Surya Grahan 2026: इस दिन लगेगा नए साल का पहला सूर्यग्रहण, नोट कर लें डेट
Published by : Shaurya Punj Updated At : 18 Nov 2025 9:41 AM
इस दिन है साल 2026 का पहला सूर्यग्रहण
Surya Grahan 2026: नए साल 2026 का पहला सूर्यग्रहण कब लगेगा, लोग इसे लेकर अभी से उत्सुक हैं. फरवरी में होने वाला यह खगोलीय नजारा भारत में दिखाई नहीं देगा, इसलिए सूतक काल भी मान्य नहीं होगा. जानिए इस सूर्यग्रहण की सही तारीख, समय और कहाँ-कहाँ इसका दर्शन संभव होगा.
Surya Grahan 2026: अब साल 2025 खत्म होने में ज्यादा समय नहीं बचा है. आज से 43 दिनों बाद नया साल 2026 आरंभ होने जा रहा है. आपको बता दें लोग अभी से नए साल 2026 को लेकर काफी उत्साहित हैं. हर बार की तरह इस बार भी सबसे ज्यादा चर्चा ग्रहणों की रहती है—कब लगेंगे, कहां दिखेंगे और भारत में सूतक लगेगा या नहीं. हमारे यहां ग्रहण का सिर्फ खगोलीय ही नहीं बल्कि धार्मिक महत्व भी माना जाता है. अगर कोई ग्रहण भारत में दिख जाए तो सूतक काल माना जाता है, इस दौरान मंदिर बंद रहते हैं और पूजा-पाठ भी नहीं किया जाता. तो आइए जानते हैं 2026 में पहला ग्रहण कौन-सा होगा, कब लगेगा और भारत में दिखाई देगा या नहीं.
2026 का पहला सूर्य ग्रहण
साल 2026 का पहला सूर्य ग्रहण 17 फरवरी 2026 को लगेगा. यह एक बड़ा खगोलीय दृश्य होगा, लेकिन भारत के लोगों के लिए यह सिर्फ खबरों में ही रहेगा, क्योंकि यह भारत में दिखाई नहीं देगा. इसलिए इसका सूतक काल भी मान्य नहीं होगा. यह ग्रहण जिम्बाब्वे, दक्षिण अफ्रीका, जाम्बिया, मोज़ाम्बिक, मॉरीशस, अंटार्कटिका, तंजानिया और कई दक्षिण अमेरिकी देशों में देखा जा सकेगा.
सूतक समय क्या होता है?
ग्रहण लगने से ठीक पहले एक समय अवधि शुरू होती है जिसे सूतक कहते हैं. सूर्य ग्रहण के मामले में यह सूतक 12 घंटे पहले शुरू हो जाता है. इस दौरान पूजा-पाठ, शुभ काम, नए कार्य की शुरुआत आदि नहीं किए जाते. जैसे ही ग्रहण खत्म होता है, सूतक भी समाप्त हो जाता है.
सूर्य ग्रहण क्या होता है?
बहुत ही आसान शब्दों में समझें तो सूर्य ग्रहण तब लगता है, जब चाँद सूर्य और पृथ्वी के बीच आ जाता है. चांद सूर्य की रोशनी को थोड़ी देर के लिए ढक लेता है, जिससे सूर्य या तो पूरी तरह या आंशिक रूप से दिखाई नहीं देता. यह घटना हमेशा अमावस्या के दिन ही होती है, क्योंकि तभी तीनों—सूर्य, चंद्रमा और पृथ्वी—एक सीधी रेखा में आते हैं.
ये भी पढ़ें: सूर्यग्रहण के दौरान करें इन मंत्रों का जाप, सूर्यदेव की बनी रहेगी कृपा
धार्मिक और वैज्ञानिक महत्व
धार्मिक मान्यता के अनुसार ग्रहण का समय मंत्र जाप, ध्यान और दान-पुण्य के लिए बेहद शुभ माना गया है. पद्म पुराण में तक कहा गया है कि ग्रहण के दौरान किया गया जप या दान सामान्य दिनों की तुलना में कई गुना अधिक फल देता है. वैज्ञानिक दृष्टि से यह एक प्राकृतिक घटना है, जहाँ सूर्य की किरणें कुछ समय के लिए पृथ्वी तक पूरी तरह नहीं पहुँच पातीं, जिसके कारण कुछ जगह थोड़ी देर का अंधेरा भी हो सकता है.
