चैत्र नवरात्रि व्रत में भूलकर भी न करें ये 7 गलतियां, वरना देवी मां की पूजा का फल हो सकता है कम

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Chaitra Navratri 2026 Vrat Rules

चैेत्र नवरात्रि 2026

Chaitra Navratri 2026: हिंदू धर्म में चैत्र नवरात्र का विशेष महत्व माना जाता है, इस साल चैत्र नवरात्रि 2026 में 19 मार्च दिन गुरुवार से शुरू होकर 27 मार्च दिन शुक्रवार तक चलेगा. साल में आने वाली चार नवरात्रियों में से इसे सबसे शुभ माना जाता है, क्योंकि इसी समय से हिंदू नववर्ष की भी शुरुआत होती है. इन नौ दिनों में भक्त पूरे श्रद्धा और भक्ति भाव से दुर्गा के नौ रूपों की पूजा करते हैं.

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Chaitra Navratri 2026: चैत्र नवरात्र के पावन दिनों में श्रद्धालु व्रत रखते हैं और घर-घर में कलश स्थापना (घटस्थापना) कर मां दुर्गा का विधिवत आह्वान करते हैं. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इन नौ दिनों में सच्ची श्रद्धा और नियमपूर्वक पूजा करने से मां दुर्गा की विशेष कृपा प्राप्त होती है और जीवन में सुख-समृद्धि का आगमन होता है. हालांकि कई बार अनजाने में की गई छोटी-छोटी गलतियां व्रत और पूजा के पूर्ण फल को कम कर सकती हैं. इसलिए शास्त्रों में नवरात्रि के दौरान कुछ खास नियमों का पालन करने की सलाह दी गई है. ऐसे में यदि आप भी इस बार नवरात्र व्रत रखने की तैयारी कर रहे हैं, तो इन 7 महत्वपूर्ण बातों का विशेष ध्यान जरूर रखें, ताकि मां दुर्गा की कृपा आप पर बनी रहे.

Chaitra Navratri 2026: घर की साफ-सफाई को न करें नजर अंदाज

नवरात्रि में घर और पूजा स्थान की साफ-सफाई का खास महत्व होता है. मान्यता है कि मां दुर्गा उसी घर में निवास करती हैं, जहां पवित्रता और स्वच्छता हो. इसलिए नवरात्रि शुरू होने से पहले घर और मंदिर की अच्छी तरह सफाई कर लें.

अगर आपने व्रत रखा है तो उसके नियमों का पालन भी पूरी श्रद्धा से करें. कई लोग व्रत रखते हैं, लेकिन खान-पान और दिनचर्या में लापरवाही कर देते हैं. धार्मिक मान्यता के अनुसार ऐसा करने से व्रत का पुण्य कम हो सकता है.

लहसुन-प्याज और तामसिक भोजन से रहें दूर

नवरात्रि के दौरान लहसुन, प्याज, मांसाहार और शराब जैसे तामसिक पदार्थों से दूर रहने की सलाह दी जाती है.इन दिनों सात्विक भोजन करना ही उचित माना जाता है.

पूजा के समय क्रोध और नकारात्मकता से बचें

नवरात्रि सिर्फ व्रत रखने का नहीं बल्कि मन और विचारों को भी शुद्ध करने का समय होता है. ऐसे में झूठ बोलना, क्रोध करना या किसी का अपमान करना भी अशुभ माना जाता है.

कलश स्थापना के नियमों की अनदेखी न करें

नवरात्रि की शुरुआत घटस्थापना यानी कलश स्थापना से होती है. इसे बहुत ही शुभ मुहूर्त में किया जाता है. इसलिए बिना सही विधि और समय के कलश स्थापना करना सही नहीं माना जाता.

व्रत के दौरान बाल और नाखून काटने से बचें

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार नवरात्रि के दौरान बाल कटवाना, नाखून काटना या शेविंग करना अशुभ माना जाता है. कोशिश करें कि इन कामों को नवरात्रि शुरू होने से पहले ही पूरा कर लें.

अखंड ज्योति जलाने के बाद घर खाली न छोड़े

अगर आपने नवरात्रि में अखंड ज्योति जलाई है, तो घर को पूरी तरह खाली छोड़कर बाहर न जाएं.मान्यता है कि अखंड ज्योति को लगातार जलते रहना चाहिए और उसका ध्यान
रखना जरूरी होता है.

ज्योतिषाचार्य संजीत कुमार मिश्रा
ज्योतिष वास्तु एवं रत्न विशेषज्ञ
8080426594/9545290847

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राधेश्याम कुशवाहा

लेखक के बारे में

By राधेश्याम कुशवाहा

पत्रकारिता की क्षेत्र में 13 साल का अनुभव है. इस सफर की शुरुआत राज एक्सप्रेस न्यूज पेपर भोपाल से की. यहां से आगे बढ़ते हुए समय जगत, राजस्थान पत्रिका, हिंदुस्तान न्यूज पेपर के बाद वर्तमान में प्रभात खबर के डिजिटल विभाग में धर्म अध्यात्म एवं राशिफल डेस्क पर कार्यरत हैं. ज्योतिष शास्त्र, व्रत त्योहार, राशिफल के आलावा राजनीति, अपराध और पॉजिटिव खबरों को लिखने में रुचि हैं.

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