Mangalik Yog: कुंडली के चौथे भाव में है मंगल और मांगलिक योग, तो होता है ये प्रभाव

Published by : Shaurya Punj Updated At : 22 Sep 2024 2:22 PM

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Mangalik Yog is present in your horoscope

Mangalik Yog is present in your horoscope: ज्योतिष शास्त्र में मंगल ग्रह को ग्रहों का सेनापति कहा गया है. इसे उग्र ग्रह माना गया है. कुंडली में मंगल की दशा यदि खराब हो तो इससे मंगल दोष होता है और व्यक्ति को जीवन में कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है.

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Mangalik Yog: जन्म कुंडली में मांगलिक की नाम सुनकर लोग डर जाते है क्या मैं मांगलिक हू? मुझे जीवन में कोई कठिनाई तो नहीं होगा ऐसे कई बात होता है जो वयोक्ति के दिमाग से सोचना आरम्भ कर देता है लेकिन मै आपको जन्मकुंडली के चौथे भाव के मंगल के प्रभाव को लेकर बताया है आइए जानते है ज्योतिषाचार्य संजीत कुमार मिश्र के अनुसार मंगलिक दोष कब बनते है तथा चौथे भाव में मंगल का प्रभाव कैसा रहता है. जन्मकुंडली में मंगल पहला भाव चौथा भाव ,सातवा भाव, आठवा भाव ,तथा द्वादश भाव में मंगल हो तब वयोक्ति मंगल दोष से प्रभावित होता है. आपके जन्म कुंडली के चौथे भाव में मंगल के प्रभाव के बारे बता रहे है चतुर्थ भाव में मंगल होने से ज्यादा अशुभ प्रभाव ही देते है ऐसे वयोक्ति झगड़ालू स्वभाव के होते है समाज में सम्मान नहीं मिल पाता है वह सदेव अपने भले पुरे के बारे में ही विचार करता रहता है.केवल अपने संघर्षरत रहने से लोग उसे पागल भी समझने लगते है लेकिन चौथे भाव के मंगल रहने के कारण वयोक्ति बहुत ही साहसी होता है लेकिन माता पिता से विरोध चलता है जिसके कारण आगे चलकर वयोक्ति अपने माता पिता से वैमनस्य हो जाते है.

चौथे भाव में मंगल का शुभ सम्बन्ध का प्रभाव

चौथे भाव में मंगल रहने से वायोक्ति मांगलिक होते है इनका विवाह मंगलिक के साथ हो तो जीवन में निरंतर आगे बढ़ते जाते है साथ ही माता के प्रति श्रद्धा होता है लेकिन माँ का स्वभाव थोडा कड़वा होता है जिसे वयोक्ति मनोमालिन्य होता रहता है. मंगल सावगृही या उच्य का हो तो वयोक्ति उत्तम वाहन की प्राप्ति होती है तथा उसे अपने जीवन में हमेशा सुख का अनुभव करते है .संतान को लेकर वयोक्ति हमेशा दुखी रहता है जिसे द्विभार्या योग बनता है .

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जन्म कुंडली में मंगल किन राशि को कैसा लाभ तथा हानि देते है

चौथे भाव का मंगल जन्म भूमि का लाभ देता है .चौथे भाव का मंगल अगर मेष ,कर्क ,सिंह, और मीन लगन को छोड़कर व्यक्ति का अभ्युदय जन्मभूमि से अन्य स्थान पर होता है ऐसे व्यक्ति अपना उन्नति के लिए कठिन परिश्रम करना पड़ता है है.तथा प्रवास अधिक होते है.
मेष, सिंह तथा धनु राशि के मंगल हो तो घर में आग लगने का भय बना रहता है.पशु की चोरी होती है.
मिथुन ,कर्क , तुला ,वृश्चिक राशि का मंगल हो व्यक्ति को बुढ़ापे में जन्म स्थान का सुख प्राप्त होता है लेकिन मृत्यु बाहर होती है.
यदि मंगल नीच का हो या अष्टमेश से युक्त होकर सुख भाव में बैठे हो ऐसे व्यक्ति को माता का सुख प्राप्त नहीं हो पाता है.
चौथे भाव का मंगल नीच का माना जाता है इसे उपाय से ठीक किया जा सकता है.स्त्री माता सास की मृत्यु का कारण बन जाता है.
उपाय
प्रत्येक दिन हनुमान चालीसा का पाठ करें
मूंगा रत्न 6 रति का मंगलवार को दाहिने हाथ के अनामिका उंगली में धारण करे
भगवान शंकर का अभिषेक करे लाभ होगा .

जन्मकुंडली से सम्बंधित किसी भी तरह से जानकारी प्राप्त करने हेतु दिए गए नंबर पर फोन करके जानकारी प्राप्त कर सकते है .

