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Gayatri Jayanti 2024: गायत्री जयंती कब है? जानें महत्व, तिथि, पूजा विधि, व्रत नियम और मंत्र जाप का फल

Updated at : 07 Jun 2024 1:42 PM (IST)
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Gayatri Jayanti 2024

Gayatri Jayanti 2024

Gayatri Jayanti 2024: माता गायत्री को त्रिदेवों की उपासिका भी कहा जाता है। आइए जानते हैं गायत्री जयंती की तिथि, पूजा विधि, महत्व और शुभ मुहूर्त...

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Gayatri Jayanti 2024: गायत्री जयंती ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को मनाई जाती है. इस वर्ष यह 17 जून को मनाई जाएगी. यह दिन वेद माता के नाम से भी जानी जाने वाली माँ गायत्री को समर्पित है.

गायत्री जयंती का महत्व

ज्ञान और मोक्ष: गायत्री मंत्र को वेदों का सार माना जाता है. इस मंत्र का जाप करने से ज्ञान और मोक्ष की प्राप्ति होती है.
पापों का नाश: मां गायत्री की पूजा करने से पापों का नाश होता है और मन शुद्ध होता है.

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मनोकामना पूर्ति: धार्मिक मान्यता के अनुसार, गायत्री जयंती पर माँ गायत्री की पूजा करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं.


सर्वोच्च शक्ति का आशीर्वाद: गायत्री जयंती पर माँ गायत्री का आशीर्वाद प्राप्त करने का उत्तम अवसर होता है.

गायत्री जयंती की पूजा विधि

सामग्री

गायत्री माता की प्रतिमा या चित्र
दीपक
घी
कपूर
धूप
फल, फूल, मिठाई
गंगाजल
स्वच्छ वस्त्र
आसन

विधि

प्रातःकाल जल्दी उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र पहनें.
घर में एक स्वच्छ स्थान पर वेदी स्थापित करें. वेदी पर गायत्री माता की प्रतिमा या चित्र रखें.
दीपक जलाएं और कपूर जलाकर आरती करें.
गायत्री माता को फल, फूल, मिठाई और अन्य भोग अर्पित करें.
गंगाजल से वेदी और प्रतिमा को शुद्ध करें.
ध्यान करें और गायत्री मंत्र का जाप करें.
गायत्री चालीसा का पाठ करें.
ध्यान: कुछ समय के लिए ध्यान करें और माँ गायत्री से अपने मन की इच्छा प्रकट करें.
दान: दान करने से पुण्य प्राप्त होता है. आप अपनी क्षमता अनुसार दान कर सकते हैं.

गायत्री जयंती पर व्रत नियम

इस दिन गाय को भोजन खिलाना चाहिए.गायत्री मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना का आयोजन होता है. इस दिन गायत्री उपासना का व्रत भी रखा जाता हैं. व्रत रखने वाले व्यक्ति को सूर्योदय से पहले उठकर स्नान करना चाहिए. दिन भर केवल सात्विक भोजन ग्रहण करना चाहिए.शाम को सूर्यास्त के बाद व्रत का पारण करना चाहिए.

गायत्री मंत्र जाप का फल

गायत्री मंत्र का जाप करने से ज्ञान और बुद्धि की वृद्धि होती है.
मन शांत होता है और एकाग्रता बढ़ती है.
पापों का नाश होता है और पुण्य की प्राप्ति होती है.
सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं.
जीवन में सुख, समृद्धि और सफलता प्राप्त होती है.

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ज्योतिषाचार्य संजीत कुमार मिश्रा
ज्योतिष वास्तु एवं रत्न विशेषज्ञ
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Shaurya Punj

लेखक के बारे में

By Shaurya Punj

मैंने डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव हासिल किया है. पिछले 6 वर्षों से मैं विशेष रूप से धर्म और ज्योतिष विषयों पर सक्रिय रूप से लेखन कर रहा हूं. ये मेरे प्रमुख विषय हैं और इन्हीं पर किया गया काम मेरी पहचान बन चुका है. हस्तरेखा शास्त्र, राशियों के स्वभाव और उनके गुणों से जुड़ी सामग्री तैयार करने में मेरी निरंतर भागीदारी रही है. रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज से मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री प्राप्त करने के बाद. इसके साथ साथ कंटेंट राइटिंग और मीडिया से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में काम करते हुए मेरी मजबूत पकड़ बनी. इसके अलावा, एंटरटेनमेंट, लाइफस्टाइल और शिक्षा जैसे विषयों पर भी मैंने गहराई से लेखन किया है, जिससे मेरी लेखन शैली संतुलित, भरोसेमंद और पाठक-केंद्रित बनी है.

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