एक बीमार मानसिकता

Published at :03 Jun 2016 6:06 AM (IST)
विज्ञापन
एक बीमार मानसिकता

बहुत से माता-पिता को लगता है कि बिना प्रतिस्पर्द्धा की भावना के बच्चों में आगे बढ़ने की प्रेरणा ज्यादा देर तक कायम नहीं रखी जा सकती. मुकाबले का सीधा सा मतलब है कि आप जो कुछ भी काम कर रहे हैं, उसमें आपकी रुचि नहीं है. हमें अपने बच्चों को ऐसी परवरिश देनी चाहिए, ताकि […]

विज्ञापन

बहुत से माता-पिता को लगता है कि बिना प्रतिस्पर्द्धा की भावना के बच्चों में आगे बढ़ने की प्रेरणा ज्यादा देर तक कायम नहीं रखी जा सकती. मुकाबले का सीधा सा मतलब है कि आप जो कुछ भी काम कर रहे हैं, उसमें आपकी रुचि नहीं है. हमें अपने बच्चों को ऐसी परवरिश देनी चाहिए, ताकि वे आगे चल कर जो भी करें, इसलिए करें कि उन्हें उसे करने में कुछ अर्थ नजर आता है.

इसलिए नहीं कि कोई दूसरा भी ऐसा कर रहा है और वे बस उससे बेहतर करना चाहते हैं. हम समझदार इंसान पैदा करना चाहते हैं, जो अपनी जिंदगी को सावधानी से परखें और ऐसे काम करें, जो हर किसी के लिए सर्वश्रेष्ठ हो. दुनिया में अगर कोई इंसान कुछ बन पाता है, तो वह सिर्फ इसलिए नहीं कि वह वैसा बनना चाहता था, बल्कि इसलिए क्योंकि उसने अपने अंदर ऐसी काबिलियत पैदा की है, किसी काम को अच्छी तरह से करने के लिए उसमें जरूरी क्षमता और दिमाग में स्पष्टता है. कोई इंसान कभी भी प्रतिस्पर्द्धा की वजह से कोई चीज बेहतर नहीं करता है. यह सोच पूरी तरह से गलत है.

सीमित समय के भीतर बहुत ज्यादा काम कर डालने के लिए मुकाबले की जरूरत पड़ती है. अगर मुकाबले की मानसिकता आपकी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन जाती है, तो आप एक बीमार मानसिकता वाले इंसान बन जायेंगे. एक बात तो तय है कि जैसे ही आप मुकाबले में शामिल होते हैं, आप अपनी काबिलियत को दूसरे लोगों के स्तर तक नीचे गिरा लेते हैं. दूसरी बात यह कि ऐसा करके आप मानवता की बुनियादी भावना खो देते हैं और इससे आपके जीवन के दूसरे पहलू भी पूरी तरह से ढक जाते हैं.

अगर आपका मकसद बस दूसरों से बेहतर होना है, तो इसमें आपका सारा जीवन स्वाहा हो जायेगा. मुकाबले में अगर आप जीतते हैं, तो आप एक दयनीय और बेतुके इंसान होंगे, और अगर हारते हैं, तब तो स्वाभाविक रूप से आपकी हालत दयनीय होगी. जीतनेवाले को बस एक पल की खुशी मिलती है कि मैं किसी और से बेहतर हूं. लेकिन अगले ही पल वह इस बात से डरने लगता है कि कल कोई मुझसे बेहतर इंसान आकर मेरी जगह ले सकता है.

– सद्गुरु जग्गी वासुदेव

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola