Grahan 2026: अगले वर्ष इस दिन लगेगा साल का पहला ग्रहण, क्या बच्चों और बुजुर्गों को सूतक मानना चाहिए? जानें नियम

Published by : Shaurya Punj Updated At : 19 Nov 2025 11:25 AM

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साल 2026 का पहला ग्रहण कब, बच्चों और बुजुर्गों के लिए सूतक मानना जरूरी है या नहीं?

Grahan 2026: अगले साल लगने वाले पहले ग्रहण को लेकर लोगों के मन में कई सवाल होते हैं, खासकर सूतक काल को लेकर. अक्सर यह पूछा जाता है कि क्या बच्चों और बुजुर्गों पर भी सूतक लागू होता है? ज्योतिष और परंपरा दोनों की मान्यताएं इस विषय पर अलग-अलग बातें बताती हैं. आइए जानें सही जानकारी.

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Grahan 2026: नया साल 2026 आने वाला है और नए साल के साथ ग्रहों की चाल में भी कई बदलाव देखने को मिलेंगे. हर साल की तरह इस साल भी सूर्य और चंद्र ग्रहण लगेंगे. कभी साल में 4 ग्रहण होते हैं तो कभी 5 या उससे ज्यादा. ये एक प्राकृतिक खगोलीय घटना है, लेकिन हिंदू धर्म और ज्योतिष में ग्रहण का खास महत्व माना जाता है.

कब लगता है ग्रहण

ग्रहण तब लगता है जब राहु और केतु (छाया ग्रह) सूर्य और चंद्रमा के साथ एक सीधी रेखा में आ जाते हैं. ऐसे में सूर्य ग्रहण या चंद्र ग्रहण बनता है. मान्यता है कि इस समय सूर्य और चंद्रमा की ऊर्जा प्रभावित होती है, इसलिए ग्रहण के दौरान कोई शुभ या मांगलिक काम नहीं किया जाता. कई लोग मानते हैं कि ग्रहण का असर दुनिया और लोगों के जीवन पर नकारात्मक रूप से पड़ सकता है.

2026 का पहला ग्रहण कब लगेगा

द्रिक पंचांग के अनुसार, 2026 का पहला ग्रहण 17 फरवरी 2026, मंगलवार को लगेगा. यह एक वलयाकार सूर्य ग्रहण होगा, जिसे “रिंग ऑफ फायर” भी कहा जाता है. यह ग्रहण फाल्गुन मास की कृष्ण अमावस्या को पड़ेगा. इस दिन आसमान में सूर्य एक चमकीली रिंग की तरह दिखाई देगा, जो देखने में बेहद सुंदर और अद्भुत होगा.

यह विषय अक्सर ग्रहण के समय सबसे ज्यादा पूछा जाता है—क्या बच्चों और बुजुर्गों पर सूतक लागू होता है या नहीं? परंपरागत मान्यताओं और ज्योतिषीय नियमों के आधार पर ज्योतिषाचार्य डॉ एन के बेरा ने इसके बारे में बताया है, आइए जानें विस्तार से.

क्या बच्चों पर सूतक मानना जरूरी है?

शास्त्रों के अनुसार 5 वर्ष से कम उम्र के बच्चों पर सूतक लागू नहीं होता. इसे अबोध अवस्था कहा गया है, यानी बच्चे सही–गलत का निर्णय नहीं कर पाते. इसलिए उन पर ग्रहण के नियम या कठोर पाबंदियाँ नहीं लगाई जातीं. हालाँकि, कई परिवार बच्चों को ग्रहण के दौरान बाहर न निकलने या तेज रोशनी से दूर रखने की सलाह देते हैं, जो अधिकतर सावधानी के तौर पर होती है, धार्मिक वजहों से नहीं.

क्या बुजुर्गों पर सूतक लागू होता है?

परंपरागत रूप से माना गया है कि 70 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्गों को सूतक का पालन अनिवार्य नहीं है. ऐसा इसलिए क्योंकि इस उम्र में कठोर व्रत, उपवास या सूतक संबंधी नियमों को निभाना सेहत के लिए सुरक्षित नहीं माना जाता. बुजुर्गों को सामान्य दिनचर्या जारी रखने की छूट दी जाती है, बस वे पूजा-पाठ या धार्मिक कार्य ग्रहण समाप्त होने के बाद करें.

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क्यों बनाया गया यह नियम?

सूतक का उद्देश्य शरीर और मन को शुद्ध रखना था. प्राचीन काल में ग्रहण को अशुभ माना जाता था, इसलिए कुछ पाबंदियाँ बनाई गईं. लेकिन बच्चों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए शास्त्रों ने उन्हें कठोर नियमों से मुक्त रखा.

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Shaurya Punj

लेखक के बारे में

By Shaurya Punj

शौर्य पुंज डिजिटल मीडिया में पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर हैं. उन्हें न्यूज वर्ल्ड में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. शौर्य खबरों की नब्ज को समझकर उसे आसान और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में माहिर हैं. साल 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान उन्होंने दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांसिंग की. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में दो महीने की इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन के लिए कार्य करना शुरू किया. उस समय उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस बिजनेस और एंटरटेनमेंट गॉसिप जैसी खबरों पर काम किया. साल 2020 में कोरोना काल के दौरान उन्हें लाइफस्टाइल, धर्म-कर्म, एजुकेशन और हेल्थ जैसे नॉन-न्यूज सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. उन्होंने लाइफस्टाइल कैटेगरी के कई महत्वपूर्ण सेक्शनों में योगदान दिया. Health & Fitness सेक्शन में डाइट, योग, वेट लॉस, मानसिक स्वास्थ्य और फिटनेस टिप्स से जुड़े उपयोगी कंटेंट पर कार्य किया. Beauty & Fashion सेक्शन में स्किन केयर, हेयर केयर, मेकअप और ट्रेंडिंग फैशन विषयों पर लेख तैयार किए. Relationship & Family कैटेगरी में पति-पत्नी संबंध, डेटिंग, पैरेंटिंग और दोस्ती जैसे विषयों पर जानकारीपूर्ण कंटेंट लिखा. Food & Recipes सेक्शन में हेल्दी फूड, रेसिपी और किचन टिप्स से संबंधित सामग्री विकसित की. Travel सेक्शन के लिए घूमने की जगहों, बजट ट्रिप और ट्रैवल टिप्स पर लेखन किया. Astrology / Vastu में राशिफल, वास्तु टिप्स और ज्योतिष आधारित कंटेंट पर काम किया. Career & Motivation सेक्शन में सेल्फ-इम्प्रूवमेंट, मोटिवेशन और पर्सनैलिटी डेवलपमेंट विषयों पर योगदान दिया. Festival & Culture सेक्शन में त्योहारों की परंपराएं, पूजा विधि और शुभ मुहूर्त से संबंधित कंटेंट पर कार्य किया. इसके अलावा Women Lifestyle / Men Lifestyle और Health Education & Wellness जैसे विषयों पर भी मर्यादित एवं जानकारीपूर्ण लेखन के माध्यम से योगदान दिया. साल 2023 से शौर्य ने पूरी तरह से प्रभातखबर.कॉम के धर्म-कर्म और राशिफल सेक्शन में अपना योगदान देना शुरू किया. इस दौरान उन्होंने दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों पर विशेष फोकस किया. साथ ही पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए सरल, सहज और जानकारीपूर्ण धार्मिक कंटेंट तैयार करने पर लगातार कार्य किया. रांची में जन्मे शौर्य की प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एण्ड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. ऑनर्स की डिग्री प्राप्त की. यह शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें हिंदी पत्रकारिता की वह विशेषज्ञता प्रदान करती है, जो पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे — के आधार पर प्रभावी और तथ्यपूर्ण समाचार लेखन के लिए आवश्यक मानी जाती है.

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