दाह संस्कार में नहीं जलता शरीर कौन सा भाग, क्या जवाब जानते हैं आप
Published by : Shaurya Punj Updated At : 22 Jan 2025 11:01 AM
Cremation Mystery
Cremation Mystery: जब दाह संस्कार के दौरान मृत शरीर में आग लगाई जाती है , तो कुछ घंटों के भीतर शरीर का प्रत्येक अंग जलकर राख में परिवर्तित हो जाता है. अधिकांश हड्डियाँ भी इस प्रक्रिया में राख बन जाती हैं. कुछ हड्डियाँ शेष रह जाती हैं, जिन्हें हम नदियों में विसर्जित करने के लिए चुनकर ले जाते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि शरीर का कौन सा भाग सबसे पहले जलता है? और कौन सा भाग ऐसा है, जिसमें अग्नि का प्रभाव नहीं पड़ता?
Cremation Mystery: जीवन का अंतिम सत्य मृत्यु है. प्रत्येक व्यक्ति को एक न एक दिन इस संसार को छोड़कर जाना है. हालांकि, किसी प्रियजन को खोने का दुःख जीवन में सबसे गहरा होता है, लेकिन यह हमारे नियंत्रण में नहीं है. कहा जाता है कि जब किसी का समय आता है, तब वह इस जीवन से विदा हो जाता है. इस धरती पर विभिन्न धर्मों के अनुयायियों के जन्म से लेकर मृत्यु तक के अपने-अपने रीति-रिवाज होते हैं. हिंदू धर्म में दाह संस्कार की प्रक्रिया अपनाई जाती है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि दाह संस्कार के दौरान शरीर का कौन सा अंग अग्नि से नहीं जलता है? आज हम आपको बताएंगे कि दाह संस्कार के समय कौन सा अंग सुरक्षित रहता है.
वैज्ञानिकों ने कुछ वर्ष पूर्व एक अध्ययन किया था, जिसमें यह बताया गया था कि दाह संस्कार के दौरान शरीर में किस प्रकार के परिवर्तन होते हैं. उनके अनुसार, 670 से 810 डिग्री सेल्सियस के बीच तापमान में शरीर केवल 10 मिनट में पिघलने लगता है. 20 मिनट के पश्चात ललाट की हड्डी नरम ऊतकों से मुक्त हो जाती है. टेबुला एक्सटर्ना, अर्थात् कपाल गुहा की पतली दीवार में दरारें उत्पन्न होने लगती हैं.
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इसके अतिरिक्त, 30 मिनट में सम्पूर्ण त्वचा जल जाती है और शरीर के अंग स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगते हैं. दाह संस्कार प्रारंभ होने के 40 मिनट बाद आंतरिक अंग गंभीर रूप से सिकुड़ जाते हैं और जाल जैसी या स्पंज जैसी संरचना प्रकट होती है. लगभग 50 मिनट के बाद हाथ-पैर कुछ हद तक नष्ट हो जाते हैं और केवल धड़ शेष रहता है, जो एक से डेढ़ घंटे के बाद टूटकर अलग हो जाता है. मानव शरीर को पूरी तरह से जलाने में लगभग 2-3 घंटे का समय लगता है, लेकिन एक भाग फिर भी नहीं जलता है.
यह हिस्सा नहीं जलता
जानकारी के अनुसार, जब किसी व्यक्ति का शव जलाया जाता है, तो केवल दांत ही शेष रहते हैं. यही वह भाग है जिसे आसानी से पहचाना जा सकता है. इसके विपरीत, शरीर का अन्य हिस्सा पूरी तरह से राख में परिवर्तित हो जाता है. दांतों के न जलने का वैज्ञानिक कारण है. वास्तव में, दांत कैल्शियम फॉस्फेट से बने होते हैं, जिसके कारण उनमें आग नहीं लगती है.
दाह संस्कार के बाद बचे दांतों का क्या होता है?
