PM Modi की कुंडली में ग्रहों का नया खेल, राहु की हुई एंट्री, पंडितों ने की बड़ी भविष्यवाणी

Updated:
विज्ञापन
PM Narendra Modi Kundali

PM Narendra Modi Kundali

PM Narendra Modi Kundali: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कुंडली के अनुसार, वर्ष 2028 में उनकी राहु की महादशा प्रारंभ होने जा रही है. अगले वर्ष 2029 में, वे चुनावों में एक बाहरी शक्ति के रूप में शामिल होंगे, लेकिन प्रधानमंत्री के रूप में उनका प्रतिनिधित्व संभव नहीं होगा.

विज्ञापन

PM Narendra Modi Kundali: इंटरनेट पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी का जन्म 17 सितंबर 1950 को गुजरात में हुआ था. उनका जन्म दोपहर 12 बजकर 09 मिनट पर अभिजीत मुहूर्त में हुआ. पीएम मोदी की जन्म कुंडली वृश्चिक लग्न और वृश्चिक राशि (Scorpio) की है. उनके लग्न में चंद्र और मंगल, चतुर्थ भाव में बृहस्पति, पंचम भाव में राहु, दशम भाव में शुक्र और शनि, तथा एकादश भाव में सूर्य और बुध केतु स्थित हैं.

पीएम मोदी की कुंडली में राहु का गोचर

पीएम मोदी की कुंडली वृश्चिक लग्न और वृश्चिक राशि में स्थित है. लग्न और चंद्रमा से सप्तम भाव में बृहस्पति का गोचर हो रहा है, जो उन्हें उत्कृष्ट सफलता प्रदान कर रहा है. राहु का गोचर पंचम भाव में जन्मांग के राहु पर है, जबकि सूर्य के ऊपर केतु का गोचर हो रहा है.

एक्सटर्नल फोर्स बनकर रहेंगे चुनाव का हिस्सा

देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कुंडली देखें तो साल 2028 में उनकी राहु की महादशा शुरू होने वाली है. आने वाले 2029 में वो चुनाव में वो एक एक्सटर्नल फोर्स बनकर चुनाव का हिस्सा रहेंगे, पर एक पीएम के तौर पर प्रतिनिधित्व नहीं कर सकेंगे. सोशल मीडिया पर जारी एक वीडियो में ये बतलाया गया है कि पीएम मोदी की कुंडली के अनुसार नवंबर 2028 में उनकी राहु की महादशा शुरू होगी, इससे इंसान के जीवन में अचानक से उतार चढ़ाव देखने को मिलता है. इससे इंसान की सेहत और ऊर्जा के स्तर का पता चलता है. उस समय ये देखना खास होगा कि पीएम मोदी बतौर प्रधानमंत्री 2029 में वो प्रतिनिधित्व करेंगें या नहीं. कुंडली में इस प्रकार के योग के निर्माण से यह अनुमान लगाया जा सकता है कि क्या प्रधानमंत्री मोदी 2029 के लोक सभा चुनावों के बाद सन्यास लेने का निर्णय लेंगे।

विशेषताएं और शक्तिशाली योग

  • लग्न में चंद्र और मंगल – चंद्र-मंगल का यह योग अत्यधिक प्रभावशाली माना जाता है. यह योग व्यक्ति को नेतृत्व कौशल, ऊर्जा, और लोकप्रियता प्रदान करता है.
  • सूर्य, शनि और शुक्र का दशम भाव में होना – सूर्य का 10वें भाव में होना मोदी जी को एक सक्षम प्रशासक और नेतृत्वकर्ता बनाता है.
  • बुध का उच्च स्थान (कन्या में) – यह वाक्पटुता, रणनीतिक सोच और तर्कशक्ति का प्रतीक है.
  • गुरु का नवम भाव में होना – यह भाग्य और धर्म से संबंधित एक शुभ योग है, जो उन्हें जनता का विश्वास और उच्च पद दिलाता है.
  • केतु और बुध का योग (11वें भाव में) – यह बुद्धिमत्ता और गहरी अंतर्दृष्टि का संकेत देता है.

नरेंद्र मोदी की कुंडली से संबंधित कुछ रोचक जानकारी

  • उनका राजयोग अत्यंत प्रबल है, जिसके कारण उन्होंने जीवन की अनेक चुनौतियों के बावजूद सफलता की ऊंचाइयों को प्राप्त किया.
  • सूर्य और शनि की युति उनके जीवन में संघर्ष और विरोधाभास को दर्शाती है, लेकिन इसी से उन्हें शक्ति भी प्राप्त होती है.
  • उनकी कुंडली में पराक्रम, दृढ़ संकल्प, और संगठनात्मक क्षमता स्पष्ट रूप से परिलक्षित होती है.

डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी इंटरनेट के माध्यम से कुंडली निकाल कर ली गई है. प्रभात खबर इस खबर को लेकर पुष्टि नहीं करता है

विज्ञापन
शौर्य पुंज

लेखक के बारे में

By शौर्य पुंज

मैं धर्म, ज्योतिष और आध्यात्मिक विषयों पर लेखन में विशेषज्ञता रखता हूं. हस्तरेखा शास्त्र, राशिफल, ग्रह-नक्षत्र, धार्मिक परंपराओं और पौराणिक कथाओं से जुड़े विषयों पर मेरी विशेष रुचि और गहरी समझ है. रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज से मास कम्युनिकेशन में स्नातक करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया और कंटेंट राइटिंग के क्षेत्र में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव हासिल किया है. धर्म और ज्योतिष के अलावा एंटरटेनमेंट, लाइफस्टाइल और शिक्षा जैसे विषयों पर भी लगातार लेखन करता रहा हूं. मेरी कोशिश रहती है कि जटिल विषयों को आसान, रोचक और भरोसेमंद तरीके से पाठकों तक पहुंचाया जाए.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola