भगवान शिव के अवतार थे हनुमान जी, जानें ये कहानी

Published by : Shaurya Punj Updated At : 11 Feb 2025 5:45 AM

विज्ञापन

Bhagwan Hanuman Ki Avtar katha

Bhagwan Hanuman Ki Avtar katha: भगवान भोलेनाथ के 12 रुद्र अवतार हैं, जिनका उल्लेख धार्मिक ग्रंथों में मिलता है. इनमें से 11वें रुद्र अवतार के रूप में महावीर हनुमान को माना गया है. शिव पुराण में भगवान शिव के अनेक अवतारों का विस्तृत वर्णन किया गया है. यह जानना आवश्यक है कि भगवान शिव ने हनुमान जी का अवतार क्यों लिया. इस रहस्य को समझने के लिए संबंधित प्रसंग का अध्ययन करना होगा.

विज्ञापन

Bhagwan Hanuman Ki Avtar katha : महादेव ने हनुमान जी का रूप में अवतार लिया था इस बात को कई जगह पढ़ा और सुना जाता है, वहीं ऐसा क्‍यों किया था इस बात को जानने के लिए हमें इससे संबंधित पौराणिक कथा के बारे में जानते हैं.

शिवजी के अवतार की कथा

हनुमान जी का नाम, सदैव प्रभु श्री राम के नाम के साथ  जोड़ कर लिया जाता है, क्योंकि वह उनके परम भक्त थे,  मगर ऐसा शायद ही कोई इस बात से रूबरू न हो, कि हनुमान जी, शिव जी का ही एक स्वरूप थे. शिव जी का हनुमान अवतार, उनका ग्यारहवां अवतार था ऐसा माना जाता है, जो उनके सबसे रौद्र और विशाल अवतार में से एक था.

मंगलवार को जरूर करें ये  काम, जीवनभर रहेगी हनुमानजी की कृपा

शिव पुराण के कथा के अनुसार, एक बार भगवान विष्णु के मोहिनी रूप से आकर्षित होकर  कामदेव की माया में आगए जिसे भगवान शिव ने अपना वीर्यपात कर दिया. इस वीर्य को नग नामक मुनि ने शिवजी के संकेत से इस इच्छा से रखा कि उसके द्वारा श्री रामचंद्र जी का कार्य पूर्ण होगा. इस वीर्यपात को एक पत्ते पर रखकर, सप्त ऋषियों द्वारा माता अंजनी के कान के जरिए, उनके गर्भ तक पहुंचाया गया.इसके बाद, माता अंजनी गर्भवती हुईं और उन्होंने हनुमान जी को जन्म दिया, जो बचपन से ही बहुत बलवान,बुद्धिवान और ताकतवर थे.

भगवान शिव द्वारा हनुमान का वानर रूप में जन्म लेने का मुख्य कारण था, रावण द्वारा भगवान शिव के परम भक्त नंदी का अपमान.ऐसी मान्यता है कि लंकापति रावण, भगवान शिव का बहुत बड़ा भक्त था और रावण को उनसे अमर होने का वरदान भी प्राप्त था, लेकिन कहते हैं न कि हर वरदान का एक तोड़ होता है, वैसे ही रावण के अमर होने के वरदान का तोड़ भगवान शिव को पहले से ही पता था.

एक समय की बात है जब रावण ने भगवान शिव की पूर्ण रूप से भक्ति करने के बाद सोचा कि महादेव को उसके साथ लंका में ही रहना चाहिए. महादेव की सेवा का भाव मन में लेकर वह महादेव से मिलने गया. कैलाश के द्वार पर नंदी को देख रावण ने महादेव के साथ नंदी को भी लंका ले जाने का सोचा. उसी समय नंदी ने रावण से पूछा कि रावण इतना स्वार्थी कैसे हो सकता है.यदि रावण भगवान शिव को अपने साथ ले जाएगा, तो माता पार्वती और भगवान शिव के भक्त उनके बिना कैसे रहेंगे.नंदी की बातें सुनकर, रावण को उस पर अत्यधिक क्रोध आ गया.

क्रोध में आकर रावण ने नंदी के बैल रूप को अपमानित किया और उन्हें बंदर जैसा दिखने वाला कहा.बस फिर क्या था, रावण द्वारा अपना अपमान सुन, नंदी अपने आपे से बाहर हो गए और उन्होंने रावण को श्राप दे दिया कि रावण का साम्राज्य जल्द ही अस्त-व्यस्त हो जाएगा और ऐसा करने वाला और कोई नहीं, बल्कि एक वानर यानी एक बंदर होगा.इतना ही नहीं, नंदी के श्राप के अनुसार रावण की मृत्यु का कारण भी, एक वानर ही था.