दाह संस्कार के दो दिन बाद शमशान घाट से अस्थियों को एकत्र किया जाता है. इस प्रक्रिया में अस्थियों के साथ-साथ बिना जले हुए हड्डियों के कुछ टुकड़े और दांतों के हिस्से भी इकट्ठा किए जाते हैं, जिन्हें कट्टे या बोरी में भर दिया जाता है. इसके बाद, इन्हें गंगा नदी या किसी अन्य पवित्र नदी में विधिपूर्वक प्रवाहित किया जाता है, साथ ही हाथ जोड़कर पुण्य आत्मा को शांति प्रदान करने और उन्हें श्रीहरि के चरणों में स्थान देने की प्रार्थना की जाती है.
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लेखक के बारे में
By Shaurya Punj
शौर्य पुंज डिजिटल मीडिया में पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर हैं. उन्हें न्यूज वर्ल्ड में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. शौर्य खबरों की नब्ज को समझकर उसे आसान और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में माहिर हैं. साल 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान उन्होंने दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांसिंग की. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में दो महीने की इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन के लिए कार्य करना शुरू किया. उस समय उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस बिजनेस और एंटरटेनमेंट गॉसिप जैसी खबरों पर काम किया. साल 2020 में कोरोना काल के दौरान उन्हें लाइफस्टाइल, धर्म-कर्म, एजुकेशन और हेल्थ जैसे नॉन-न्यूज सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. उन्होंने लाइफस्टाइल कैटेगरी के कई महत्वपूर्ण सेक्शनों में योगदान दिया. Health & Fitness सेक्शन में डाइट, योग, वेट लॉस, मानसिक स्वास्थ्य और फिटनेस टिप्स से जुड़े उपयोगी कंटेंट पर कार्य किया. Beauty & Fashion सेक्शन में स्किन केयर, हेयर केयर, मेकअप और ट्रेंडिंग फैशन विषयों पर लेख तैयार किए. Relationship & Family कैटेगरी में पति-पत्नी संबंध, डेटिंग, पैरेंटिंग और दोस्ती जैसे विषयों पर जानकारीपूर्ण कंटेंट लिखा. Food & Recipes सेक्शन में हेल्दी फूड, रेसिपी और किचन टिप्स से संबंधित सामग्री विकसित की. Travel सेक्शन के लिए घूमने की जगहों, बजट ट्रिप और ट्रैवल टिप्स पर लेखन किया. Astrology / Vastu में राशिफल, वास्तु टिप्स और ज्योतिष आधारित कंटेंट पर काम किया. Career & Motivation सेक्शन में सेल्फ-इम्प्रूवमेंट, मोटिवेशन और पर्सनैलिटी डेवलपमेंट विषयों पर योगदान दिया. Festival & Culture सेक्शन में त्योहारों की परंपराएं, पूजा विधि और शुभ मुहूर्त से संबंधित कंटेंट पर कार्य किया. इसके अलावा Women Lifestyle / Men Lifestyle और Health Education & Wellness जैसे विषयों पर भी मर्यादित एवं जानकारीपूर्ण लेखन के माध्यम से योगदान दिया. साल 2023 से शौर्य ने पूरी तरह से प्रभातखबर.कॉम के धर्म-कर्म और राशिफल सेक्शन में अपना योगदान देना शुरू किया. इस दौरान उन्होंने दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों पर विशेष फोकस किया. साथ ही पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए सरल, सहज और जानकारीपूर्ण धार्मिक कंटेंट तैयार करने पर लगातार कार्य किया. रांची में जन्मे शौर्य की प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एण्ड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. ऑनर्स की डिग्री प्राप्त की. यह शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें हिंदी पत्रकारिता की वह विशेषज्ञता प्रदान करती है, जो पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे — के आधार पर प्रभावी और तथ्यपूर्ण समाचार लेखन के लिए आवश्यक मानी जाती है.
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