झारखंड के कौलेश्वरी पहाड़ पर विराजती हैं कुल की रक्षक माता, महाभारत से जुड़ी रोचक मान्यता

Published by : Shaurya Punj Updated At : 03 Jun 2026 2:00 PM

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माता कौलेश्वरी शक्तिपीठ

Maa Kauleshwari Shaktipeeth: झारखंड के चतरा स्थित माता कौलेश्वरी शक्तिपीठ में संतान प्राप्ति की मन्नत मांगी जाती है. महाभारत, शक्तिपीठ और दानव कौल वध की रोचक मान्यताएं इस मंदिर को विशेष बनाती हैं.

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Maa Kauleshwari Shaktipeeth: झारखंड के चतरा जिले के हंटरगंज प्रखंड में स्थित कौलेश्वरी पहाड़ पर माता कौलेश्वरी का प्राचीन और प्रसिद्ध मंदिर श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है. कोल्हुआ पहाड़ के नाम से प्रसिद्ध यह स्थल समुद्र तल से लगभग 1,575 फीट (करीब 450 मीटर) की ऊंचाई पर स्थित है और इसे विंध्य पर्वतमाला का विस्तारित भाग माना जाता है. यहां वर्षभर भक्तों का तांता लगा रहता है, लेकिन नवरात्रि के दौरान श्रद्धालुओं की संख्या कई गुना बढ़ जाती है.

संतान प्राप्ति की मन्नत के लिए प्रसिद्ध है यह शक्तिपीठ

माता कौलेश्वरी को कुल और संतान की रक्षा करने वाली देवी माना जाता है. स्थानीय मान्यता के अनुसार संतान की इच्छा रखने वाले दंपत्ति यहां आकर माता से मन्नत मांगते हैं. इच्छा पूरी होने पर वे अपने बच्चे के साथ पुनः मंदिर पहुंचकर पूजा-अर्चना करते हैं. यही कारण है कि यह शक्तिपीठ संतान प्राप्ति की आस्था से विशेष रूप से जुड़ा हुआ है.

शक्तिपीठ बनने की मान्यता

पौराणिक मान्यता के अनुसार माता सती के अंग 108 स्थानों पर गिरे थे, जो आगे चलकर शक्तिपीठ कहलाए. कोल्हुआ पहाड़ के बारे में विश्वास है कि यहां माता सती का गर्भ भाग गिरा था. इसी वजह से यहां देवी की पूजा माता कौलेश्वरी के रूप में होती है, जिनका अर्थ है—“कुल की रक्षा करने वाली देवी.”

इतिहास और मान्यताओं का संगम

मंदिर की स्थापना को लेकर कोई स्पष्ट पुरातात्विक या अभिलेखीय प्रमाण उपलब्ध नहीं है. हालांकि स्थानीय मान्यताओं के अनुसार यहां मूल मंदिर की स्थापना महाभारत काल में हुई थी, जिससे इसकी आयु 2,500 वर्ष से भी अधिक मानी जाती है. यह केवल धार्मिक विश्वास है, ऐतिहासिक रूप से प्रमाणित तथ्य नहीं. कहा जाता है कि भगवान बुद्ध भी इस पहाड़ी पर ध्यान करने आए थे. वहीं, यहां प्राप्त कुछ पत्थर की मूर्तियां और अवशेष सम्राट हर्षवर्धन काल (लगभग 645 ईस्वी) के बताए जाते हैं. वर्तमान ईंट और सीमेंट से निर्मित मंदिर का पुनर्निर्माण लगभग 150 वर्ष पहले कराया गया माना जाता है.

दानव कौल और माता कौलेश्वरी की कथा

स्थानीय लोककथाओं के अनुसार कौल नामक एक अत्याचारी दानव लोगों को परेशान करता था और धार्मिक अनुष्ठानों में बाधा डालता था. लोगों की प्रार्थना पर माता शक्ति ने उग्र रूप धारण कर उसका वध किया. तभी से देवी को कौलेश्वरी कहा जाने लगा.

