Life After Death: मरने के बाद आत्मा कहां जाती है? जानिए गरुड़ पुराण की नजर से
Published by : Shaurya Punj Updated At : 20 Jul 2025 7:45 AM
Life After Death according to garud puran
Life After Death: मरने के बाद आत्मा कहां जाती है? यह सवाल सदियों से मानव मन को विचलित करता आया है. जानिए इसे धर्म और विज्ञान दोनों दृष्टिकोणों से समझने की कोशिश.
Life After Death: मृत्यु एक गूढ़ और रहस्यमय प्रक्रिया है, जिसे दुनिया के विभिन्न धर्मों और आध्यात्मिक परंपराओं में अलग-अलग दृष्टिकोणों से समझाया गया है. हिंदू धर्म, बौद्ध दर्शन, योग शास्त्र और आधुनिक अध्यात्म सभी इस विचार को स्वीकार करते हैं कि आत्मा नाशवान नहीं होती. शरीर के अंत के बाद भी आत्मा की यात्रा जारी रहती है. यहां हमें ज्योतिषाचार्य संजीत मिश्रा ने मृत्यु के 24 घंटे बाद आत्मा की स्थिति को विस्तार से समझाया है.
सूक्ष्म और कारण शरीर में आत्मा का प्रवेश
हिंदू धर्म के अनुसार, मृत्यु के साथ ही आत्मा (या जीवात्मा) स्थूल शरीर का त्याग कर सूक्ष्म और कारण शरीर में प्रवेश करती है. यह आत्मा अपने साथ जीवन भर के कर्म, इच्छाएँ और संस्कार लेकर चलती है. मृत्यु के तुरंत बाद आत्मा कुछ समय तक पृथ्वी लोक में ही रहती है क्योंकि वह शरीर, परिजनों और भौतिक संबंधों से तुरंत मुक्त नहीं हो पाती. यह अवस्था 24 घंटे से लेकर 13 दिन तक रह सकती है, जो आत्मा के चेतन स्तर और जीवन के कर्मों पर निर्भर करती है.
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आत्मा देख सकती है, लेकिन संवाद नहीं कर सकती
पहले 24 घंटों के दौरान, यह माना जाता है कि आत्मा अपने मृत शरीर के पास ही मंडराती है. वह अपने प्रियजनों को देख सकती है, लेकिन उनसे संवाद नहीं कर पाती. इसे प्रेतावस्था या सूक्ष्मावस्था कहा जाता है. इसीलिए, हिंदू परंपरा में मृत्यु के तुरंत बाद शुद्धिकरण, मंत्र-जाप, गीता का पाठ, हवन और अन्य धार्मिक क्रियाएँ की जाती हैं, ताकि आत्मा को शांति मिले और वह मोह से मुक्त हो सके.
गरुड़ पुराण और यमलोक की अवधारणा
गरुड़ पुराण, कठोपनिषद और ब्रह्मसूत्र जैसे ग्रंथों में वर्णित है कि मृत्यु के पश्चात यमदूत आत्मा को अपने साथ यमलोक ले जाते हैं. वहाँ आत्मा के कर्मों का लेखा-जोखा होता है, जिसके आधार पर उसे स्वर्ग, नरक या पुनर्जन्म की दिशा में भेजा जाता है. यह प्रक्रिया त्वरित भी हो सकती है या धीरे-धीरे भी घट सकती है, जो व्यक्ति के जीवन के कर्मों पर आधारित होती है.
मृत्यु के बाद आत्मा की सूक्ष्म यात्रा की शुरुआत
मृत्यु के 24 घंटे बाद आत्मा अपनी भौतिक पहचान से मुक्त होकर एक सूक्ष्म यात्रा पर निकलती है. यह काल आत्मा के लिए अत्यंत संवेदनशील और निर्णायक होता है. धार्मिक दृष्टिकोण से यह समय साधना, प्रार्थना और शांति के लिए समर्पित होना चाहिए, ताकि आत्मा को मार्गदर्शन और शांति मिल सके और वह अगले जन्म या मोक्ष की ओर अग्रसर हो सके.