ज्योतिषाचार्य संजीत कुमार मिश्रा
ज्योतिष वास्तु एवं रत्न विशेषज्ञ
8080426594/9545290847

चौथे भाव में मंगल के दोष को दूर करने के उपाय क्या हैं?

हनुमान चालीसा का पाठ, मूंगा रत्न धारण करना, और भगवान शंकर का अभिषेक करने से लाभ हो सकता है.

मंगलिक दोष कब बनता है?

मंगलिक दोष तब बनता है जब जन्म कुंडली में मंगल पहले, चौथे, सातवें, आठवें, या द्वादश भाव में स्थित होता है.

चौथे भाव में मंगल का क्या प्रभाव होता है?

चौथे भाव में मंगल होने पर व्यक्ति झगड़ालू स्वभाव का होता है, समाज में उसे सम्मान नहीं मिलता, और माता-पिता के साथ वैमनस्य रहता है.

क्या चौथे भाव में मंगल शुभ प्रभाव भी देता है?

हां, यदि मंगल सावगृही या उच्च का हो तो व्यक्ति को उत्तम वाहन, सुख और जीवन में उन्नति प्राप्त होती है.

क्या चौथे भाव का मंगल जन्मभूमि से जुड़ा लाभ देता है?

चौथे भाव का मंगल जन्मभूमि से लाभ देता है, लेकिन मेष, कर्क, सिंह और मीन लग्न को छोड़कर व्यक्ति को प्रवास करना पड़ता है.

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Shaurya Punj

लेखक के बारे में

By Shaurya Punj

शौर्य पुंज डिजिटल मीडिया में पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर हैं. उन्हें न्यूज वर्ल्ड में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. शौर्य खबरों की नब्ज को समझकर उसे आसान और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में माहिर हैं. साल 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान उन्होंने दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांसिंग की. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में दो महीने की इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन के लिए कार्य करना शुरू किया. उस समय उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस बिजनेस और एंटरटेनमेंट गॉसिप जैसी खबरों पर काम किया. साल 2020 में कोरोना काल के दौरान उन्हें लाइफस्टाइल, धर्म-कर्म, एजुकेशन और हेल्थ जैसे नॉन-न्यूज सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. उन्होंने लाइफस्टाइल कैटेगरी के कई महत्वपूर्ण सेक्शनों में योगदान दिया. Health & Fitness सेक्शन में डाइट, योग, वेट लॉस, मानसिक स्वास्थ्य और फिटनेस टिप्स से जुड़े उपयोगी कंटेंट पर कार्य किया. Beauty & Fashion सेक्शन में स्किन केयर, हेयर केयर, मेकअप और ट्रेंडिंग फैशन विषयों पर लेख तैयार किए. Relationship & Family कैटेगरी में पति-पत्नी संबंध, डेटिंग, पैरेंटिंग और दोस्ती जैसे विषयों पर जानकारीपूर्ण कंटेंट लिखा. Food & Recipes सेक्शन में हेल्दी फूड, रेसिपी और किचन टिप्स से संबंधित सामग्री विकसित की. Travel सेक्शन के लिए घूमने की जगहों, बजट ट्रिप और ट्रैवल टिप्स पर लेखन किया. Astrology / Vastu में राशिफल, वास्तु टिप्स और ज्योतिष आधारित कंटेंट पर काम किया. Career & Motivation सेक्शन में सेल्फ-इम्प्रूवमेंट, मोटिवेशन और पर्सनैलिटी डेवलपमेंट विषयों पर योगदान दिया. Festival & Culture सेक्शन में त्योहारों की परंपराएं, पूजा विधि और शुभ मुहूर्त से संबंधित कंटेंट पर कार्य किया. इसके अलावा Women Lifestyle / Men Lifestyle और Health Education & Wellness जैसे विषयों पर भी मर्यादित एवं जानकारीपूर्ण लेखन के माध्यम से योगदान दिया. साल 2023 से शौर्य ने पूरी तरह से प्रभातखबर.कॉम के धर्म-कर्म और राशिफल सेक्शन में अपना योगदान देना शुरू किया. इस दौरान उन्होंने दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों पर विशेष फोकस किया. साथ ही पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए सरल, सहज और जानकारीपूर्ण धार्मिक कंटेंट तैयार करने पर लगातार कार्य किया. रांची में जन्मे शौर्य की प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एण्ड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. ऑनर्स की डिग्री प्राप्त की. यह शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें हिंदी पत्रकारिता की वह विशेषज्ञता प्रदान करती है, जो पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे — के आधार पर प्रभावी और तथ्यपूर्ण समाचार लेखन के लिए आवश्यक मानी जाती है.

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