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18 वर्ष बाद आज सोमवार को पड़ रही महाशिवरात्रि, जानें इस अद्भुत संयोग के बारे में

Updated at : 04 Mar 2019 6:55 AM (IST)
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18 वर्ष बाद आज सोमवार को पड़ रही महाशिवरात्रि, जानें इस अद्भुत संयोग के बारे में

18 वर्षों के बाद इस बार सोमवार को शिवरात्रि आयी है. इस बार शिवयोग, कल्पयोग, आनंद योग और अर्धचंद्र योग का दुर्लभ संयोग बन रहा है. महाशिवरात्रि व्रत अमृतसिद्धि योग एवं श्रवण नक्षत्र में मनायी जायेगी. महाशिवरात्रि को लेकर शिवालयों को आकर्षण ढंग से सजाया गया है. महावीर मंदिर में रुद्राभिषेक करवाने की व्यवस्था की […]

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18 वर्षों के बाद इस बार सोमवार को शिवरात्रि आयी है. इस बार शिवयोग, कल्पयोग, आनंद योग और अर्धचंद्र योग का दुर्लभ संयोग बन रहा है. महाशिवरात्रि व्रत अमृतसिद्धि योग एवं श्रवण नक्षत्र में मनायी जायेगी. महाशिवरात्रि को लेकर शिवालयों को आकर्षण ढंग से सजाया गया है. महावीर मंदिर में रुद्राभिषेक करवाने की व्यवस्था की गयी है.
रुद्राभिषेक से करेंगे शिव को प्रसन्न
महाशिवरात्रि पर पार्थिव शिवलिंग की होगी पूजा, सुबह 11 बजे तक होगा जलाभिषेक
पटना : महावीर मंदिर में सोमवार को महाशिवरात्रि के अवसर पर 51 की जगह 108 भक्त रुद्राभिषेक करेंगे. इसके लिए मंदिर प्रशासन ने पार्थिव शिवलिंग के पूजन और अभिषेक का भी निर्णय लिया है. विदित हो कि महावीर मंदिर में रुद्राभिषेक करने वाले की हर दिन भारी भीड़ लगी रहती है. सामान्य दिनों में 10 से 15 रुद्राभिषेक होने और मंदिर में तीन स्थलों पर इसकी व्यवस्था होने के कारण भक्तगणों को असुविधा नहीं होती. लेकिन विशेष दिनों पर भक्तगणों की बढ़ी हुई संख्या को समायोजित करना कठिन होता है. शिवरात्रि जैसे अवसर पर तो यह और भी कठिन हो जाती है.
दो महीने पहले ही पूरी हो गयी बुकिंग
महावीर मंदिर में रूद्राभिषेक करवाने के लिए दो महीना पहले से तिथि बुकिंग की सुविधा है. इस वर्ष चार जनवरी की सुबह सात बजे से महाशिवरात्रि के लिए बुकिंग शुरू हुई और महज चार घंटे में ही 51 बुकिंग के साथ पूरी क्षमता भर गयी. उसके बाद भी हर दिन भक्तगण इस तरह का आग्रह लेकर आ रहे थे और लगभग 600 लोगों ने इसके लिए समय लेने का प्रयास किया. इसको देखते हुए महावीर मंदिर ने इस वर्ष मिट्टी केपार्थिव शिवलिंग का निर्माण कर सामूहिक रूद्राभिषेक करवाने का निर्णय लिया. विदित हो कि शिव पूजा की यह सबसे पुरानी विधि है, जिससे प्राचीन ऋषिमुनि लोग वन में रहते हुए पूजा किया करते थे. दक्षिण भारत और मिथिला में आज भी यह प्रचलित है. इसमें 11 लोग एक साथ अलग-अलग पार्थिव शिवलिंगों का पूजन और अभिषेक करेंगे और पंडित उन्हें सामूहिक रुप से मंत्रोत्चारण करवायेंगे. महावीर मंदिर के तीसरी मंजिल पर यह पूजा संपन्न होगी और 57 लोग इस विधि से रुद्राभिषेक करेंगे.
मंदिरों की तैयारी पूरी
खाजपुरा शिवमंदिर ने भी शिवरात्रि पर विशेष पूजन और अभिषेक की तैयारी पूरी कर ली है. रूद्राभिषेक की अग्रिम बुकिंग पूरी हो चुकी है और भक्तगण यहां दिन भर जलाभिषेक भी करेंगे. बोरिंग रोड शिवमंदिर, बहादुरपुर शिवमंदिर और अनिसाबाद शिवालय समेत राजधानी के अन्य शिवमंदिरों में भी तैयारियां पूरी हो चुकी है.
सुबह 11 बजे के बाद होगा केवल रुद्राभिषेक
महावीर मंदिर में महाशिवरात्रि की सारी तैयारियां पूरी कर ली गयी है. भगवान शिव के मन्दिरों को फूलमाला से सजाया गया है. सोमवार को सुबह 11 बजे तक हनुमान जी के बगल मे स्थित मन्दिर को जलाभिषेक के लिए खुला रखा जायेगा, जबकि अन्य दो स्थानों पर सुबह 5 बजे से रुद्राभिषेक प्रारंभ हो जायेगा. हनुमान् जी के बगल के मन्दिर में आरती के बाद (11.15 बजे) रुद्राभिषेक आरंभ होगा.
रुद्राभिषेक शुल्क (रुपये)
पार्थिव शिवलिंग 501
भूतल पर मंदिर में 1001
मुख्य गर्भगृह के बगल में 1500
प्रथम तल के मंदिर में 2100
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