CM हेमंत सोरेन ने ED को सौंपा अपनी संपत्ति का ब्योरा, अवैध खनन मामले में पूछताछ के दौरान मांगी थी जानकारी

17 नवंबर को ईडी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से अवैध खनन मामले में पूछताछ की थी. लगभग 10 घंटों तक की गयी पूछताछ के दौरान ईडी ने उनकी संपत्ति की जानकारी मांगी थी.
Jharkhand News: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपनी संपत्ति का ब्योरा प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को सौंप दिया है. हालांकि, श्री सोरेन द्वारा दिये गये ब्योरे को ईडी ने गोपनीय बताते हुए उसकी जानकारी देने से इनकार किया है. ईडी के अधिकारियों ने कहा कि ब्योरे की जांच अभी नहीं की गयी है. जांच के बाद ही मामले में कुछ कहा जा सकता है. श्री सोरेन के चुनावी हलफनामा और ईडी को दिये गये ब्योरे में अंतर होने या दोनों के एक ही होने पर भी अधिकारियों ने कुछ कहने से इनकार कर दिया.
गौरतलब है कि इसी वर्ष 17 नवंबर को ईडी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से अवैध खनन मामले में पूछताछ की थी. लगभग 10 घंटों तक की गयी पूछताछ के दौरान ईडी ने उनकी संपत्ति की जानकारी मांगी थी. दिल्ली से आये ईडी के वरीय अधिकारियों ने श्री सोरेन से अवैध खनन और मनी लाउंड्रिंग से जुड़े कई विषयों पर सवाल किये थे.
उनसे अवैध खनन रोकने के लिए किये गये कार्यों की जानकारी ली गयी थी. मुख्यमंत्री से उनके आर्थिक स्रोत, संपत्ति और बैंक खातों के बारे में भी पूछा था. पंकज मिश्रा को अवैध खनन के लिए संरक्षण देने और उसके न्यायिक हिरासत में रहते हुए मोबाइल फोन का इस्तेमाल करने के मामले में भी मुख्यमंत्री से पूछताछ की गयी थी.
ईडी के अधिकारियों ने प्रेम प्रकाश के ठिकाने पर मिले एके 47 और मुख्यमंत्री पद पर रहते हुए खनन पट्टा लेने से संबंधित मामलों पर भी श्री साेरेन से सवाल किया था. हालांकि, ईडी ने अब तक अवैध खनन और मनी लांड्रिंग मामले में मुख्यमंत्री से हुई पूछताछ में मिले तथ्यों का खुलासा नहीं किया है.
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि उग्रवाद और अपराध जैसी चुनौतियों का सामना करने के लिए पूरे झारखंड की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जायेगा. इसके लिए विशेष प्रशिक्षित जवानों की टीम तैयार की जायेगी. बदलते परिवेश में जवानों को विशेष रूप से प्रशिक्षित करने की योजना है. इसे अमलीजामा पहनाने के लिए सरकार कटिबद्ध है. मुख्यमंत्री श्री सोरेन मंगलवार को लेस्लीगंज जैप-8 के मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम में बोल रहे थे.
श्री सोरेन ने कहा कि झारखंड में आइआरबी के जवानों को प्रशिक्षित करने के लिए अलग से कोई व्यवस्था नहीं है. यही वजह है कि लेस्लीगंज में आइआरबी के जवानों को प्रशिक्षण दिया गया है. लेकिन, सरकार इनके प्रशिक्षण के लिए अलग व्यवस्था करेगी. जल्द ही अलग प्रशिक्षण कैंप बनेगा.
पलामू प्रमंडल को अक्सर पिछड़ा कहा जाता है. लेकिन जैप-8 के कैंप में आने के बाद मुझे यह एहसास हुआ कि पलामू की प्रतिभा को निखरने का मौका नहीं दिया गया. राज्य गठन के 20 वर्षों के बाद भी यही स्थिति बनी रही है. लेकिन, अब महागठबंधन की सरकार बदलाव लायेगी और प्रतिभा को निखरने का भरपूर अवसर देगी.
हेमंत सोरेन, मुख्यमंत्री
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar News Desk
यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए