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महाभारत से जुड़ी रोचक मान्यता

मंदिर के निकट स्थित मंडवा मंडई को लेकर स्थानीय मान्यता है कि यहां पांडवों और राजा विराट का मिलन हुआ था तथा अभिमन्यु और उत्तरा का विवाह भी यहीं संपन्न हुआ था. हालांकि इतिहासकारों के अनुसार अभिमन्यु-उत्तरा का विवाह मत्स्य राज्य की राजधानी विराटनगर (वर्तमान राजस्थान) में हुआ था, इसलिए यह कथा लोकविश्वास का हिस्सा मानी जाती है.

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Shaurya Punj

लेखक के बारे में

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शौर्य पुंज डिजिटल मीडिया में पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर हैं. उन्हें न्यूज वर्ल्ड में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. शौर्य खबरों की नब्ज को समझकर उसे आसान और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में माहिर हैं. साल 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान उन्होंने दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांसिंग की. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में दो महीने की इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन के लिए कार्य करना शुरू किया. उस समय उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस बिजनेस और एंटरटेनमेंट गॉसिप जैसी खबरों पर काम किया. साल 2020 में कोरोना काल के दौरान उन्हें लाइफस्टाइल, धर्म-कर्म, एजुकेशन और हेल्थ जैसे नॉन-न्यूज सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. उन्होंने लाइफस्टाइल कैटेगरी के कई महत्वपूर्ण सेक्शनों में योगदान दिया. Health & Fitness सेक्शन में डाइट, योग, वेट लॉस, मानसिक स्वास्थ्य और फिटनेस टिप्स से जुड़े उपयोगी कंटेंट पर कार्य किया. Beauty & Fashion सेक्शन में स्किन केयर, हेयर केयर, मेकअप और ट्रेंडिंग फैशन विषयों पर लेख तैयार किए. Relationship & Family कैटेगरी में पति-पत्नी संबंध, डेटिंग, पैरेंटिंग और दोस्ती जैसे विषयों पर जानकारीपूर्ण कंटेंट लिखा. Food & Recipes सेक्शन में हेल्दी फूड, रेसिपी और किचन टिप्स से संबंधित सामग्री विकसित की. Travel सेक्शन के लिए घूमने की जगहों, बजट ट्रिप और ट्रैवल टिप्स पर लेखन किया. Astrology / Vastu में राशिफल, वास्तु टिप्स और ज्योतिष आधारित कंटेंट पर काम किया. Career & Motivation सेक्शन में सेल्फ-इम्प्रूवमेंट, मोटिवेशन और पर्सनैलिटी डेवलपमेंट विषयों पर योगदान दिया. Festival & Culture सेक्शन में त्योहारों की परंपराएं, पूजा विधि और शुभ मुहूर्त से संबंधित कंटेंट पर कार्य किया. इसके अलावा Women Lifestyle / Men Lifestyle और Health Education & Wellness जैसे विषयों पर भी मर्यादित एवं जानकारीपूर्ण लेखन के माध्यम से योगदान दिया. साल 2023 से शौर्य ने पूरी तरह से प्रभातखबर.कॉम के धर्म-कर्म और राशिफल सेक्शन में अपना योगदान देना शुरू किया. इस दौरान उन्होंने दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों पर विशेष फोकस किया. साथ ही पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए सरल, सहज और जानकारीपूर्ण धार्मिक कंटेंट तैयार करने पर लगातार कार्य किया. रांची में जन्मे शौर्य की प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एण्ड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. ऑनर्स की डिग्री प्राप्त की. यह शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें हिंदी पत्रकारिता की वह विशेषज्ञता प्रदान करती है, जो पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे — के आधार पर प्रभावी और तथ्यपूर्ण समाचार लेखन के लिए आवश्यक मानी जाती है.

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