Gopashtami 2025 Bhog: गोपाष्टमी पर गौ माता को जरूर खिलाएं ये खास चीज, बन सकते हैं रुके हुए काम

Updated at : 28 Oct 2025 1:59 PM (IST)
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Gopashtami Bhog

गोपाष्टमी पर गौ माता को जरूर खिलाएं ये खास चीज

Gopashtami 2025 Bhog: क्या आप जानते हैं कि गोपाष्टमी पूजा के साथ-साथ गाय माता को क्या खिलाना सबसे शुभ माना जाता है? आइए, इस आर्टिकल में जानते हैं कि गाय माता को क्या खिलाने से पुण्य मिलता है.

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Gopashtami 2025 Bhog: गोपाष्टमी का दिन गौ माता की पूजा और सेवा के लिए बहुत शुभ माना जाता है. इस दिन गाय को विशेष भोग खिलाने से जीवन की परेशानियाँ कम होती हैं और रुके हुए काम पूरे होने लगते हैं. इस साल गोपाष्टमी 30 अक्टूबर 2025, गुरुवार को मनाई जाएगी.

गौ माता को इस दिन क्या खिलाएं

  • हरी घास या ताज़ा चारा
  • गुड़ और रोटी
  • फल जैसे केला, सेब
  • चना या गेहूं जैसे अनाज

गोपाष्टमी के दिन गाय को ऐसी चीजें जरूर खिलानी चाहिए जो उन्हें पसंद हों और उनके लिए फायदेमंद हों. इन चीजों को खिलाना शुभ फल देता है और इसे पुण्य का काम माना जाता है.

किस तरह भोग चढ़ाएं

  • सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और गाय को भी साफ पानी से पोंछकर साफ करें.
  • उनके माथे पर रोली और चंदन लगाएं, फूल चढ़ाएं और फिर प्यार से भोग दें.
  • गाय को जबरदस्ती कुछ न खिलाएं, उन्हें आराम से खाने दें.
  • भोग के बाद आरती करें और उनके चारों तरफ एक बार घूमकर प्रणाम करें.

क्या लाभ मिलता है

  • घर में शांति और सकारात्मकता आती है
  • आर्थिक स्थिति मजबूत होती है
  • रुके हुए काम पूरे होने लगते हैं
  • परिवार में खुशियाँ और स्वास्थ्य बना रहता है
  • मन में करुणा और भक्ति बढ़ती है

गोपाष्टमी पर गाय की पूजा क्यों की जाती है?

हिंदू धर्म में गाय को माता का स्थान दिया गया है. इसे समृद्धि, सौभाग्य और धर्म का प्रतीक माना जाता है.

क्या गौशाला में दान करना भी शुभ है?

हाँ, गौशाला में चारा या धन दान करना अत्यंत पुण्यदायी माना जाता है.

गाय को कौन सी चीजें नहीं खिलानी चाहिए?

प्लास्टिक, बचा हुआ मसालेदार खाना, फफूंदी लगी चीजें और खराब भोजन कभी न खिलाएँ.

गोपाष्टमी पूजा शुभ मुहूर्त

सुबह 06:35 बजे से 07:57 बजे तक

ये भी पढ़ें: Gopashtami 2025: इस गोपाष्टमी पर श्रद्धा से करें गौ माता की सेवा, दूर होंगी सभी परेशानियां और जीवन में आएगी समृद्धि

Disclaimer: यहां दी गई जानकारी केवल मान्यताओं और परंपरागत जानकारियों पर आधारित है. 

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JayshreeAnand

लेखक के बारे में

By JayshreeAnand

कहानियों को पढ़ने और लिखने की रुचि ने मुझे पत्रकारिता की ओर प्रेरित किया. सीखने और समझने की इस यात्रा में मैं लगातार नए अनुभवों को अपनाते हुए खुद को बेहतर बनाने की कोशिश करती हूं. वर्तमान मे मैं धार्मिक और सामाजिक पहलुओं को नजदीक से समझने और लोगों तक पहुंचाने का प्रयास कर रही हूं.

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