Mahashivratri 2025 पर भूलकर भी ना चढ़ाएं ये फूल, नहीं मिलेगा भोलेनाथ का आशीर्वाद

Updated at : 26 Feb 2025 11:25 AM (IST)
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Mahashivratri 2025 do not offer these flower

Mahashivratri 2025 do not offer these flower

Mahashivratri 2025: महाशिवरात्रि की पूजा के दौरान भक्त भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए शिवलिंग पर उनकी प्रिय वस्तुएं अर्पित करते हैं, किंतु कुछ वस्तुएं शिवलिंग पर चढ़ाना वर्जित मानी जाती हैं.

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Mahashivratri 2025: महाशिवरात्रि वह शुभ रात्रि है जब भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह सम्पन्न हुआ था. इस दिव्य अवसर पर शिव भक्तगण अत्यधिक उत्साह और श्रद्धा के साथ उपवास रखते हैं, जलाभिषेक करते हैं और भोलेनाथ को प्रसन्न करने के लिए विशेष पूजा-अर्चना करते हैं. कहा जाता है कि इस दिन की गई शिव भक्ति का फल अत्यंत विशेष होता है. शिव जी को प्रसन्न करना सरल है; केवल जल अर्पित करने से भी वे संतुष्ट हो जाते हैं. लेकिन महाशिवरात्रि जैसे पावन पर्व पर भक्तगण दूध, दही, शहद, बेलपत्र और विभिन्न प्रकार के फूल भी अर्पित करते हैं. हालांकि, सभी फूल भगवान शिव को प्रिय नहीं होते. कुछ फूल ऐसे हैं, जिन्हें शिवलिंग पर चढ़ाने से दोष उत्पन्न होता है और नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है. आइए, जानते हैं ऐसे कुछ फूलों के बारे में जिन्हें शिवलिंग पर अर्पित करने से बचना चाहिए.

कांटेदार फूल (कंटकारी फूल)

शिव पूजा में कांटेदार या चुभने वाले फूलों का उपयोग निषिद्ध माना जाता है. हालांकि, धतूरा एकमात्र ऐसा कांटेदार फूल है जो भगवान शिव को प्रिय है, लेकिन अन्य कांटेदार फूल जैसे गुलाब और बबूल को शिवलिंग पर अर्पित नहीं करना चाहिए. इनका चढ़ाना परिवार में कलह और मानसिक अशांति को बढ़ावा दे सकता है.

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कमल का फूल

कमल का फूल धन और समृद्धि का प्रतीक है और इसे मुख्य रूप से भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी को अर्पित किया जाता है. शिवलिंग पर कमल का फूल चढ़ाना वर्जित है क्योंकि शिव जी सादगी के प्रतीक हैं और भोग-विलास की वस्तुएं उन्हें पसंद नहीं हैं.

मुरझाए हुए या पुराने फूल

किसी भी देवी-देवता की पूजा में मुरझाए हुए या सूखे फूलों का उपयोग नहीं किया जाता, और शिव पूजा के दौरान यह विशेष रूप से अशुभ माना जाता है. महाशिवरात्रि पर शिवलिंग पर पुराने फूल चढ़ाने से पूजा का पूर्ण फल प्राप्त नहीं होता है.

सूरजमुखी का फूल

सूरजमुखी को एक प्रतिष्ठित फूल माना जाता है, जो शक्ति और समृद्धि का प्रतीक है. शिव जी की पूजा में सरलता का विशेष महत्व होता है, इसलिए इस फूल को शिवलिंग पर अर्पित करने से बचना चाहिए.

क्या अर्पित करें?

यदि आप महाशिवरात्रि के अवसर पर भगवान शिव को प्रसन्न करना चाहते हैं, तो बेलपत्र, धतूरा, आक के फूल और शमी के पत्ते अर्पित करें. ये सभी वस्तुएं भोलेनाथ को अत्यंत प्रिय हैं और इनसे शिव जी का विशेष आशीर्वाद प्राप्त होता है.

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ज्योतिषाचार्य संजीत कुमार मिश्रा
ज्योतिष वास्तु एवं रत्न विशेषज्ञ
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Shaurya Punj

लेखक के बारे में

By Shaurya Punj

मैंने डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव हासिल किया है. पिछले 6 वर्षों से मैं विशेष रूप से धर्म और ज्योतिष विषयों पर सक्रिय रूप से लेखन कर रहा हूं. ये मेरे प्रमुख विषय हैं और इन्हीं पर किया गया काम मेरी पहचान बन चुका है. हस्तरेखा शास्त्र, राशियों के स्वभाव और उनके गुणों से जुड़ी सामग्री तैयार करने में मेरी निरंतर भागीदारी रही है. रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज से मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री प्राप्त करने के बाद. इसके साथ साथ कंटेंट राइटिंग और मीडिया से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में काम करते हुए मेरी मजबूत पकड़ बनी. इसके अलावा, एंटरटेनमेंट, लाइफस्टाइल और शिक्षा जैसे विषयों पर भी मैंने गहराई से लेखन किया है, जिससे मेरी लेखन शैली संतुलित, भरोसेमंद और पाठक-केंद्रित बनी है.

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