देवोत्थान एकादशी कल, 19 से गूंजने लगेगी शहनाई, जानें कब-कब है शुभ मुहूर्त

Updated at : 07 Nov 2019 10:45 AM (IST)
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देवोत्थान एकादशी कल, 19 से गूंजने लगेगी शहनाई, जानें कब-कब है शुभ मुहूर्त

शुभ मुहूर्त: तुलसी विवाह के साथ ही शुभ कार्यों पर लगी रोक हट जायेगीपटना : त्योहारों के बाद अब शहनाइयों की गूंज फिर से सुनाई देने लगेंगी. इस बार शुक्रवार को देवोत्थान एकादशी है. इसके करीब दस दिन बाद यानी 19 नवंबर से शादी-ब्याह का शुभ मुहूर्त शुरू हो जायेगा. देवोत्थान एकादशी के दिन तुलसी […]

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शुभ मुहूर्त: तुलसी विवाह के साथ ही शुभ कार्यों पर लगी रोक हट जायेगी
पटना : त्योहारों के बाद अब शहनाइयों की गूंज फिर से सुनाई देने लगेंगी. इस बार शुक्रवार को देवोत्थान एकादशी है. इसके करीब दस दिन बाद यानी 19 नवंबर से शादी-ब्याह का शुभ मुहूर्त शुरू हो जायेगा. देवोत्थान एकादशी के दिन तुलसी विवाह कराने की भी परंपरा है. इसके साथ ही इसी दिन से चार महीनों से रुके हुये शुभ कार्य भी शुरू हो जायेंगे.

ज्योतिषाचार्य पंडित राकेश झा शास्त्री बताते हैं कि देवोत्थान एकादशी को भगवान विष्णु योग निद्रा से जाग जाते हैं. इसके साथ ही लग्न का शुभ मुहूर्त भी शुरू हो जाता है. शुक्रवार को देवोत्थान एकादशी पर तुलसी विवाह के साथ ही शुभ कार्यों पर लगी रोक हट जायेगी. 19 नवंबर से लेकर 12 दिसंबर तक मिथिला पंचाग के अनुसार 12 और बनारसी पंचांग के मुताबिक 15 शुभ वैवाहिक लग्न मुहूर्त है. पंडित राकेश झा ने बताया कि सूर्य के कर्क राशि से वृश्चिक राशि में प्रवेश करने के साथ ही खरमास समाप्त हो जाता है. इस गोचर के बाद सभी शुभ कार्य, जैसे शादी-विवाह, उपनयन, मुंडन और गृह प्रवेश आदि शुरू हो जाएंगे.

ऐसे तय होते हैं शुभ लग्न-मुहूर्त
पंडित राकेश झा के अनुसार शादी के शुभ लग्न व मुहूर्त निर्णय के लिए वृष, मिथुन, कन्या, तुला, धनु एवं मीन लग्न में से किसी एक का होना जरूरी है. वहीं नक्षत्रों में से अश्विनी, रेवती, रोहिणी, मृगशिरा, मूल, मघा, चित्रा, स्वाति, श्रवणा, हस्त, अनुराधा, उत्तरा फाल्गुन, उत्तरा भद्र व उत्तरा आषाढ़ में किसी एक का रहना जरूरी है. अति उत्तम मुहूर्त के लिए रोहिणी, मृगशिरा या हस्त नक्षत्र में से किसी एक की उपस्थिति रहने पर शुभ मुहूर्त बनता है. उन्होंने बताया कि यदि वर और कन्या दोनों का जन्म ज्येष्ठ मास में हुआ हो तो उनका विवाह ज्येष्ठ में नहीं करना चाहिए. विवाह माघ, फाल्गुन, वैशाख, ज्येष्ठ, आषाढ़ एवं अगहन मास में हो तो अत्यंत शुभ माना जाता है.

कब-कब है वैवाहिक शुभ मुहूर्त

बनारसी पंचाग (महावीर पंचाग) के अनुसार

नवंबर- 19, 20, 21, 22, 23, 24, 25, 28, 29, 30

दिसंबर- 5, 6, 7, 11, 12

मिथिला पंचाग (विश्वविद्यालय पंचांग) के मुताबिक नवंबर- 20, 22, 24, 27, 28, 29

दिसंबर- 1, 2, 6, 8, 11, 12

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