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आंजन धाम, जहां माता अंजनी की गोद में विराजे हनुमान

Updated at : 20 Feb 2026 10:55 AM (IST)
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Anjan Dham (PC: Jharkhand Tourism)

आंजन धाम

Anjan Dham: झारखंड के गुमला जिले में स्थित आंजन धाम को हनुमानजी की जन्मस्थली माना जाता है. घने जंगलों और पहाड़ियों के बीच बसा यह स्थल आस्था और प्रकृति का अद्भुत संगम है.

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Anjan Dham: झारखंड के गुमला जिले से लगभग 21 किलोमीटर दूर स्थित आंजन धाम एक प्रसिद्ध धार्मिक और पर्यटन स्थल है. घने जंगलों, ऊंचे पहाड़ों और शांत वातावरण से घिरा यह स्थान प्राकृतिक सुंदरता और आध्यात्मिक महत्व के लिए जाना जाता है. यह जगह खासतौर पर इसलिए विश्व विख्यात है, क्योंकि मान्यता के अनुसार यहां भगवान हनुमान का जन्म हुआ था.

हनुमान जी की जन्मस्थली

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार गुमला जिले के आंजन गांव की एक छोटी गुफा में माता अंजनी ने भगवान हनुमान को जन्म दिया था. इसी कारण इस गांव का नाम अंजनी माता के नाम पर आंजन पड़ा. शिव गुफा के पास स्थित इस गुफा में आज भी माता अंजनी की गोद में बाल स्वरूप में विराजमान हनुमान जी की दुर्लभ प्रतिमा स्थापित है.

कहा जाता है कि माता अंजनी यहीं यज्ञ और पूजा-पाठ करती थीं. यहां 365 शिवलिंग, 365 तालाब और 365 महुआ के पेड़ हुआ करते थे. मान्यता है कि माता अंजनी प्रतिदिन एक महुआ पेड़ से मुंह धोती थीं, एक तालाब में स्नान करती थीं और एक शिवलिंग की पूजा करती थीं. समय के साथ जनसंख्या बढ़ने और अतिक्रमण के कारण इन सबके अवशेष कम हो गए हैं, लेकिन कुछ साक्ष्य आज भी मौजूद हैं.

प्राचीन परंपरा और पूजा पद्धति

आंजन धाम में आज भी प्राचीन परंपराएं जीवित हैं. यहां नागपुरी पद्धति से माता अंजनी और हनुमान जी की पूजा की जाती है. पूजा स्थानीय पहान (पुजारी) द्वारा करवाई जाती है. श्रद्धालुओं का विश्वास है कि जो भी भक्त सच्चे मन से यहां मन्नत मांगता है, उसकी मनोकामना अवश्य पूरी होती है. इसी आस्था के कारण देश के अलग-अलग हिस्सों से लोग यहां दर्शन के लिए आते हैं.

पहाड़ पर स्थित मुख्य मंदिर

आंजन पहाड़ी की चोटी पर भगवान हनुमान का भव्य मंदिर स्थित है. यह पूरे देश का पहला मंदिर माना जाता है, जहां माता अंजनी की गोद में हनुमान जी बैठे हुए हैं. पहाड़ पर चढ़कर जब भक्त मंदिर तक पहुंचते हैं, तो आसपास के गांवों और हरियाली का मनमोहक दृश्य दिखाई देता है, जो मन को रोमांचित कर देता है.

मंदिर तक पहुंचने के लिए तीन रास्ते हैं. बीच का रास्ता पक्की सीढ़ियों से बना है, जबकि बाईं और दाईं ओर से भी ऊपर जाने के लिए अलग-अलग रास्ते बने हैं. मंदिर परिसर में अंजनी माता, हनुमान जी, राधा-कृष्ण, राम-लक्ष्मण-सीता और भगवान शिव की प्रतिमाएं स्थापित हैं.

गुफाएं और अन्य दर्शनीय स्थल

आंजन धाम में कई प्राचीन गुफाएं और धार्मिक स्थल हैं. यहां 360 शिवलिंग और लगभग उतने ही तालाब मौजूद हैं. आंजन पहाड़ी पर स्थित चक्रधारी मंदिर में आठ शिवलिंग दो पंक्तियों में स्थापित हैं.

मंदिर के नीचे एक सर्प गुफा भी है. पहले यह गुफा बंद थी और अंदर मिट्टी का टीला था, जहां सांप देखे जाते थे. लगभग दो साल पहले इस गुफा का रास्ता खोल दिया गया. यह गुफा 1500 फीट से अधिक लंबी है और अंदर तक जाने का रास्ता बना हुआ है.

प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद

आंजन धाम चारों ओर से हरे-भरे पेड़-पौधों और पहाड़ों से घिरा हुआ है. यहां की शांत वादियां और ठंडी हवा मन को सुकून देती हैं. धार्मिक आस्था के साथ-साथ यह स्थान पिकनिक और प्रकृति प्रेमियों के लिए भी आकर्षण का केंद्र है. पहाड़ की चोटी से दिखने वाला दृश्य बेहद सुंदर और यादगार होता है.

यात्रा की जानकारी

आंजन धाम गुमला से 21 किमी, रांची से लगभग 120 किमी, लोहरदगा से 50 किमी और सिमडेगा से 100 किमी दूर है. गांव तक पक्की सड़क बनी हुई है और मुख्य मंदिर तक जाने के लिए भी सड़क उपलब्ध है. आने-जाने के लिए टेंपो की सुविधा मिल जाती है.

यहां ठहरने की व्यवस्था नहीं है, इसलिए गुमला में होटल में रुकना बेहतर रहेगा. साथ ही, पानी और खाने-पीने का सामान अपने साथ ले जाना चाहिए, क्योंकि यह पूरा इलाका ग्रामीण क्षेत्र है.

आंजन धाम सिर्फ एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि आस्था, इतिहास और प्रकृति का सुंदर संगम है. यहां की पवित्र गुफाएं, प्राचीन मंदिर और हरी-भरी वादियां हर आगंतुक को आध्यात्मिक शांति और सुकून का अनुभव कराती हैं. अगर आप धार्मिक और प्राकृतिक दोनों तरह की यात्रा का आनंद लेना चाहते हैं, तो आंजन धाम आपके लिए एक बेहतरीन स्थान है.

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Shaurya Punj

लेखक के बारे में

By Shaurya Punj

मैंने डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव हासिल किया है. पिछले 6 वर्षों से मैं विशेष रूप से धर्म और ज्योतिष विषयों पर सक्रिय रूप से लेखन कर रहा हूं. ये मेरे प्रमुख विषय हैं और इन्हीं पर किया गया काम मेरी पहचान बन चुका है. हस्तरेखा शास्त्र, राशियों के स्वभाव और उनके गुणों से जुड़ी सामग्री तैयार करने में मेरी निरंतर भागीदारी रही है. रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज से मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री प्राप्त करने के बाद. इसके साथ साथ कंटेंट राइटिंग और मीडिया से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में काम करते हुए मेरी मजबूत पकड़ बनी. इसके अलावा, एंटरटेनमेंट, लाइफस्टाइल और शिक्षा जैसे विषयों पर भी मैंने गहराई से लेखन किया है, जिससे मेरी लेखन शैली संतुलित, भरोसेमंद और पाठक-केंद्रित बनी है.

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