साल का दूसरा सूर्य ग्रहण
2026 का दूसरा सूर्य ग्रहण 12 अगस्त 2026 को होगा. यह ग्रहण श्रावण मास की हरियाली अमावस्या के दिन लगेगा. हालांकि यह भी भारत में नहीं दिखेगा. इसे उत्तरी अमेरिका, अफ्रीका, यूरोप, आर्कटिक, ग्रीनलैंड, आइसलैंड और स्पेन में देखा जा सकेगा.
2026 में कुल चार ग्रहण
साल 2026 में दो सूर्य ग्रहण और दो चंद्र ग्रहण लगेंगे. खास बात यह है कि अगले साल एक दुर्लभ फुल ब्लड मून भी देखने को मिलेगा. पहला ग्रहण फरवरी में सूर्य ग्रहण होगा और पहला चंद्र ग्रहण मार्च में होलिका दहन के दिन लगेगा.
ग्रहण के दौरान क्या करें और क्या न करें
- सूतक में पूजा-पाठ और शुभ काम नहीं करने चाहिए.
- ग्रहण के समय खाना-पीना वर्जित माना जाता है.
- खाने की चीज़ों में तुलसी पत्ता डालकर रखना चाहिए.
- ग्रहण खत्म होते ही घर और मंदिर में गंगाजल का छिड़काव करके शुद्धिकरण किया जाता है.
- गर्भवती महिलाओं को ग्रहण नहीं देखना चाहिए और घर से बाहर नहीं निकलना चाहिए.
- सूतक में खाना बनाना, बाल कटवाना, सोना, सिलाई-कढ़ाई या चाकू चलाना भी निषेध माना गया है.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Shaurya Punj
शौर्य पुंज डिजिटल मीडिया में पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर हैं. उन्हें न्यूज वर्ल्ड में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. शौर्य खबरों की नब्ज को समझकर उसे आसान और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में माहिर हैं. साल 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान उन्होंने दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांसिंग की. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में दो महीने की इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन के लिए कार्य करना शुरू किया. उस समय उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस बिजनेस और एंटरटेनमेंट गॉसिप जैसी खबरों पर काम किया. साल 2020 में कोरोना काल के दौरान उन्हें लाइफस्टाइल, धर्म-कर्म, एजुकेशन और हेल्थ जैसे नॉन-न्यूज सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. उन्होंने लाइफस्टाइल कैटेगरी के कई महत्वपूर्ण सेक्शनों में योगदान दिया. Health & Fitness सेक्शन में डाइट, योग, वेट लॉस, मानसिक स्वास्थ्य और फिटनेस टिप्स से जुड़े उपयोगी कंटेंट पर कार्य किया. Beauty & Fashion सेक्शन में स्किन केयर, हेयर केयर, मेकअप और ट्रेंडिंग फैशन विषयों पर लेख तैयार किए. Relationship & Family कैटेगरी में पति-पत्नी संबंध, डेटिंग, पैरेंटिंग और दोस्ती जैसे विषयों पर जानकारीपूर्ण कंटेंट लिखा. Food & Recipes सेक्शन में हेल्दी फूड, रेसिपी और किचन टिप्स से संबंधित सामग्री विकसित की. Travel सेक्शन के लिए घूमने की जगहों, बजट ट्रिप और ट्रैवल टिप्स पर लेखन किया. Astrology / Vastu में राशिफल, वास्तु टिप्स और ज्योतिष आधारित कंटेंट पर काम किया. Career & Motivation सेक्शन में सेल्फ-इम्प्रूवमेंट, मोटिवेशन और पर्सनैलिटी डेवलपमेंट विषयों पर योगदान दिया. Festival & Culture सेक्शन में त्योहारों की परंपराएं, पूजा विधि और शुभ मुहूर्त से संबंधित कंटेंट पर कार्य किया. इसके अलावा Women Lifestyle / Men Lifestyle और Health Education & Wellness जैसे विषयों पर भी मर्यादित एवं जानकारीपूर्ण लेखन के माध्यम से योगदान दिया. साल 2023 से शौर्य ने पूरी तरह से प्रभातखबर.कॉम के धर्म-कर्म और राशिफल सेक्शन में अपना योगदान देना शुरू किया. इस दौरान उन्होंने दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों पर विशेष फोकस किया. साथ ही पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए सरल, सहज और जानकारीपूर्ण धार्मिक कंटेंट तैयार करने पर लगातार कार्य किया. रांची में जन्मे शौर्य की प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एण्ड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. ऑनर्स की डिग्री प्राप्त की. यह शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें हिंदी पत्रकारिता की वह विशेषज्ञता प्रदान करती है, जो पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे — के आधार पर प्रभावी और तथ्यपूर्ण समाचार लेखन के लिए आवश्यक मानी जाती है.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










