Bhai Dooj Vrat katha: आज भाई दूज के दिन करें इस कथा का पाठ

Edited by Shaurya Punj
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भाई दूज की कथा

Bhai Dooj Vrat katha: आज भाई दूज का शुभ दिन है — भाई-बहन के स्नेह और आशीर्वाद का सुंदर पर्व. इस पवित्र अवसर पर भाई दूज व्रत कथा का पाठ करना शुभ माना गया है. कथा सुनने या पढ़ने से पुण्य फल, सुख-समृद्धि और यमराज के भय से मुक्ति प्राप्त होती है.

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Bhai Dooj Vrat katha: भाई दूज का त्योहार हर साल कार्तिक महीने की शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को मनाया जाता है. इस साल यह त्योहार 23 अक्टूबर, गुरुवार को मनाया जा रहा है. धार्मिक मान्यता है कि इस दिन व्रत कथा पढ़ने से बहुत पुण्य फल मिलता है. यह दिन भाई-बहन के प्यार का प्रतीक माना जाता है.

भाई दूज की पौराणिक कथा

बहुत समय पहले की बात है, एक दिन यमराज को अपनी बहन यमुना की बहुत याद आई. उन्होंने अपने दूतों को भेजा कि वे यमुना को ढूंढकर लाएँ, लेकिन दूत असफल रहे. फिर कार्तिक शुक्ल द्वितीया के दिन यमराज की मुलाकात यमुना जी से हुई. यमुना जी अपने भाई को देखकर बहुत खुश हुईं. उन्होंने यमराज का सत्कारपूर्वक स्वागत किया और उन्हें भोजन कराया. यमराज बहन के प्रेम और आदर से बहुत प्रसन्न हुए.

यमराज का वरदान

खुश होकर यमराज ने कहा, “बहन! मुझसे जो चाहे वरदान मांगो.” यमुना जी ने कहा, “भैया, मुझे ऐसा वरदान दो कि जो भी मेरे जल में स्नान करे, उसे यमलोक की यातनाएं न सहनी पड़े.” यमराज ने बहन की यह बात मान ली. उसी दिन यमलोक के सभी जीवों को यातना से मुक्ति मिली और उन्होंने उत्सव मनाया. इसलिए इस दिन को “यम द्वितीया” भी कहा जाता है.

बहन के प्रेम से प्रसन्न यमराज

बहन के जनकल्याण की भावना देखकर यमराज बहुत खुश हुए. उन्होंने कहा, “जो भाई अपनी बहन का अपमान करेगा, उसे मैं यमपाश में बांधकर यमपुरी ले जाऊँगा. लेकिन अगर वह तुम्हारे जल में स्नान करके सूर्य को अर्घ्य देगा, तो उसे स्वर्ग मिलेगा.” तभी से यह परंपरा शुरू हुई कि इस दिन भाई अपनी बहन से मिलने जाते हैं, टीका लगवाते हैं, और उन्हें उपहार या दक्षिणा देते हैं.

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भाई दूज का मत्स्य पुराण में उल्लेख

मत्स्य पुराण के अनुसार इस दिन यमराज की पूजा करनी चाहिए. जो व्यक्ति इस दिन यमराज का विधिवत पूजन करता है, उसे मृत्यु का भय नहीं सताता और उसे पापों से मुक्ति मिलती है.

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ब्रज में भाई दूज का विशेष महत्व

ब्रजमंडल में इस दिन बहनें अपने भाइयों के साथ यमुना नदी में स्नान करती हैं. ऐसा करना कल्याणकारी माना जाता है. मान्यता है कि इस दिन बहनों को दक्षिणा या उपहार देने से शत्रु भय, अकाल मृत्यु और कठिनाइयाँ दूर होती हैं. साथ ही धन, ऐश्वर्य, बल और बुद्धि की प्राप्ति होती है.

भाई दूज में दीपदान का महत्व

इस दिन शाम के समय दीप जलाने से पहले घर के बाहर यमराज के नाम से चार दीपक वाला दीपदान जरूर करना चाहिए. ऐसा करने से घर में सुख-शांति और समृद्धि आती है.

भाई दूज का महत्व

भाई दूज का त्योहार भाई और बहन के स्नेह, प्रेम और सुरक्षा का प्रतीक है. यह दिन हमें सिखाता है कि अगर भाई-बहन एक-दूसरे का सम्मान और प्यार करें, तो जीवन में खुशियाँ, समृद्धि और आशीर्वाद हमेशा बने रहते हैं.

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शौर्य पुंज विशेष रूप से दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों एवं लेखों पर फोकस कर रहे हैं. वो डिजिटल मीडिया जगत के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. पाठकों की रुचि और जरूरतों को ध्यान में रखते हुए वे सरल, सहज और तथ्यपूर्ण धार्मिक एवं ज्योतिषीय कंटेंट तैयार करते हैं. डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ शौर्य खबरों की नब्ज को समझने और जटिल विषयों को आसान भाषा में प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांस लेखन से की थी. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में कार्य करने का अवसर मिला और अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन में काम शुरू किया. यहां उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस रिपोर्ट और मनोरंजन जगत की प्रमुख खबरों पर लेखन किया. साल 2020 के दौरान उन्होंने लाइफस्टाइल, हेल्थ, एजुकेशन और अन्य नॉन-न्यूज कैटेगरी में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया. Health & Fitness, Beauty & Fashion, Relationship & Family, Food & Recipes, Travel, Astrology & Vastu, Career & Motivation, Festival & Culture जैसे विषयों पर उन्होंने सैकड़ों उपयोगी और जानकारीपूर्ण लेख तैयार किए. शिक्षा शौर्य पुंज का जन्म रांची, झारखंड में हुआ. उनकी प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एंड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. (ऑनर्स) की डिग्री प्राप्त की. पत्रकारिता की उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें समाचार लेखन के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे के आधार पर तथ्यपूर्ण, संतुलित और प्रभावी कंटेंट तैयार करने में सक्षम बनाती है. विशेषज्ञता के क्षेत्र दैनिक राशिफल साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल ज्योतिषीय उपाय पूजा-पाठ एवं धार्मिक अनुष्ठान व्रत-त्योहार एवं शुभ मुहूर्त वास्तु शास्त्र धार्मिक मान्यताएं एवं परंपराएं लाइफस्टाइल एवं वेलनेस हेल्थ एवं फिटनेस डिजिटल कंटेंट राइटिंग एवं SEO पाठकों तक विश्वसनीय, उपयोगी और आसान भाषा में जानकारी पहुंचाना शौर्य पुंज की लेखन शैली की सबसे बड़ी विशेषता है.

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