डिसक्लेमर:
इस लेख में प्रस्तुत जानकारी धार्मिक ग्रंथों, शास्त्रों, आध्यात्मिक मान्यताओं और उपलब्ध वैज्ञानिक विचारों पर आधारित है. इसका उद्देश्य किसी विशेष मत, विश्वास या विचारधारा को बढ़ावा देना नहीं है, बल्कि पाठकों को विविध दृष्टिकोणों से अवगत कराना है. जीवन, मृत्यु और आत्मा से संबंधित विषय गहरे व्यक्तिगत और आस्थागत होते हैं, अतः पाठक अपने विवेक, अनुभव और विश्वास के अनुसार इन बातों को स्वीकार करें. Prabhatkhabar.com इस विषय पर किसी भी प्रकार के दावे की पुष्टि नहीं करता.
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By Shaurya Punj
शौर्य पुंज डिजिटल मीडिया में पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर हैं. उन्हें न्यूज वर्ल्ड में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. शौर्य खबरों की नब्ज को समझकर उसे आसान और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में माहिर हैं. साल 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान उन्होंने दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांसिंग की. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में दो महीने की इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन के लिए कार्य करना शुरू किया. उस समय उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस बिजनेस और एंटरटेनमेंट गॉसिप जैसी खबरों पर काम किया. साल 2020 में कोरोना काल के दौरान उन्हें लाइफस्टाइल, धर्म-कर्म, एजुकेशन और हेल्थ जैसे नॉन-न्यूज सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. उन्होंने लाइफस्टाइल कैटेगरी के कई महत्वपूर्ण सेक्शनों में योगदान दिया. Health & Fitness सेक्शन में डाइट, योग, वेट लॉस, मानसिक स्वास्थ्य और फिटनेस टिप्स से जुड़े उपयोगी कंटेंट पर कार्य किया. Beauty & Fashion सेक्शन में स्किन केयर, हेयर केयर, मेकअप और ट्रेंडिंग फैशन विषयों पर लेख तैयार किए. Relationship & Family कैटेगरी में पति-पत्नी संबंध, डेटिंग, पैरेंटिंग और दोस्ती जैसे विषयों पर जानकारीपूर्ण कंटेंट लिखा. Food & Recipes सेक्शन में हेल्दी फूड, रेसिपी और किचन टिप्स से संबंधित सामग्री विकसित की. Travel सेक्शन के लिए घूमने की जगहों, बजट ट्रिप और ट्रैवल टिप्स पर लेखन किया. Astrology / Vastu में राशिफल, वास्तु टिप्स और ज्योतिष आधारित कंटेंट पर काम किया. Career & Motivation सेक्शन में सेल्फ-इम्प्रूवमेंट, मोटिवेशन और पर्सनैलिटी डेवलपमेंट विषयों पर योगदान दिया. Festival & Culture सेक्शन में त्योहारों की परंपराएं, पूजा विधि और शुभ मुहूर्त से संबंधित कंटेंट पर कार्य किया. इसके अलावा Women Lifestyle / Men Lifestyle और Health Education & Wellness जैसे विषयों पर भी मर्यादित एवं जानकारीपूर्ण लेखन के माध्यम से योगदान दिया. साल 2023 से शौर्य ने पूरी तरह से प्रभातखबर.कॉम के धर्म-कर्म और राशिफल सेक्शन में अपना योगदान देना शुरू किया. इस दौरान उन्होंने दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों पर विशेष फोकस किया. साथ ही पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए सरल, सहज और जानकारीपूर्ण धार्मिक कंटेंट तैयार करने पर लगातार कार्य किया. रांची में जन्मे शौर्य की प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एण्ड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. ऑनर्स की डिग्री प्राप्त की. यह शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें हिंदी पत्रकारिता की वह विशेषज्ञता प्रदान करती है, जो पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे — के आधार पर प्रभावी और तथ्यपूर्ण समाचार लेखन के लिए आवश्यक मानी जाती है.
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