नवरात्रि में वैष्णो देवी यात्रा, जहां लाखों भक्तों की आस्था होती है एकत्र

Updated at : 16 Mar 2026 7:18 AM (IST)
विज्ञापन
Chaitra Navratri 2026 and vaishno devi yatra

चैत्र नवरात्रि में वैष्णोदेवी यात्रा का महत्व

Chaitra Navratri 2026: चैत्र नवरात्रि के दौरान वैष्णो देवी मंदिर आस्था का सबसे बड़ा केंद्र बन जाता है. जानिए त्रिकूट पर्वत पर स्थित इस पवित्र धाम की धार्मिक, आध्यात्मिक और सामाजिक महत्व की कहानी.

विज्ञापन

Chaitra Navratri 2026: भारत में नवरात्रि का पर्व देवी शक्ति की आराधना का सबसे बड़ा अवसर माना जाता है. देशभर में मौजूद 51 शक्तिपीठों में इन दिनों श्रद्धालुओं की विशेष भीड़ रहती है. लेकिन जब बात वैष्णो देवी मंदिर की आती है, तो इसका महत्व कुछ और ही बढ़ जाता है. खासकर चैत्र नवरात्रि के समय यह मंदिर आस्था और आध्यात्म का सबसे बड़ा केंद्र बन जाता है.

त्रिकूट पर्वत पर स्थित पवित्र धाम

वैष्णो देवी मंदिर जम्मू-कश्मीर में कटरा से लगभग 12–13 किलोमीटर की पहाड़ी चढ़ाई पर स्थित है. यह मंदिर त्रिकूट पर्वत की लगभग 5200 फीट ऊंचाई पर बना हुआ है.

मंदिर की गुफा में देवी तीन पिंड रूपों में विराजमान हैं—

  • महाकाली
  • महालक्ष्मी
  • महासरस्वती

इन्हीं तीन रूपों को मिलाकर मां वैष्णो देवी की शक्ति का स्वरूप माना जाता है.

नवरात्रि में उमड़ता है श्रद्धालुओं का सैलाब

वैष्णो देवी मंदिर देश के सबसे व्यस्त मंदिरों में से एक है. हर साल यहां लगभग 80 लाख से एक करोड़ श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं. इनमें से लगभग 30 से 40 प्रतिशत भक्त केवल नवरात्रि के समय ही पहुंचते हैं. खासकर चैत्र नवरात्रि के दौरान यहां श्रद्धालुओं की सबसे ज्यादा भीड़ देखी जाती है. नवरात्रि के समय मंदिर का वातावरण पूरी तरह भक्ति और उत्साह से भर जाता है. चारों ओर “जय माता दी” के जयकारे गूंजते रहते हैं.

पौराणिक मान्यता और आध्यात्मिक ऊर्जा

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार त्रिकूट पर्वत की गुफा में ही मां वैष्णो देवी ने तपस्या की थी. चैत्र नवरात्रि को देवी शक्ति के जागरण का समय माना जाता है. इसलिए इन दिनों यह स्थान विशेष आध्यात्मिक ऊर्जा का केंद्र बन जाता है. इसी समय से हिंदू नववर्ष की शुरुआत भी होती है. इसलिए भक्त इस अवधि में मां के दर्शन कर नए संकल्प और नई उम्मीदों के साथ जीवन की शुरुआत करना शुभ मानते हैं.

राष्ट्रीय एकता का प्रतीक

उत्तर भारत के पर्वतीय क्षेत्र में स्थित यह मंदिर देश के हर कोने से आने वाले श्रद्धालुओं को जोड़ता है. उत्तर, दक्षिण, पूर्व और पश्चिम—देश के हर हिस्से से लोग यहां पहुंचते हैं. यही वजह है कि वैष्णो देवी का यह तीर्थ राष्ट्रीय एकता का प्रतीक भी माना जाता है.

ये भी पढ़ें: चैत्र नवरात्रि और भारतीय नववर्ष: क्यों खास है चैत्र शुक्ल प्रतिपदा

डिजिटल युग में और बढ़ी लोकप्रियता

आज के डिजिटल दौर में वैष्णो देवी मंदिर की लोकप्रियता और भी बढ़ गई है.

अब श्रद्धालु आसानी से

  • ऑनलाइन पंजीकरण
  • डिजिटल कतार प्रबंधन
  • लाइव दर्शन

लाइव दर्शन

जैसी सुविधाओं का लाभ उठा सकते हैं. इससे यात्रा पहले की तुलना में काफी आसान हो गई है.

स्थानीय अर्थव्यवस्था के लिए भी महत्वपूर्ण

वैष्णो देवी यात्रा का महत्व केवल धार्मिक नहीं है. यह स्थानीय अर्थव्यवस्था के लिए भी बहुत महत्वपूर्ण है. नवरात्रि के समय कटरा और आसपास के क्षेत्रों में होटल, परिवहन और छोटे व्यापार तेजी से बढ़ जाते हैं. इससे हजारों लोगों को रोजगार मिलता है. कठिन पर्वतीय यात्रा, भक्तों की सामूहिक आस्था और स्थानीय लोगों का सहयोग इस तीर्थ यात्रा को और भी खास बना देता है.

विज्ञापन
Shaurya Punj

लेखक के बारे में

By Shaurya Punj

मैंने डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव हासिल किया है. पिछले 6 वर्षों से मैं विशेष रूप से धर्म और ज्योतिष विषयों पर सक्रिय रूप से लेखन कर रहा हूं. ये मेरे प्रमुख विषय हैं और इन्हीं पर किया गया काम मेरी पहचान बन चुका है. हस्तरेखा शास्त्र, राशियों के स्वभाव और उनके गुणों से जुड़ी सामग्री तैयार करने में मेरी निरंतर भागीदारी रही है. रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज से मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री प्राप्त करने के बाद. इसके साथ साथ कंटेंट राइटिंग और मीडिया से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में काम करते हुए मेरी मजबूत पकड़ बनी. इसके अलावा, एंटरटेनमेंट, लाइफस्टाइल और शिक्षा जैसे विषयों पर भी मैंने गहराई से लेखन किया है, जिससे मेरी लेखन शैली संतुलित, भरोसेमंद और पाठक-केंद्रित बनी है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola