ePaper

बसंत पंचमी पर छात्र को करना चाहिए इन मंत्रों का जाप तरक्की के क्षेत्र में बढ़ेंगे आगे

Updated at : 24 Jan 2025 5:49 PM (IST)
विज्ञापन
Saraswati Vandana

Saraswati Vandana

Basant panchami 2025:बसंत पंचमी 2025, 03 फरवरी को मनाई जाएगी, इस दिन, माता सरस्वती की पूजा का महत्व है, जो ज्ञान की देवी मानी जाती हैं, छात्रों को उनके मंत्रों का जाप करना चाहिए जैसे ‘ॐ ह्रीं ऐं ह्रीं सरस्वत्यै नमः’ और ‘ॐ सरस्वत्यै नमः’.विशेष रूप से पूजा का शुभ मुहूर्त सुबह 7:10 से 9:30 बजे तक है.

विज्ञापन

Basant panchami shubh muhart 2025: वैदिक पंचांग के अनुसार बसंत पंचमी की सही तिथि 03 फरवरी 2025 को मनाई जाएगी.जोतिष शास्त्र के अनुसार 02 फरवरी को सुबह 11 बजकर 53 मिनट पर पंचमी तिथि का शुभारंभ होगा वहीं 03 फरवरी को सुबह 09 बजकर 36 मिनट पर समापन होगा.उदय तिथि के अनुसार 03 फरवरी को बंसत पंचमी मनाई जाएगी.

Basant panchmi puja samya 2025: बसंत पंचमी के दिन माता सरस्वती की पूजा कि जाती है, जिन्हें हम ज्ञान की देवी भी कहते है , इस दिन आप सुबह 7 बजकर 10 मिनट से लेकर 9 बजकर 30 मिनट तक के बीच मां सरस्वती की पूजा -अर्चना,कर साथ ही हवन भी कर सकते हैं.

पूजा व्रत विधि से जुड़े ट्रेडिंग खबरें को यहां पढ़ें

यह भी पढ़ें:सरस्वती पूजा है पठन पाठन और नए कार्यों की शुरुआत के लिए अत्यंत शुभ दिन

बसंत पंचमी के दिन इन मंत्रों का करें जाप

मां सरस्वती का अभय वरदान पाने के लिए छात्रों को ‘सरस्वती बीज मंत्र- ॐ ह्रीं ऐं ह्रीं सरस्वत्यै नमः” मंत्र का जाप करना चाहिए.इसके अलावा ‘शारदायै नमस्तुभ्यं मम ह्रदय प्रवेशिनी, परीक्षायां सम उत्तीर्णं, सर्व विषय नाम यथा” मंत्र का जाप करें.“सरस्वत्यै नमो नित्यं भद्रकाल्यै नमो नम:’ का जाप करें.

इन वैदिक मंत्रों का भी करें जाप

ॐ सरस्वत्यै नमः
या देवी सर्वभूतेषु विद्यारूपेण संस्थिता नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः
ॐ मन्दाकिन्या समानीतैः, हेमाम्भोरुह-वासितैः स्नानं कुरुष्व देवेशि, सलिलं च सुगन्धिभिः
ॐ ऐं सरस्वत्यै नमः
ॐ ऐं नमः
ॐ ऐं क्लीं सौः
ॐ ऐं ह्रीं श्रीं वाग्देव्यै सरस्वत्यै नमः
ॐ अर्हं मुख कमल वासिनी पापात्म क्षयम्कारी, वद वद वाग्वादिनी सरस्वती ऐं ह्रीं नमः स्वाहा.
सरस्वती पुराणोक्त मन्त्र – या देवी सर्वभूतेषु विद्यारूपेण संस्थिता. नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः
सरस्वती गायत्री मन्त्र – ॐ ऐं वाग्देव्यै विद्महे कामराजाय धीमहि तन्नो देवी प्रचोदयात्
महासरस्वती मन्त्र – ॐ ऐं महासरस्वत्यै नमः
सरस्वती दशाक्षर मन्त्र – वद वद वाग्वादिनी स्वाहा
सरस्वती एकाक्षर बीज मन्त्र – ऐं
सरस्वती द्व्यक्षर मन्त्र – ऐं लृं
सरस्वती त्र्याक्षर मन्त्र – ऐं रुं स्वों

यह भी पढ़ें:Saraswati Puja: वसंत पंचमी 20 दिन बाद, प्रतिमा निर्माण पर पांच साल में दोगुना बढ़ गया खर्च

विज्ञापन
Gitanjali Mishra

लेखक के बारे में

By Gitanjali Mishra

Gitanjali Mishra is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola