपोर्ट

Garhwa News: गढ़वा जिले में त्योहारों और आम दिनों में मिठाइयों के शौकीनों को झकझोर देने वाली एक बड़ी खबर सामने आई है. सदर अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीएम) संजय कुमार ने क्षेत्र भ्रमण के दौरान रेहला रोड स्थित एक खेत में लंबे समय से अवैध रूप से संचालित बूंदी लड्डू निर्माण कारखाने में औचक छापेमारी की. कार्रवाई के दौरान मिलावट और घटिया सामग्री के इस्तेमाल का ऐसा खुलासा हुआ, जिसने प्रशासन के साथ-साथ आम लोगों को भी हैरान कर दिया. मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन अब मिलावटखोरों पर सीसीए के तहत सख्त कार्रवाई की तैयारी में जुट गया है.

छापेमारी से मचा हड़कंप

इस अचानक हुई कार्रवाई से इलाके के मिलावटखोरों और सिंडिकेट में हड़कंप मच गया है. जांच के दौरान जो तथ्य सामने आए, वे बेहद चौंकाने वाले हैं. यहां लोगों की सेहत के साथ सरेआम खिलवाड़ किया जा रहा था. मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम ने खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी को विस्तृत जांच और सैंपलिंग का निर्देश दिया है. 

बेसन के नाम पर खतरनाक मिलावट

प्राथमिक भौतिक जांच में यह सनसनीखेज खुलासा हुआ कि जिन बूंदी के लड्डुओं को शुद्ध बेसन का बताकर बाजार में धड़ल्ले से बेचा जा रहा था, उस निर्माण स्थल पर असली में बेसन का एक दाना तक उपलब्ध नहीं था. पूछताछ के दौरान कारखाना संचालक ने खुद स्वीकार किया कि वह बाजार समिति से लगभग 40 रुपये प्रति किलो की दर से मिलने वाला तथाकथित गुलकंद “बेसन” खरीदता था. इस सामग्री में प्रतिबंधित खेसारी दाल, घटिया किस्म का मैदा और अरवा चावल का आटा मिश्रित रहता है. इसी जानलेवा मिश्रण में पीला रंग डालकर उसे बेसन का रूप दिया जा रहा था. मौके से भारी मात्रा में तैयार हो रही बूंदी और दो बोरी घटिया मैदा भी जब्त किया गया है. 

बाजार समिति तक पहुंची जांच

कारखाना संचालक द्वारा मिलावट की बात कबूल करने के बाद प्रशासन ने उसकी निशानदेही पर बाजार समिति स्थित दो थोक दुकानों में भी छापेमारी की. प्रशासन अब इस बात की तफ्तीश में जुटा है कि इस घटिया और मिलावटी आटे की सप्लाई चेन कहां-कहां से जुड़ी है और बाजार समिति के कौन-कौन से बड़े व्यापारी इस काले कारोबार में संलिप्त हैं. 

मिलावटखोरों पर अब CCA की तैयारी

इस पूरी कार्रवाई में सबसे महत्वपूर्ण और नया मोड़ यह है कि प्रशासन अब मिलावटखोरों से कड़ाई से निपटने के लिए एक नया और बेहद सख्त कानूनी रास्ता अख्तियार कर रहा है. संभवतः यह पहली बार है जब मिलावटखोरों को ‘आदतन अपराधी’ घोषित कर उनके खिलाफ सीसीए के तहत कार्रवाई की तैयारी चल रही है. यह कदम न सिर्फ गढ़वा में बल्कि पूरे राज्य के मिलावटखोरों के लिए एक बड़ा ‘आई ओपनर’ साबित होगा. 

एसडीएम ने क्या कहा ?

एसडीएम संजय कुमार ने कहा कि खाद्य सुरक्षा को लेकर लगातार हो रही कार्रवाई के बावजूद कुछ लोग मिलावटी एवं निम्न गुणवत्ता वाली खाद्य सामग्री बेचने से बाज नहीं आ रहे हैं. उक्त आरोपी पूर्व में भी नकली मिठाई बेचने के आरोप में कार्रवाई झेल चुका है.जेल से आने या कार्रवाई के बाद दोबारा उसी प्रकार का अवैध कारोबार शुरू करने वाले ऐसे लोगों को अब ‘आदतन अपराधी’ घोषित करते हुए उनके विरुद्ध सीसीए व अन्य सुसंगत धाराओं के तहत कठोरतम कानूनी कार्रवाई प्रारंभ की जा रही है.

पूरे परिवार के साथ चल रहा था धंधा 

एसडीएम ने बताया कि आरोपी व्यक्ति पूरे परिवार के साथ मिलकर इस अवैध धंधे को अंजाम दे रहा था.देखने में यह परिवार आर्थिक रूप से बेहद कमजोर प्रतीत होता है, किंतु गरीबी की आड़ में उन्हें कोई ऐसा व्यवसाय करने की छूट बिल्कुल नहीं दी जा सकती, जिससे आम जनता के स्वास्थ्य पर व्यापक और जानलेवा दुष्प्रभाव पड़े.गढ़वा जिला प्रशासन ने साफ कर दिया है कि खाद्य पदार्थों में मिलावट करने वाले किसी भी सिंडिकेट को बख्शा नहीं जाएगा और यह व्यापक अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा. 

कहां-कहां खपाए जा रहे थे नकली लड्डू?

कारखाने से मिले इनपुट के अनुसार, यहां तैयार होने वाले नकली और हानिकारक लड्डुओं की सप्लाई बड़े पैमाने पर की जा रही थी. इसके मुख्य हॉटस्पॉट थे: 

  • गढ़वा बस स्टैंड: यहां की प्रमुख दुकानें और होटल.
  • गढ़वा मेन बाजार: शहर के नामी-गिरामी मिष्ठान भंडार.
  • ग्रामीण इलाके:- रमकंडा तक के बाजारों और हाट-बाजारों में यह मौत का सामान खपाया जा रहा था.

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प्रिया गुप्ता

लेखक के बारे में

By प्रिया गुप्ता

प्रिया गुप्ता पिछले एक साल से प्रभात खबर डिजिटल में जूनियर कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. फिलहाल वह झारखंड से जुड़ी खबरों पर काम करती हैं, जिनमें सरकारी योजनाएं, प्रमुख घटनाएं, सामाजिक मुद्दे और अन्य महत्वपूर्ण विषय शामिल हैं. इससे पहले वह लाइफस्टाइल डेस्क पर फैशन, हेल्थ, रिलेशनशिप, पैरेंटिंग और रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े विषयों पर लेख लिख चुकी हैं. प्रिया ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय से स्नातक और अमिटी यूनिवर्सिटी से मास्टर डिग्री हासिल की है.

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