ऐसी मान्यता है कि नंदी के इसी श्राप के कारण, शिव जी ने हनुमान रूप में जन्म लिया और अपनी पूंछ से रावण की लंका जला दी. इसी के साथ, नंदी का श्राप भी पूरा हुआ और शिव जी के हनुमान रूप द्वारा, राम जी के दास होने का कार्य भी पूर्ण हो गया.

भगवान शिव के हनुमान अवतार से हमें यह देखने को मिलता है कि परिस्थिति चाहे जैसी भी हो, इंसान को अपने बल का सही इस्तेमाल करना चाहिए. जिस तरह हनुमान जी ने ईश्वर का अवतार होते हुए भी एक सेवक बनकर अपनी प्रतिष्ठा पर आंच नहीं आने दी. उसी तरह, इंसान को सदैव बड़े पद का लालच त्याग कर सादगी के साथ जीवन जीना चाहिए और हमेशा अपनी प्रतिष्ठा बनाई रखनी चाहिए.

हनुमान जी, एक दास होने के साथ-साथ एक बहुत अच्छे सखा भी थे, जो सदैव अपने मित्र की रक्षा के लिए खड़े रहे. इसी तरह, इंसान को भी अपने रिश्तों की सीमाओं को पार किए बिना ही, लोगों के साथ अच्छे संबंध बनाकर रखने चाहिए. हनुमान जी और शिव जी के इस संबंध को भले ही बहुत कम लोग जानते हों, लेकिन इसका महत्व अपने आप में श्रेष्ठ है.

विज्ञापन
Shaurya Punj

लेखक के बारे में

By Shaurya Punj

शौर्य पुंज डिजिटल मीडिया में पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर हैं. उन्हें न्यूज वर्ल्ड में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. शौर्य खबरों की नब्ज को समझकर उसे आसान और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में माहिर हैं. साल 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान उन्होंने दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांसिंग की. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में दो महीने की इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन के लिए कार्य करना शुरू किया. उस समय उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस बिजनेस और एंटरटेनमेंट गॉसिप जैसी खबरों पर काम किया. साल 2020 में कोरोना काल के दौरान उन्हें लाइफस्टाइल, धर्म-कर्म, एजुकेशन और हेल्थ जैसे नॉन-न्यूज सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. उन्होंने लाइफस्टाइल कैटेगरी के कई महत्वपूर्ण सेक्शनों में योगदान दिया. Health & Fitness सेक्शन में डाइट, योग, वेट लॉस, मानसिक स्वास्थ्य और फिटनेस टिप्स से जुड़े उपयोगी कंटेंट पर कार्य किया. Beauty & Fashion सेक्शन में स्किन केयर, हेयर केयर, मेकअप और ट्रेंडिंग फैशन विषयों पर लेख तैयार किए. Relationship & Family कैटेगरी में पति-पत्नी संबंध, डेटिंग, पैरेंटिंग और दोस्ती जैसे विषयों पर जानकारीपूर्ण कंटेंट लिखा. Food & Recipes सेक्शन में हेल्दी फूड, रेसिपी और किचन टिप्स से संबंधित सामग्री विकसित की. Travel सेक्शन के लिए घूमने की जगहों, बजट ट्रिप और ट्रैवल टिप्स पर लेखन किया. Astrology / Vastu में राशिफल, वास्तु टिप्स और ज्योतिष आधारित कंटेंट पर काम किया. Career & Motivation सेक्शन में सेल्फ-इम्प्रूवमेंट, मोटिवेशन और पर्सनैलिटी डेवलपमेंट विषयों पर योगदान दिया. Festival & Culture सेक्शन में त्योहारों की परंपराएं, पूजा विधि और शुभ मुहूर्त से संबंधित कंटेंट पर कार्य किया. इसके अलावा Women Lifestyle / Men Lifestyle और Health Education & Wellness जैसे विषयों पर भी मर्यादित एवं जानकारीपूर्ण लेखन के माध्यम से योगदान दिया. साल 2023 से शौर्य ने पूरी तरह से प्रभातखबर.कॉम के धर्म-कर्म और राशिफल सेक्शन में अपना योगदान देना शुरू किया. इस दौरान उन्होंने दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों पर विशेष फोकस किया. साथ ही पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए सरल, सहज और जानकारीपूर्ण धार्मिक कंटेंट तैयार करने पर लगातार कार्य किया. रांची में जन्मे शौर्य की प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एण्ड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. ऑनर्स की डिग्री प्राप्त की. यह शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें हिंदी पत्रकारिता की वह विशेषज्ञता प्रदान करती है, जो पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे — के आधार पर प्रभावी और तथ्यपूर्ण समाचार लेखन के लिए आवश्यक मानी जाती है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola